माणिक रत्न का उपयोग – Manik Ratna Ka Upyog

माणिक रत्न का उपयोग – Manik Ratna Ka Upyog

 

माणिक रत्न का उपयोग

माणिक रत्न का उपयोग हमारे रत्न शास्त्र एवं ज्योतिष विज्ञान में व्यापक रूप से बताया गया हैl इसकी जानकारी विस्तृत तौर पर भारतीय ज्योतिष विज्ञान ही नहीं अपितु पूरा विश्व इसके दिव्य चमत्कार से अछूता नहीं है।
माणिक अविश्वसनीय शक्तियो वाला एक रत्न है, जो कि उर्जा के सबसे बड़े स्रोत पूरे ब्रम्हांड के राजा सूर्य देव को समर्पित होता है।

इस रत्न में विद्यमान अलौकिक शक्तियों की वजह से यह रत्न बहुत लोकप्रिय है, तथा इसका उपयोग लोग विभिन्न प्रकार की इच्छाओं को पूर्ण करने के लिए करते हैं, जो निम्न प्रकार से है-

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1. सफलता- जीवन के हरेक चरण में प्रत्येक आयु वर्ग के लोगों की यही इच्छा रहती है। उनके द्वारा की जा रही कार्यों में उन्हें सफलता प्राप्त हो या कुछ ऐसा हो जाए कि जो कार्य वह कर रहे हैं lवह विशिष्ट रूप से विख्यात हो जाए, जिसकी सराहना हर कोई करें सूर्य ग्रह की कृपा से सफलता प्राप्ति की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है, जब माणिक रत्न को उचित विधि विधान से धारण किया जाता है।

2.माणिक रत्न धारण करने से सूर्य से संबंधित विभिन्न प्रकार के क्षेत्रों में जातक को सफलता दिलाने में यह रत्न में बहुत मदद करता है।

3. इस रत्न को धारण करने से जातक के ऊपर सूर्य देव की कृपा दृष्टि सदा बनी रहती है, एवं सूर्य देव जातक के ऊपर बहुत प्रसन्न रहते हैं, जिससे जातक के जीवन में किसी चीज की कमी नहीं होने देते हैं, तथा उनके आशीर्वाद से जातक अपने मनवांछित कार्यों में सफलता प्राप्त करता है।

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4. कई बार ऐसा देखा गया है, कि लोगों के द्वारा कर्मठ होकर मेहनत किया जा रहा है, किंतु फिर भी उसे सफलता प्राप्त नहीं हो पा रही है lयह सफलता उसे उसके कार्यक्षेत्र में या फिर किसी प्रति- स्पर्धा संबंधित परीक्षा में या प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता या फिर पठन-पाठन संबंधित या विद्या अध्ययन संबंधित चीजों में नहीं प्राप्त हो रही है, तो ऐसे में भाग्य को जागृत करने वाला यह रत्न धारण किया जाता है, जिससे जातक के द्वारा किए जा रहे कर्मों का उचित लाभ उसे प्राप्त हो। उसे उचित सफलता प्राप्त हो lउसके द्वारा किए जा रहे प्रयासों का अनुकूल परिणाम उसे जल्द से जल्द प्राप्त हो।

5. कई बार ऐसा देखा गया है, कि जातक बहुत मेहनती है, तथा अपने नौकरी- पेशा, व्यापार, रोजी रोजगार संबंधित चीजों के लिए अथक प्रयास कर रहा है, या अजीविकोपार्जन या धनउपार्जन में कड़ी मेहनत कर रहा है, जिससे उसके जीवन में स्थिरता का भाव नजर आए lउसका जीवन भी थोड़ा सुगम हो जाएl उसके जीवन में जो कठिनाइयां आ रही है, जिसकी वजह से उसका काम धंधा ठीक से नहीं चल पा रहा हैl रोजी रोजगार संबंधित चीजें व्यवस्थित तौर पर नहीं चल रही है, ऐसे में यदि यह रत्न धारण किया जाए तो नौकरी पेशा संबंधित चीजों की समस्या का समाधान इस रत्न को धारण करने से हो जाता है, तथा जातक को यह विभिन्न प्रकार से उसके जीवन पर लाभ प्रदान करता है।

