नीलम रत्न की पहचान कैसे करें – Neelam Ratna Ki Pahchan Kaise Kare

नीलम रत्न की पहचान कैसे करें – Neelam Ratna Ki Pahchan Kaise Kare

 

 नीलम रत्न की पहचान कैसे करें –

नीलम रत्न की पहचान कैसे करें आज का हमारा विषय हैl नमस्कार मित्रों जय भवानी चलिए आज हम इस विषय पर विस्तार से चर्चा करते हैं, और जानते हैं, कि नीलम रत्न की पहचान कैसे कर सकते हैं-

नीलम रत्न जीसे प्रकृति के द्वारा हमें विभिन्न प्रकार की जो परेशानियां शनि ग्रह के द्वारा दी जाती हैl उन सभी परेशानियों को प्रतिकूल परिस्थितियों से अनुकूल परिस्थितियों में लाने के लिए यह रत्न दिया गया है, यह एक बहुमूल्य रत्न है, जो कि शनि ग्रह के दुष्प्रभाव को कम करने में सक्षम होता है, तथा प्रकृति द्वारा प्रदत यह एक अनमोल उपहार हैl शनि ग्रह जिसे पापी तथा क्रूर ग्रह के नाम से भी जाना जाता है।

इस मद में केवल हमारा भारतीय ज्योतिष विज्ञान ही नहीं बल्कि पाश्चात्य ज्योतिष विज्ञान भी शनि ग्रह को लेकर विभिन्न प्रकार की बातें बताता है, जिसमें से अत्यधिक बातें नकारात्मक ही होती है, पाश्चात्य ज्योतिष विज्ञान में भी शनि ग्रह को दुख ,पीड़ा, कष्ट आदि के लिए संबोधित किया जाता है, किंतु वास्तविकता कुछ और ही है।

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यह ग्रह कभी भी किसी को भी बिना वजह दंडित नहीं करता lयह आपका आचरण निर्धारित करता है, कि आप शनि ग्रह के कृपा पात्र हैं अथवा दंड के पात्र हैंl आपके जीवन में आपके द्वारा किए गए विभिन्न कर्मकांड निर्धारित करते हैं, कि आपके जीवन में आने वाली सफलता को आप आसानी से प्राप्त करेंगे या शनि ग्रह के द्वारा विभिन्न खराब परिस्थितियों से गुजर कर आप सफलता प्राप्त करेंगे।

आपके कर्म ही इनकी कृपा दृष्टि या कुदृष्टि को निर्धारित करता है, गरीब वर्ग के लोग मजदूर वर्ग के लोग, संगठन, समिति समाज आदि सभी का प्रतिनिधित्व शनि ग्रह करते हैं lयह उचित न्याय करने के लिए जाने जाते हैं, आपके पास भले ही कितने भी रुपए पैसे हो किंतु यदि शनि की कुदृष्टि पड़ गई तो आपको राजा से रंग बनने में अधिक समय नहीं लगेगा lप्रकृति के द्वारा इस ग्रह की संरचना संतुलन स्थापित करने के लिए की गई है l

शनि ग्रह को न्याय प्रिय देवता कहा गया है, यह जब आपके कर्मों का हिसाब करते हैं, तब आपके द्वारा की गई छोटी से छोटी अच्छी हो या बुरी कर्मों का लेखा जोखा तैयार करके आपको दंड या पुरस्कार देते हैंl भूलकर भी किसी मजदूर वर्ग या गरीब वर्ग या किसी भी असहाय व्यक्ति को परेशान नहीं करना चाहिएl उसका उपहास नहीं उड़ाना चाहिए।

उसके साथ ठगी नहीं करना चाहिए, अन्यथा शनि ग्रह की कुदृष्टि आप पर बहुत जल्द पड़ने लगती है, तथा आपके द्वारा किया गया किसी का अपमान ठगी सभी का बदला सूद समेत शनि ग्रह वसूलते हैंl नीलम रत्न शनि ग्रह के द्वारा दी जा रही कष्टों को दुखों को बहुत हद तक कम करने में सक्षम होता है, तो आइए जानते हैं, असली नीलम रत्न की पहचान कैसे करें-

