नीलम रत्न की पहचान इन हिंदी – Neelam Ratna Ki Pahchan in Hindi

नीलम रत्न की पहचान इन हिंदी – Neelam Ratna Ki Pahchan in Hindi

 

नीलम रत्न की पहचान इन हिंदी- Neelam

 Ratna Ki Pahchan in Hindi

नीलम रत्न (Original neelam ki pahchan kaise karen in hindi) जोकि प्रकृति द्वारा प्रदत्त में एक बहुमूल्य उपहार है l नीलम रत्न शनि ग्रह का रत्न है। नीलम रत्न हमें शनि ग्रह के प्रकोप से बचाता हैl नीलम रत्न बहुत ही महंगा मिलता हैl भारत में सबसे बेहतरीन नीलम रत्न जम्मू कश्मीर के कारखानों में पाया जाता है, और ऐसा माना जाता है, की आज के दौर में यह रत्न इस कारखाने से भी प्राप्त करना नामुमकिन है, और यदि मिल भी जाए तो उसकी कीमत इतनी अधिक होगी कि यह आम इंसान के पहुंच से बहुत दूर होगीl इसका मूल्य बहुत अधिक होगा, जिसे कुछ चंद लोग ही जो बहुत अमीर होगे, वही प्राप्त कर सकते हैं, ऐसे में विकल्प के रूप में विभिन्न जगहों से नीलम रत्न प्राप्त किया जाता है, जिससे यह रत्न हर किसी के पहुंच में हो तथा इस रत्न का लाभ उठा कर वह अपना जीवन सवार सके।

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 नीलम रत्न (Asli neelam ki pehchan) शनी ग्रह से संबंधित होता है, तथा इसमें विविध प्रकार की विशेषताएं विद्मान होती है, तथा जिस भी जातक के द्वारा यहां धारण किया जाता हैl उसके दिन पलटने की क्षमता इस अप्रतिम रूप में मौजूद होता है l शनि एक ऐसे ग्रह है जो किसी को भी कोई भी चीज यदि आशीर्वाद के रूप में देते हैं, तो पहले जातक के द्वारा बहुत कड़ी परिश्रम करा कर उसे उस सफलता की कद्र करना सिखाते हैं, तब जाकर उसे एक सफल व्यक्तित्व वाले व्यक्ति के रुप में समाज के लोग जानते हैं, जिन लोगों को कार्यों को टालने की आदत होती है, तथा उनमें आलस पण भरा रहता हैl ऐसे लोगों पर शनि ग्रह की कुदृष्टि हमेशा बनी हुई रहती है, क्योंकि शनि ग्रह को आलसी लोग बिल्कुल भी पसंद नहीं है, शनि ग्रह कर्मठ, मेहनती लोग के ऊपर बहुत मेहरबान होते हैं।

ज्योतिष विज्ञान में इतना तक कहा गया है, यदि आपके भाग्य में कोई चीज नहीं लिखा हुआ है, किंतु आप यदि कठिन परिश्रम करते हैं, उस चीज को पाने के लिए जी जान लगा देते हैं, तब ऐसे में आप शनि देव की कृपा के पात्र बनते हैं, तथा आपको आपका मनवांछित फल प्राप्त होता है, इसीलिए ऐसा कहा ही गया है, कि मेहनत से हम अपने भाग्य को बदल सकते हैं।

(blue sapphire ki pehchan in hindi) शनि देव को कर्म फल दाता के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यह हमारे कर्मों का हिसाब करके ही हमें दंड या पुरस्कार देते हैं, ऐसा माना जाता है, कि जिस किसी पर शनिदेव मेहरबान हो जाते हैं, उसके किस्मत के द्वार खुल जाते हैंl उसके जीवन में कोई ऐसा कार्य नहीं रहता जो वह नहीं कर सकता, उसमें विभिन्न प्रकार के बदलाव आने लगते हैं।

बौद्धिक क्षमता का विकास होने लगता है, तथा उसका व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली होता है कि हर कोई उसकी ओर आकर्षित होता है, तथा समाज में पद प्रतिष्ठा में भी उन्नति होती है lउसमें धैर्य शक्ति इतनी अधिक होती है, कि लोग उसके इस गुण से बहुत अधिक प्रभावित होते हैंl वाकपटुता में निपुण विभिन्न प्रकार के कौशलों का स्वामी होता है, वह व्यक्ति जिस पर शनिदेव की कृपा दृष्टि रहती है, निर्णय लेने की क्षमता आदि भी बहुत मजबूत होती है, जटिल से जटिल परिस्थिति में भी उसके दृढ़ संकल्प को हिलाना नामुमकिन होता है, तथा उसके निर्णय शक्ति के आगे सब नतमस्तक रहते हैं, किंतु यदि किसी पर इनकी कुदृष्टि पड़ जाती है, तो सबसे पहले उस इंसान की बुद्धि छींन्न हो जाती है।

