नीलम रत्न के नुकसान – Neelam Ratna Ke Nuksan

नीलम रत्न के नुकसान – Neelam Ratna Ke Nuksan

 

 नीलम रत्न के नुकसान – Neelam Ratna Ke

 Nuksan

नीलम रत्न के नुकसान आज का हमारा विषय हैl जय भवानी नमस्कार दोस्तों आज हम नीलम रत्न के नुकसान के बारे में जानने का प्रयास करेंगे

नीलम रत्न (neelam ratna ke nuksan in hindi) एक ऐसा रत्न है, जो किसी को भी रंग से राजा बनाने में सक्षम होता है, किंतु यदि किसी को नीलम अगर नहीं धारता है, तो उसे बहुत सी विपत्तियों का सामना करना पड़ता है, नीलम जिसे शनि ग्रह का रत्न कहते हैं lप्रकृति के द्वारा हमें विभिन्न समस्याओं को यदि दिया गया है, तो उनके समाधान को भी दिया गया है, जैसे -हमारे ज्योतिष शास्त्रों में नौ ग्रह तथा उनके दो उपग्रह है, इन सभी ग्रहों तथा उपग्रहों का हमारे जीवन में गोचर होते रहता है, ऐसे में इनके परिणाम कभी-कभी हमें बहुत शुभ प्राप्त होते हैं, तो कभी-कभी बहुत ही अशुभ प्राप्त होते हैं l

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इसी अशुभ ता को दूर करने के लिए प्रकृति द्वारा विभिन्न रत्नों को हमें उपहार स्वरूप दिया गया है, जो हमें विभिन्न परेशानियों में अनुकूल लाभ देने के लिए विद्वत है, जैसे -पुखराज गुरु ग्रह का रत्न है, गोमेद राहु उपग्रह का रत्न है, पन्ना शुक्र ग्रह का रत्न हैl उसी प्रकार नीलम जोकि शनि ग्रह का एक रत्न (neelam ratna ke fayde aur nuksan) है। शनि जिसे दुख द्वेष मार्गी आदि का कारक माना जाता है, किंतु यह बात बिल्कुल भी सत्य नहीं है, शनि ग्रह ना कभी किसी का शत्रु होता है, ना कभी किसी का मित्र होता है।

प्रकृति के द्वारा उसकी संरचना केवल सृष्टि में संतुलन बनाने के लिए रचा गया है, इसलिए इस ग्रह का प्रभाव से अच्छे अच्छे लोगों में काफी डर का माहौल बना रहता है, क्योंकि यह आपके कर्म का फल देने वाला ग्रह है, और जब कर्मों का फल देने की बारी आती है, तब शनि के प्रकोप से कोई भी नहीं बच सकता है lशनि ग्रह यदि देने पर आए तो आपको रंक से राजा बनने में समय नहीं लगेगा, किंतु यदि आपके कर्म अच्छे नहीं है, तो आपके दुर्दिन लाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

शनि ग्रह मेहनत मजदूरी करने वाले लोगों असहाय लोगों ,संगठन ,समिति, समाज खोज आदि को निरूपित करता है lशनि देवता के बारे में ऐसा माना जाता है, कि वह सूर्य देव के पुत्र हैं, किंतु सूर्य देव और इनमें बिल्कुल भी नहीं बनती हैl जहां सूर्य को भी रोजी रोजगार देने वाला तथा सरकारी पदों पर कार्यरत होने वाला बताया जाता है, वही बिना शनि ग्रह के अनुकूल दृष्टि के यह संभव हो पाना बहुत ही मुश्किल कार्य है, जिन लोगों की शनि की साढ़ेसाती ,शनि की ढैया और शनि की महादशा चलती है।

उन लोगों को बहुत ही ज्यादा जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, बिना मतलब के लड़ाई झगड़े आदि विविध मामलों में केवल इनका दिमाग उलझा रहता है और वह खुद को सामाजिक और भावनात्मक भावनात्मक स्तर पर काफी अकेला महसूस करते हैंl शनि ग्रह के प्रकोप से कोई भी नहीं बच सकता, तभी तो प्रकृति ने इन्हें पृथ्वी पर संतुलन स्थापित करने के लिए रचा हैl तो आइए जानते हैं, नीलम रत्न के क्या क्या नुकसान हो सकते हैं-

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नीलम रत्न के नुकसान-

1. नीलम धारण करने के पश्चात आपको यदि मन में काफी बेचैनी महसूस हो रही है, तो इसका अर्थ है, कि आपको नीलम रत्न (neelam ratna ke labh aur hani) शुभ फल नहीं दे रहा है, इसको तुरंत ही उतार दे अन्यथा परिणाम बहुत भयानक हो सकते हैं।

