नीलम रत्न पहनने के लाभ – Neelam Ratna Pahanne Ke Labh

नीलम रत्न पहनने के लाभ – Neelam Ratna Pahanne Ke Labh

 

 नीलम रत्न पहनने के लाभ –

नीलम रत्न पहनने के लाभ- आज का हमारा विषय है lजय श्री राम नमस्कार मित्रों आज हम जानेंगे नीलम रत्न पहनने के क्या-क्या लाभ हमें प्राप्त हो सकते हैं-

प्रकृति की सबसे अद्भुत संरचना है, मानव, जिसे प्रकृति ने हर चीज से परिपूर्ण किया है, ताकि वह अपनी जिंदगी आसानी से ही सके एवं जीवन का आनंद उठा सकें, किंतु हम मनुष्य की यह आदत होती है, कि यदि कोई चीज आसानी से हमें प्राप्त हो जाती है, तो हम उसकी कदर नहीं करते हैं, इसलिए प्रकृति हमारे इस व्यवहार से भली -भाति परिचित है, तभी तो सबसे पहले हर व्यक्ति की परीक्षा होती है।

जीवन के विभिन्न आयाम पर तब जाकर उन्हें सफलता प्राप्त होती है, ताकि जिस सफलता को वह प्राप्त कर रहे हैंl उसका मान सम्मान कद्र आदि करें तथा दूसरे लोगों के मेहनत का भी कद्र करें और हर एक मनुष्य का आदर सम्मान करें, चाहे वह जिस भी आयु वर्ग या अपने जीवन यापन करने के लिए कोई भी कार्य कर रहा हो।

इसे भी पढ़े:- अमेरिकन डायमंड क्या है?

पृथ्वी पर संतुलन बनाएं रखने के लिए प्रकृति के द्वारा शनि ग्रह की रचना की गई है, जिसे कर्म फल दाता के नाम से भी जाना जाता है, ऐसा मानना है, कि यह दंड तथा पुरस्कार दोनों ही मानव को प्रदान करते हैंl शनि ग्रह के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए लोगों के द्वारा नीलम रत्न धारण किया जाता हैl ऐसा माना जाता है, कि नीलम रत्न धारण करने से शनि ग्रह के दुष्प्रभाव विफल हो जाते हैं।

इस रत्न का रंग नीला होता इसलिए नीलम के नाम से जानते हैंl शनि ग्रह को छाया ग्रह के नाम से भी जाना जाता हैl नीलम रत्न शनि ग्रह का मुख्य रत्न होता है, तथा यह शनि ग्रह के विभिन्न प्रभावों को संतुलित कर शुभ लाभ प्राप्त करने में हमारी मदद बहुत हद तक करता है।

 शनि ग्रह को मारक ग्रह के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इस ग्रह के बारे में ऐसा बहुत से लोगों का मानना है, कि यह ग्रह दुख, पीड़ा ,कष्ट ,विवाद बीमारी आदि को निरूपित करता है, किंतु इस भ्रांति के उलट शनि ग्रह केवल आपके या मेरे कर्मों का फल देता है, ना शनि ग्रह किसी का दोस्त होता है ना ही किसी का दुश्मन होता है।

शनि ग्रह को सूर्य देव का पुत्र माना जाता है, किंतु ऐसा शास्त्रों में वर्णित है, कि सूर्य देव तथा शनि देव में कभी भी पिता पुत्र के भाती अच्छे प्रेम संबंध नहीं हो पाए इसी वजह से दोनों की आपस में कभी भी नहीं बनती है इसलिए हमारे शास्त्रों में भी वर्णित है, कि शनिदेव की पूजा अर्चना भी सुबह सूर्य उदय से पहले किया जाता हैl पीपल आदी में जल देकर अथवा संध्या में सूर्य अस्त होने के पश्चात पीपल आदी वृक्ष की पूजा शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए किया जा सकता है।

तो आइए चलते हैं और जानते हैं नीलम रत्न पहनने के क्या क्या लाभ हो सकते हैं-

नीलम रत्न पहनने के लाभ-

इसे भी पढ़े :- लाजवर्त स्टोन के फायदे

1. बहुत से लोग सफलता प्राप्ति के लिए निरंतर बहुत प्रयास करते हैंl अपना लक्ष्य पाने के लिए रात्रि की निद्रा तक को त्याग देते हैंl ऐसे में यदि उनके द्वारा नीलम रत्न धारण किया जाता है, और यदि यह रत्न उनके अनुकूल प्रभाव देना चालू करता है, तो उन्हें आकस्मिक सफलता प्राप्त होती है, तथा त्वरित गति के साथ उनके लक्ष्य को प्राप्त करने की क्षमता बढ़ जाती है।

