पुखराज रत्न के फायदे और नुकसान – Pukhraj Ratna Ke Fayde Aur Nuksan

पुखराज रत्न के फायदे और नुकसान – Pukhraj Ratna Ke Fayde Aur Nuksan

 

पुखराज रत्न के फायदे और नुकसान

पुखराज रत्न के फायदे तथा नुकसान आपको आज हम एक ही जगह पर इस लेख से बताने जा रहे हैं-
बृहस्पति ग्रह को गुरु की उपाधि दी गई हैl इन्हें देवताओं के गुरु से संबोधित किया जाता हैl इनका राशि रत्न होता है, पुखराज, जिसमें इनके गुणों की भरमार होती है। पुखराज रत्न में अलौकिक शक्तियां विद्यमान रहती हैl यह एक अद्भुत रत्न होता हैl इसको देखने में इसका रंग पीला होता है, जो बहुत आकर्षक होता है, तथा हमारे आंखों को बहुत सुकून शीतलता प्रदान करता है lप्रायः यह रत्न दो रंगों में उपलब्ध होता है। एक पीला तो दूसरा सफेद पुखराज और दोनों में ही बहुत से भौतिक गुण के साथ-साथ अलौकिक कोई भी मौजूद रहते हैं, यह एक अमूल्य रत्न है।

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नौ ग्रहों के रत्न हो या उपरत्न सभी में दोनों प्रकार की शक्तियां विद्यमान रहती है। यह केवल हमारी कुंडली पर निर्भर करता है, कि हमें इनकी कृपा प्राप्ति होगी अथवा यह हमारे विरोधी रहेंगे तथा इनके रत्न एवं उपरत्न हमें कैसा परिणाम देंगे यह भी हमारी कुंडली पर निर्भर करेगा।

पुखराज रत्न धारण करने से हमें निम्नलिखित फायदे होते हैं-

1. हमारे जीवन में विभिन्न प्रकार के मांगलिक कार्यों का संपन्न होना गुरु ग्रह की कृपा दृष्टि दर्शाती है। इन्हीं के कृपा से आपके शादी विवाह जैसे पवित्र चीजों का संपन्न होना होता है, जिसमें जातक के द्वारा यह रत्न धारण किया जाता है, उससे शादी विवाह संबंधित परेशानियां खत्म होती है, तथा उसका विवाह एक कुलीन परिवार में होता है, और वह सुख संपत्ति से परिपूर्ण रहता है।

2. आपका ज्ञान पठन-पाठन संबंधित चीजें विद्या अध्ययन संबंधित चीजों का भी संबंध इसी ग्रह से होता है, और जिस भी जातक के द्वारा पुखराज रत्न धारण किया जाता है, तो उन्हें इन सभी चीजों में सफलता प्राप्त होती है।

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3. किस रत्न को धारण करने से जातक में आत्मविश्वास की बढ़ोतरी होती है, तथा उसे असीम शांति का अनुभव होता है, जिससे उसके कार्य अच्छे से संपन्न होते हैं।

4. यह रत्न हमारे भाग्य को उदित करता है, हमें सौभाग्य वान बनाता है।

5. यह हमारी निर्णय क्षमता को बढ़ाता है, जिससे हम चीजों में फर्क करना समझते हैं। हम अपना भला बुरा अच्छे से जानते हैं। तत्पश्चात आगे का कोई भी कदम उठाते हैं, या निर्णय लेते हैं।

6. यह रत्न हमें धन-धान्य से परिपूर्ण बनाता है। हमारी आर्थिक स्थिति बहुत ही मजबूत बनाता है, तथा आरक्षित करने में बहुत मदद करता है।

7. शिक्षा से संबंधित कोई भी क्षेत्र हो उसमें आपको यह रत्न सफलता दिलाता है।

8. इस रत्न को धारण करने वाले जातकों में अध्यात्मिक ज्ञान की भी बढ़ोतरी होती हैl वह विभिन्न प्रकार के आध्यात्मिक चीजों का अध्ययन करते हैं, तथा उनमें अद्भुत शक्तियां विद्यमान होती हैl