नीलम रत्न की पहचान कैसे करें-

1.नीलम रत्न की संरचना ठोस होती है-

नीलम रत्न यदि असली हुआ तो उसके अंदर विभिन्न प्रकार की बिंदु ,आकृतियां, रेखाएं आदि मौजूद रहेगी कभी भी उसमें पूरी तरह से पारदर्शिता नहीं रहती है, जबकि यदि कोई मानव निर्मित नीलम रत्न हुआ तो उसके अंदर आपको बिल्कुल स्वच्छता से चीजें नजर आएंगी एवं पूरी पारदर्शिता बनी रहेगीl सर्वोत्तम नीलम रत्न का वजन नकली नीलम रत्न से ज्यादा होगाl भले ही देखने में सर्वोत्तम नीलम रत्न नकली नीलम रत्न से छोटा हो, किंतु जब आप वजन करेंगे तो पाएंगे कि असली नीलम रत्न का वजन नकली नीलम रत्न से कहीं ज्यादा अधिक हैl

2.नीलम रत्न की चमक-
असली नीलम रत्न की चमक कई गुना अधिक होती है, नकली नीलम रत्न के चमक से जब सूरज की किरने असली नीलम रत्न पर पड़ती है, तब उसके चारों और नीली प्रकाश किक में फैल जाती है जबकि मानव निर्मित नीलम रत्न में ऐसा कुछ नहीं होताl

3. नीलम रत्न का त्वरित प्रभाव
यदि आपके द्वारा धारण किया गया नीलम रत्न असली है, तो अपना प्रभाव त्वरित गति से दिखाएगा तथा आपके जीवन में विभिन्न पहलुओं पर आपको सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे आप में शारीरिक बदलाव के साथ साथ धैर्य ,बौद्धिक क्षमता का विकास मन में असीम शांति का आभास दिखाई देने लगेंगे किंतु यदि नकली नीलम रत्न हुआ तो आपको यह सारे प्रभाव नदारद होगाl

4.घनत्व-
श्रेष्ठतम नीलम रत्न का घनत्व नकली नीलम रत्न के घनत्व से कई गुना अधिक होता है l

5.धन संपदा-
श्रेष्ठ नीलम धारण करने से आपके जीवन में रुपयों पैसे संबंधित परेशानियां जो चली आ रही थीl उनका बहुत जल्द निपटारा होने लगता है, तथा आप आर्थिक रूप से मजबूत होने लगते हैं lधन संचित होने लगता है, तथा आपके जीवन में भौतिक सुख साधनों की कमी भी नहीं रहतीl

6. रंग- असली नीलम रत्न देखने में बहुत ही चमकीला होता है, तथा उसका रंग मोर के पंख के समान होता है, एवं अपराजिता पुष्प के रंग के समान होता है, इसका रंग बहुत ही मनमोहक होता हैl

7. अपना रंग छोड़ना- बहुत से लोगों का मानना होता है, की यदि शुद्ध नीलम रत्न को गाय के शुद्ध दूध में रखा जाए तो गाय का दूध का रंग सफेद से मिला हो जाता हैl

8. शुद्ध नीलम रत्न धारण करने से आपके व्यक्तित्व में एक गजब का आकर्षण दिखना शुरू हो जाता है तथा आप में वाकपटुता के लक्षण दिखने लगते हैं, जिसकी वजह से लोग आपकी और काफी आकर्षित होते हैं, तथा आपका समाज में नाम प्रतिष्ठा आदि खूब बढ़ता हैl

9.यह रत्न गरम प्रवृत्ति का होता है, इसी वजह से यदि आप इसे अपनी मुट्ठी में जोर से दबा कर रखेंगे तो आपके रक्तचाप काफी बढ़ जाता है, तथा आपको गर्मी का एहसास होता हैl हवा में मौजूद विभिन्न प्रकार की धूल कल छोटी-छोटी लकड़ी आदि इसमें चिपक जाती है, जब इसके स्पर्श में आती हैl

आशा है, आप सभी लोगों को मेरे द्वारा दी गई जानकारी आप लोगों को अच्छी लगी होगी फिर भी कोई त्रुटि रह गई होगी तो उसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं आप सभी लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद।

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