2. नीलम रत्न धारण करने से आपके कार्यप्रणाली में सुधार आती है, तथा आप कोई भी कार्य धैर्य पूर्वक करते हैं, जिससे उसमें सफलता प्राप्ति के योग बहुत गुना बढ़ जाता है।

3. नीलम रत्न धारण करने से रचनात्मक तथा बौद्धिक विकास बहुत ही तीव्र गति से होता है, जिससे आप नई -नई खोज ,नए नए प्रोजेक्ट ,अविष्कार आदि में खुद को व्यस्त रखते हैं, तथा इन सब चीजों में आप सफलता भी प्राप्त करते हैं lनीलम रत्न धारण करने से आप में खोजी प्रवृत्ति जागृत होती है, जिससे आप चीजों को बहुत ही बारीकी से समझने का प्रयास करते हैं, तब जाकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचते हैं।

4.नीलम रत्न धारण करने से आपको तनाव से मुक्ति मिलती है, तथा जो लोग अवसाद के शिकार होते हैं, या विभिन्न प्रकार की मानसिक उलझन में उलझ कर अपना जीवन बर्बाद कर लेते हैंl ऐसे में यदि उनके द्वारा नीलम धारण किया जाता है, तो उनको एक जीने की दिशा मिल जाती है, तथा विभिन्न प्रकार की अटकलों से खुद को निकालकर अपना ध्यान एक जगह केंद्रित कर अपने जीवन में आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं, जिससे आगे का जीवन काफी सुगम बनता है।

5. नीलम रत्न आपको भावनात्मक रूप से तथा मानसिक तौर पर भी बहुत मजबूत बनाता है, जिससे आप विभिन्न प्रकार के लोगों के अवस्थाओं को समझ बूझ कर अपने कार्य प्रणाली में बदलाव लाकर सफलता को प्राप्त कर सकते हैं lमानसिक मजबूती तथा भावनात्मक रूप से मजबूती आपको आपके लक्ष्य में आने वाले विभिन्न आयामों पर भटकने नहीं देता।आपका ध्यान एक जगह केंद्रित रहता है, जिससे सफलता प्राप्त करने का प्रतिशत बहुत बढ़ जाता है।

इसे भी पढ़े:- असली नीलम की पहचान कैसे करें, और कहा से खरीदे?

6. नीलम रत्न धारण करने से बहुत सी बीमारियों से भी निजात मिलता है, जैसे किडनी संबंधित बीमारियां ,आंखों संबंधित बीमारियां, उदर संबंधित बीमारियां आदि, मिर्गी आदि

7. इस रत्न को धारण करने के पश्चात तीव्रता के साथ आपके अंदर काफी सारे बदलाव देखने को मिलते हैंl चाहे वह बदलाव आंतरिक हो या फिर बाहरी हो l शरीर सुंदर बलवान होता है तथा बौद्धिक विकास भी बढ़ जाता हैl जिससे मान-सम्मान भी आपको प्राप्त होता है lसमाज में पद प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होती है।

इसे भी पढ़े:- हरा हकीक स्टोन के फायदे 

8. रोजी रोजगार संबंधित परेशानियां जिन लोगों के जीवन में आती रहती है, तथा उनका जीवन अस्थिरता से भरा हुआ रहता है, और उनके द्वारा यदि नीलम रत्न धारण करता किया जाता है, तो उन्हें अप्रतिम रूप से लाभ प्राप्त होता है, तथा रोजगार संबंधित सारी परेशानियां दूर होती है।

9. नीलम रत्न धारण करने के पश्चात जातक के जीवन में आ रही विभिन्न परेशानियों के साथ-साथ आर्थिक परेशानियों का भी दमन होता है lरुपयों पैसे की कमी नहीं रहती तथा भौतिक सुख में भी वृद्धि होती है, तथा ऐसे जातक धन संचित करने में बहुत आगे रहते हैं,जमीन जायदाद घर का आदि भी खरीदने में सक्षम होते हैं।

आशा है, आप सभी लोगों को यह लेख पसंद आया होगा तथा नीलम रत्न पहनने के लाभ के बारे में जानकारी प्राप्त हो गई होगी धन्यवाद।

आप भी अभिमंत्रित किया हुआ नीलम रत्न प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे नवदुर्गा ज्योतिष केंद्र से पंडित जी द्वारा अभिमंत्रित किया हुआ नीलम रत्न मात्र – 300 और 600₹ रत्ती मिल जायेगा जिसका आपको लैब सर्टिफिकेट और गारंटी के साथ में दिया जायेगा (Delevery Charges free) Call and WhatsApp on- 7567233021

 

Leave a Reply