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6. सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले लोगों के लिए यह रत्न किसी वरदान से कम नहीं है। बहुत से ऐसे लोग होते हैं, जो चाहते हैं, कि उनका रोजगार सरकारी विभाग के किसी कार्यालय में हो, जहां वे सरकार के मुलाजिम बनकर अपना कार्य करें तथा अपने कार्यों का निर्वहन कर नाम कमाएंl यदि किसी की ऐसी इच्छा होती है, तो सरकारी विभाग संबंधित चीजों में सफलता प्राप्त करने के लिए उसके लग्न कुंडली के भाव में अवस्थित सूर्य ग्रह का मजबूत होना बहुत आवश्यक होता है, अन्यथा उसके भाग्य में सरकारी नौकरी का प्राप्त होना थोड़ा कठिन कार्य होता है, हालांकि हमारे द्वारा जब भी किसी चीज को पूरी लगन के साथ पाने का प्रयास किया जाता है, तब ईश्वर की कभी न कभी कृपा हम पर जरूर होती है, और उस चीज को हम हासिल कर लेते हैं, किंतु फिर भी कभी-कभी ऐसा भी होता है कि हमें असफलता का मुंह देखना पड़ता है lअतः सूर्य ग्रह की कृपा प्राप्त करने के लिए एवं उन्हें मजबूत करने के लिए यह रत्न धारण किया जाता है, जिससे सरकारी नौकरी प्राप्त किया जा सके या उसमें किसी उचित पद पर प्रतिष्ठित हो सके।

7. कई बार ऐसा होता है, कि जातक की कुंडली में सूर्य ग्रह किसी ऐसे भाव में स्थित होते हैं, जिससे जातक को बहुत कष्ट होता है, या कई बार ऐसा भी होता है, कि जातक की कुंडली में सूर्य ग्रह सुप्त अवस्था में या निष्क्रिय अवस्था में होते हैं, जिसकी वजह से जातक उनकी कृपा से वंचित रह जाता है। एवं सूर्य ग्रह से संबंधित विभिन्न कार्य उसके जीवन में लंबित रह जाते हैं, ऐसी अवस्था में यदि जातक के द्वारा माणिक्य रत्न धारण किया जाता है, तो सूर्य से संबंधित विभिन्न प्रकार के दुष्प्रभाव उसके जीवन से दूर होने लगते हैं, एवं जो जातक इनकी कृपा से वंचित था इस रत्न को धारण करने से सूर्य ग्रह सक्रिय ,हो जाते हैं तथा उनसे संबंधित विभिन्न कार्य जो वर्षो से लंबित थेl उन सभी को यह गति प्रदान करते हैं तथा जल्द से जल्द जातक को विभिन्न आयामों में सफलता दिलाते हैं।

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8. हमारी कामयाबी में सबसे बड़ा भूमिका हमारा व्यक्तित्व निभाता है। यदि आप एक अच्छे व्यक्तित्व वाले व्यक्ति है, तो हर कोई आपकी और आकर्षित होता है तथा आपके भाव को विचारों को समझता है। उसका सम्मान करता है। माणिक रत्न धारण करने से आपके व्यक्तित्व का नवीनतम रूपांतरण होता है, जो कि बहुत आकर्षण पूर्ण होता है, जिसकी वजह से लोग आपकी ओर आकृष्ट होते हैं, तथा आपको कार्यस्थल हो या घर परिवार हर जगह मान सम्मान की प्राप्ति होती है।

9. यह रत्न धारण करने से जातक एक प्रभावशाली व्यक्तित्व वाला व्यक्ति के रूप में निखरता है। वह एक साहसी निर्भीक निडर व्यक्तित्व का स्वामी होता है। सूर्य ग्रहण ऊष्मा का प्रतिरूप है lयह हमारे अंदर किसी चीज को पाने की ललक पैदा करते हैं, तथा यह हमें ऊर्जावान बनाते हैं, जिससे हम किसी कार्य को करने के लिए मन, मस्तिष्क एवं शरीर से पूरी तरह तैयार रहते हैं, तथा जिस भी जिसमें हम कार्यरत रहते हैं lउसमें हम अपने कार्यों का निर्वहन शत-प्रतिशत करते हैंl पूरे कर्मठ होकर उसका निर्वहन करते हैं, जिसकी वजह से हमें मान सम्मान तो प्राप्त होता ही है। इसके साथ- साथ हम स्वर्णिम स्तर की सफलता को प्राप्त करते हैं।

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