माणिक रत्न की विशेषता – Manik Ratna Ki Visheshta

माणिक रत्न की विशेषता – Manik Ratna Ki Visheshta

 

 माणिक रत्न की विशेषता

माणिक रत्न की खूबसूरती देखने में बनती है, यह रत्न गुलाबी रंग का होता है, तथा इसकी मनमोहक रंग जब भी कोई इसे देखता है, तो उसकी छवि उसके मन पर गहरी छाप छोड़ती है। हीरे के बाद दूसरा सबसे कठोर पदार्थ माणिक रत्न को ही माना जाता है।

माणिक रत्न सूर्य ग्रह से संबंधित एक रत्न होता है, जिसमें सूर्य ग्रह से संबंधित विभिन्न प्रकार की शक्तियां विद्यमान होती हैl यह एक ऐसा रत्न है, जिसे धारण करने से जातक को सूर्य ग्रह की कृपा प्राप्त होती है lइस रत्न के और बहुत सी उपयोगिताओ की वजह से यह रत्न लोगों में बहुत लोकप्रिय होता है, यह एक विश्व प्रसिद्ध लोकप्रिय रत्न है, जिसका ना केवल भारतीय ज्योतिष विज्ञान या रत्न शास्त्र बल्कि पाश्चात्य ज्योतिष विज्ञान भी इसके विशिष्ट गुणों को जानकर इसके बहुत से महत्व के बारे में बताता हैl इस रत्न का संयोजक क्रोमियम लौह तत्व एलमुनियम ऑक्साइड है। यह रत्न कोरंडम खनिज परिवार से संबंधित होता है, विश्व में सबसे उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले माणिक रत्न म्यानमार से प्राप्त होता है, और भी देशों में भी इसके अच्छे गुणवत्ता वाले रत्न पाए जाते हैं, जैसे -श्रीलंका भारत अफगानिस्तान आदि।

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माणिक रत्न की निम्नलिखित विशेषता है-

1. माणिक्य रत्न जिस भी जातक के द्वारा धारण किया जाता है lउसे सूर्य से संबंधित विभिन्न प्रकार की ऊर्जा प्राप्त होती हैl उसके अंदर यह रत्न सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ा देता हैl उसके केंद्र बिंदु में सकारात्मक ऊर्जा का पूंज स्थापित कर देता है, जिससे उसके इर्द-गिर्द सकारात्मक वातावरण का विकास होने लगता है, तथा उसके मन ,मस्तिष्क की नकारात्मक शक्तियां धीरे-धीरे नष्ट होने लगती है, काफी दिनों से नकारात्मक ऊर्जा जो उसके विचारों को, उसकी काया को, उसके मन- मस्तिष्क को दूषित किए जा रहा था, जिसकी वजह से खुद को वह लोग अलग-थलग पा रहे थे lउन्हें जीवन में केवल निराशा ही हाथ लग रही थी।

नकारात्मक ऊर्जा का स्तर उनके अंदर इस कदर हावी था कि वे लोग अपने वास्तविक जीवन को जीना भूल ही चुके थे, केवल ख्याली दुनिया में जी रहे थे तथा विभिन्न प्रकार की उलझनों में दिमाग को उलझा आए हुए थे, जिससे उनका अधिक समय केवल चिंतन में ही गुजरता था, जिसकी वजह से दिनों दिन वे लोग अपने कार्यों से विमुख हो रहे थे ऐसे में यह रत्न उन्हें एक सही रास्ता प्रदान करता है, तथा उनके चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ा देता है, जिससे नकारात्मकता उनसे कोसों दूर चली जाती है, एवं वास्तविक जीवन का आनंद वे लोग उठाने लगते हैं।

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2. बहुत से ऐसे लोग होते हैं, जिनके अपने माता-पिता से संबंध अच्छे नहीं होते हैंl खासकर के पिताजी से उनके संबंध अच्छे नहीं होते हैंl उनके और उनके पिताजी में वैचारिक मतभेद बहुत अधिक होता है, जिससे एक साथ रहने के बावजूद भी कभी कभी परिस्थिति ऐसी हो जाती है, कि वे लोग एक दूसरे का चेहरा भी देखना पसंद नहीं करते हैंl बात करना तो दूर की बात है, ऐसी परिस्थिति में यदि यह रत्न धारण किया जाता है, तो जातक का पिता के साथ संबंध सुधरता है, एवं जो भी परेशानियां या मतभेद उन दोनों के बीच रहती हैl उन सभी को यह रत्न दूर करने में बहुत सक्षम होता है, तथा जातक को उसके पिता का प्यार फिर से प्राप्त करने में यह रत्न बहुत मदद करता हैl इस रत्न की कृपा से जातक को आजीवन उसके पिता का प्यार एवं सहयोग प्राप्त होता है, इसके साथ ही सूर्य देव की कृपा दृष्टि से उसके और लोगों के साथ भी संबंध सुधरने लगते हैं।