2. मानसिक अवसाद से पीड़ित लोगों को यदि यह रत्न अशुभ फल देगा तो इस रत्न का दुष्प्रभाव और अधिक बढ़ जाता मानसिक तौर पर बीमार व्यक्ति और अधिक अवसाद में चला जाता है तथा सोचने समझने की शक्ति पूरी तरह छिन्ना हो जाती हैl कभी-कभी यह बहुत घातक स्तर पर भी पहुंच जाता है, जिसमें रोगी आत्महत्या तक कर सकता हैl

3. यदि आपकी कुंडली में शनि का केतु के साथ किसी भाव में संबंध बना रहा है, और आपके द्वारा नीलम रत्न (blue sapphire stone benefits) धारण किया गया है, तो ऐसे में आपको उत्सर्जन प्रणाली संबंधित विभिन्न प्रकार के रोगों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे -किडनी संबंधित बीमारियां या गर्भाशय संबंधित बीमारियां या पथरी आदि भी आपको हो सकता हैl

4. यदि शनि का राहु के साथ आपकी कुंडली में कोई योग बन रहा है, और उस स्तर में आपके द्वारा नीलम रत्न (blue sapphire stone benefits in hindi) धारण किया गया है, तो आपको उदर संबंधित या गुप्तांगों संबंधित ,लीवर संबंधित परेशानियां भी आपको हो सकती हैl

5. सूर्य के साथ यदि शनि ग्रह के किसी प्रकार की युक्ति बनती है, तो उस परिस्थिति में यदि किसी के द्वारा नीलम रत्न (blue sapphire ratna ke fayde our nuksan) धारण किया गया है, तो उसकी अकाल मृत्यु संभव है, या उसके जीवन में बहुत बड़ा भूचाल आना भी संभव है।

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6. सूर्य और शनि की युक्ति जब बनती है, और आपके द्वारा माणिक्य धारण करने के साथ-साथ नीलम रत्न भी यदि धारण कर लिया जाता है, तो ऐसी परिस्थिति में आपके जीवन में अप्रिय घटनाएं कटनी शुरू हो जाती हैl विभिन्न प्रकार के चोट आदि, दुर्घटना, जलने कटने आदि की प्रबल संभावना बनी रहती है, यह आपकी स्थिति को और भी अधिक दयनीय बना सकती हैl अतः नीलम रत्न (blue sapphire ratna ke fayde our nuksan in hindi) धारण करने से पहले किसी अच्छे ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें।

7. शनि यदि किसी की कुंडली में प्रथम भाव में नीच का है, और आपके द्वारा नीलम रत्न (blue sapphire stone) धारण कर लिया गया है, तो उस स्थिति में आप पागलपन के शिकार हो सकते हैंl आपको मानसिक अवसाद की समस्या से जूझना पड़ सकता है lआप अपना ऐसे में होशो हवास खो बैठेंगेl इस परिस्थिति में आप खुद को समाज से अलग-थलग तथा भावनात्मक स्तर पर भी खुद को बहुत अकेला पाएंगे, जिससे स्थिति आपकी भयावह हो सकती है।

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8. यदि यह रत्न आपको धारण करने के पश्चात तुरंत ही किसी भी प्रकार की हानि होती है, तो इसका अर्थ है,कि नीलम रत्न आपके कुंडली के अनुसार अनुकूल नहीं है lजल्द से जल्द इसे उतार दे अन्यथा किसी बड़ी आर्थिक क्षति के शिकार आप हो सकते हैं क्योंकि नीलम रत्न (blue sapphire stone ke nuksan) एक त्वरित रत्न है, जो बहुत जल्द ही परिणाम आपको दिखाता है।

9. यदि नीलम रत्न (Neelam Ratna Ke Nuksan) आपकी कुंडली के अनुसार अनुकूल नहीं हुआ तो आपके कामों में विभिन्न प्रकार से विघ्न पैदा हो सकता है, जिसकी वजह से आपके कार्य बिगड़ते चले जाएंगे या वह कभी भी समय पर पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाएंगेl विभिन्न प्रकार की परेशानियां हमेशा लगी ही रहेगी, जिससे मानसिक तनाव तो बढ़ेगा ही साथ में शारीरिक स्वास्थ्य भी गिर सकता है।

आशा है, आपको यह लेख पसंद आया होगा तथा नीलम रत्न के नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं, उसकी जानकारी भी आपको मिल गई होगी, धन्यवाद।

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