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सोचने समझने की शक्ति खत्म होने की वजह से वह इंसान हमेशा उलझन भरी जिंदगी जीने लगता है, उसे लक्ष्य धुंधला दिखाई देने लगता है, किसी भी चीज पर स्थिर नहीं रह पाता lनिर्णय लेने की क्षमता आदि भी समाप्त हो जाती है lहर चीज में वह दूसरे लोगों पर निर्भर होने लगता है, तथा समाज में उसकी कोई मान मर्यादा इज्जत आदि नहीं रह जाती है, वह खुद के ख्यालों में इतना खो जाता है, कि बहुत समाज से काफी खुद को अलग-थलग पाता है lभावनात्मक स्तर पर भी बहुत अधिक कमजोर पड़ जाता है, अपने ही लोगों के द्वारा उसे मानसिक प्रताड़ना दी जाती है। ऐसे में नीलम रत्न (Neelam Ratna Ki Pahchan in Hindi) किसी जादू से कम काम नहीं करता आइए जानते हैं नीलम रत्न की पहचान कैसे करें-

1. सर्वोत्तम नीलम रत्न (Original neelam ki pahchan kaise karen) का घनत्व बहुत अधिक होता है, जबकि मानव निर्मित नीलम रत्न का घनत्व अधिक नहीं होता, भले ही वह देखने में बड़ा हो किंतु जब आप मानव निर्मित तथा असली नीलम रत्न दोनों का वजन करेंगे, तो आप पाएंगे कि असली नीलम रत्न का वजन नकली नीलम रत्न के वजन से अधिक होता है, बावजूद इसके कि असली नीलम रत्न नकली नीलम रत्न से छोटे आकार का होता है।

2. असली नीलम रत्न के अंदर विभिन्न प्रकार के प्राकृतिक तौर पर उसमें विभिन्न प्रकार की आकृतियां ,रेखाएं ,बिंदु आदि मौजूद रहता है, जबकि नकली नीलम रत्न पूरी तरह से पारदर्शी होता है।

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3.नीलम रत्न (Asli neelam pathar ki pehchan) की यह खासियत होती है, कि यह गर्म प्रवृत्ति का होता है lइसे हाथों में लेकर रगड़ने से गर्मी का एहसास होता है, जबकि नकली नीलम रत्न को रगड़ने से ऐसा कुछ प्रभाव हमें देखने को नहीं मिलता है।

4. असली नीलम रत्न (Original neelam stone ki pehchan) देखने में चमकदार एवं मोर के पंख के रंग के समान नीला होते हैं, तथा अपराजिता पुष्प के रंग से भी इनका रंग बहुत हद तक मिलता है, एवं जब सूर्य की किरणें इस पर पड़ती है, तब इसके चारों ओर नीली किरने दिखाई देने लगती है।

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5. सर्वोत्तम नीलम रत्न को यदि शुद्ध दूध में रखा जाए तो दूध का रंग नीला दिखाई देने लगता है।

6. असली नीलम रत्न (Original neelam stone ki pehchan in hindi) के अंदर ध्यान से देखने पर हमें दो पड़ते दिखाई देती है, जो हमेशा एक दूसरे के समानांतर होती है, एवं जब भी इस पर प्रकाश पड़ता है, तो हमें नीली रोशनी का आभास होता है।

7. नीलम रत्न (blue sapphire ki pehchan kaise karen) यदि असली होगा तो वह अपना प्रभाव तुरंत ही दिखाना शुरू कर देता है, आपके जीवन में विभिन्न पहलुओं पर बदलाव आपको देखने को मिल जाएंगे, जो कि सकारात्मक बदलाव होगा किंतु यदि नीलम रत्न नकली हुआ, तो उसके परिणाम आपको संभवतः मिलेगा या नहीं यह कहना बहुत मुश्किल है।

आशा है, आपको नीलम रत्न के बारे में जानकारी अच्छी लगी होगी एवं यह लेख आपको बहुत पसंद आया होगा, आप सभी लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद।

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