9. इस रत्न को धारण करने से नौकरी पेशा व्यापार आदि में भी तरक्की होता है। लोगों के काम धंधे अच्छे से चलने लगते हैं, तथा हानि भी लाभ में बदल जाती है।

10. जिन जातकों को संतान प्राप्ति की इच्छा होती है, अथवा उनकी यह इच्छा रहती है, कि उनका संतान आगे जाकर बहुत अच्छा करें या उसमें अच्छे गुण विद्यमान हो, ऐसी परिस्थिति में यदि उनके द्वारा यह रत्न धारण किया जाता है, तो उन्हें बहुत अच्छे तथा सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं। स्थिति धीरे-धीरे सुधारने लगती है, तथा संतान संबंधित जितनी भी परेशानियां होती हैं, उन सभी चीजों में सुधार होता है।

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11. इस रत्न को धारण करने से उदर से संबंधित विभिन्न प्रकार के रोगों से मुक्ति मिलती है।

12. यह हमारी बौद्धिक क्षमता का विकास करता है, तथा भविष्य में घटने वाली कोई भी घटना से संबंधित जानकारी या झलक हमें पहले ही इस रत्न के माध्यम से पता चल जाता है, जिससे जातक अपने साथ होने वाले दुर्घटनाओं को टालने में सक्षम होते हैं, या किसी बड़ी परेशानी या हानि में बचने से खुद को संभाल लेता है।

पुखराज रत्न धारण करने के क्या क्या नुकसान हो सकते हैं, जिससे कोई भी बड़ी परेशानी में हम खुद को फसने से रोक पाते हैं।

13. बहुत से लोगों को लगता है, कि वह विभिन्न प्रकार के रत्नों को एक साथ धारण करके और अधिक ऊर्जा को बढ़ा सकते हैं, या और अधिक कृपा प्राप्ति कर सकते हैं, किंतु ऐसा नहीं है कुछ रत्न जैसे पुखराज रत्न के साथ कभी भी पन्ना हीरा और नीलम रत्न एक साथ धारण नहीं करना चाहिए क्योंकि यह सारे रत्न आपकी स्थिति को दयनीय बना सकते हैंl यह सभी एक दूसरे के विपरीत अवस्था में चलते हैं।

14. कभी-कभी पुखराज रत्न को लोगों के द्वारा गोमेद तथा लहसुनिया रत्न के साथ धारण कर लिया जाता है, जिससे आप अपने जीवन में स्वयं ही विभिन्न प्रकार की परेशानियों को न्योता देने लग जाते हैं, जैसे -आ बैल मुझे मार जैसी कहावत सार्थक होने लगती है।

15. गुरु ग्रह की स्थिति जाने बिना यह रत्न धारण नहीं करना चाहिए, किसी की कुंडली में यदि गुरु ग्रह कमजोर है, और उसने यह सोचकर यह रत्न धारण किया कि उसने उसको बहुत लाभ होगा किंतु इसके उलट इस की परेशानियां और अधिक बढ़ जाती है, तथा जीवन में कभी भी सुख शांति की प्राप्ति नहीं हो पाती है, आया हुआ धन भी वापस चला जाता है।

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16. कभी-कभी पुखराज रत्न जब हम लेने जाते हैं, तो उसमें लकीरे दिखाई देती है lउन लकीरों को अनभिज्ञ ना करें बल्कि या ध्यान दें कि वह कहीं बीचो-बीच तो नहीं है, इससे आपके जीवन में हर क्षेत्र में दरार पड़ने लगेगी, चाहे वह कार्यस्थल हो या घर परिवार के लोग हर जगह अब से मनमुटाव बढ़ जाएगा तथा विभिन्न प्रकार की परेशानियां भी बढ़ जाएंगी।

17. त्रुटि युक्त पुखराज रत्न धारण करने से किसी भी जातक को बचना चाहिए, कभी भी यदि आपको यह लगे कि आपके द्वारा भी पहना गया रत्न की चमक खत्म हो चुकी है। वह अब आकर्षक लोचदार नहीं दिख रहा है, तो वह तुरंत बदल दे, अन्यथा वह विभिन्न परिणामों को वह प्रतिकूल बनाने लगेगा। विभिन्न मापदंडों के परीक्षण के बाद ही कोई भी रत्न खरीदे अथवा धारण करें।

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