3. आज के प्रति स्पर्धा भरे युग में अपना एक खास पहचान बनाने की ललक हर किसी के अंदर होती है, हर कोई चाहता है, कि उसे एक विशिष्ट व्यक्तित्व के रूप में लोग जाने तथा समाज में उसकी एक अलग पहचान बने। ऐसे में यह रत्न बहुत कारगर होता है, किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारने में इस रत्न की बहुत बड़ी भूमिका होती हैl यह रत्न बहुत महत्व रखता है, किसी के अंदर छुपे हुए व्यक्तित्व को निखारने में तथा यह आपके गुणों को निखारने में भी बहुत मदद करता है, जिससे आप एक समाज में विशिष्ट योग्यता वाले लोग के रूप में जाने जाते हैं तथा समाज में आपकी अपनी एक पद प्रतिष्ठा होती है, जिसका सम्मान हर कोई करता है।

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4. माणिक्य रत्न का औषधीय गुण भी कुछ कम नहीं है। प्राचीन काल से ही इसका उपयोग नेत्र संबंधी विकारों में किया जाता रहा है, इसके साथ-साथ इसका उपयोग बहुत से त्वचा संबंधित रोगों में भी किया जाता है।

5. इस रत्न का उपयोग करने से जातक को सूर्य देव की कृपा से निरोगी काया प्राप्त होती है, के शारीरिक कष्ट भी दूर होते हैंl हड्डियों से संबंधित परेशानियां भी उसकी दूर होती है।

6. माणिक रत्न धारण करने से जातक एक निर्भीक साहसी निडर व्यक्तित्व वाले व्यक्ति के रूप में उभरकर सामने आता है। परिस्थिति कोई भी हो वह कभी भी घबराता नहीं हैl वह निडर होकर अपने पथ पर चलता है, तथा अपना एक मकाम हासिल करता है।

7. आजीविका संबंधित चीजों में इस रत्न का बहुत महत्व है, ऐसा माना जाता है, कि रोजी रोजगार संबंधित चीजों में सूर्य देव की कृपा होनी चाहिए तभी आप को इसमें सफलता प्राप्त होती है lइस रत्न को धारण करने से नौकरी पेशा व्यापार संबंधित चीजों में जातक को सफलता प्राप्त होती हैl बहुत से ऐसे लोग होते हैं, जिन्हें सरकारी नौकरी की चाह होती है, तथा वे विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिता परीक्षा में भी भाग लेते हैं, किंतु परिणाम उनके अनुकूल नहीं आता है, ऐसी परिस्थिति में यदि उनके द्वारा यह रत्न धारण किया जाता है तो उनके प्रतिस्पर्धा में सफलता प्राप्त करने की संभावना को यह रत्न बढ़ा देता है, बहुत से लोग सूर्य देव की कृपा से अच्छे एवं उच्च पद पर प्रतिष्ठित होते हैं।

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8. इस रत्न को धारण करने से मस्तिष्क का तेज बढ़ता है।

9. इस रत्न को धारण करने से जातक को नाम प्रसिद्धि प्राप्त होती है। यह रत्न उसे उसके गुणों के कारण विख्यात होने में मदद करता है, तथा जातक जिस भी चीज में कार्यरत रहता है, उस चीज में उसे अप्रतिम सफलता दिलाता है।

10. इस रत्न का महत्व तब बहुत अधिक बढ़ जाता है,जब लोगों के जीवन में सूर्य देव की कृपा नगण्य होती है, जिसकी वजह से उन्हें बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में यदि यह रत्न धारण किया गया तो उनके जीवन में बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता इस रत्न में होती है, यह रत्न उन्हें विभिन्न प्रकार से लाभ पहुंचाता है तथा उनके जीवन में सुख शांति प्रदान करता है।

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