नीलम रत्न कब धारण करना चाहिए – Neelam Ratna Kab Dharan Karna Chahiye

नीलम रत्न कब धारण करना चाहिए – Neelam Ratna Kab Dharan Karna Chahiye

 

नीलम रत्न कब धारण करना चाहिए –

Neelam Ratna Kab Dharan Karna

 Chahiye

नीलम रत्न कब धारण करना चाहिए – (neelam ratna kab dharan kare) जिससे हमारे जीवन में जो विषम परिस्थितियां अब तक चली आ रही है, जिन्होंने हमारी स्थिति को दयनीय बनाकर रखी हुई हैl उन से निजात पाने के लिए हम कैसे वैदिक ज्योतिष विज्ञान की मदद से सही एवं उपयुक्त समय पर नीलम रत्न को धारण करें, जिससे हमारा जीवन ही सफल एवं सार्थक हो तथा हमारे जीवन में स्थिरता का भाव आए हमारे जीवन के विभिन्न आयामों में हमें स्थिरता के भाव प्राप्त हो और हमारा जीवन की खुशियों से भरा रहे, आइए इस लेख के माध्यम से जानते हैं-

शनि ग्रह विशिष्ट शक्तियों के मालिक होते हैं, तथा जिन लोगों पर इनकी क्रूर दृष्टि पड़ती है, उनकी स्थिति दिन पर दिन दयनीय होती चली जाती हैl लोगों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ने लगता हैl कोई भी चीज उन्हें आसानी से प्राप्त नहीं होता हैl पहले शनिदेव उनकी खूब परीक्षा लेते हैं, तथा उनके द्वारा किए गए कर्म ना केवल इस जन्म के वर्तमान के खराब कर्म बल्कि पूर्व जन्मों के भी खराब कर्मों का हिसाब इनका जन्म जन्मांतर तक चलता रहता है, इसलिए कभी-कभी ऐसा भी होता है, कि कोई व्यक्ति इस जन्म में बहुत अच्छा होता है, किंतु उसके साथ बहुत ही बुरा होता हैl हर चीज के लिए उसे बहुत ही कड़ी परिश्रम करनी पड़ती है, किंतु फिर भी उसे सफलता प्राप्त नहीं होता है, वैसे में वह अपने भाग्य को बहुत कोसता है, कि प्रभु मैंने ऐसा कौन सा पाप कर दिया है, जो मेरे साथ ऐसा हो रहा है, किंतु वास्तव में यह हमारे कर्म ही है,जो हमारा पीछा कभी भी नहीं छोड़ते हैं।

भले ही कपड़े की तरह हम अपना शरीर बदल लें किंतु हमारा कर्म इस जन्म हो या उस जन्म कोई भी जन्म ले ले उससे हम कभी भी पीछा नहीं छुड़ा सकते हैं इसलिए भले ही इस जन्म में आपको बहुत ही दुख, पीड़ा ,कष्ट ,व्याधि और न जाने कितनी ही विकट समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी आप कम से कम किसी का बुरा ना करें तथा हमेशा अपना सोच अच्छा रखें किसी के प्रति बैर की भावना ना रखें lयदि आप अपनी सोच को अच्छा कर लेंगे ,अपने कर्म को अच्छा कर लेंगे तो हो सकता है, कि शनि देव जो आप पर अपनी कुदृष्टि लगाए हुए हैं, या कुदृष्टि से आपको देख रहे हैंl उनको भी दया आ जाए तथा वह भी आप पर अपनी कृपा बरसाने को आतुर हो जाए या हो सकता है, कि आप उनके कृपा प्राप्ति के योग बन जाए अपने कर्मों को सुधार कर।

शनि देव हमारे जीवन में स्थिरता लाने के देवता होते हैं,आपका जीवन सुचारू रूप से चलने के पीछे शनि देव की कृपा बहुत बढ़िया काम करती हैl यदि इनकी कृपा प्राप्त ना हो तो आपके जीवन में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा तथा आप कभी भी स्थिर नहीं रह पाएंगेl आपका जॉब हो या व्यवसाय हो या कोई भी कार्य हो आप किसी में भी स्थिरता हासिल नहीं कर पाएंगे। घर परिवार में भी आपको अस्थिरता का ही भाव नजर आएगा। शनि ग्रह की ही कृपा से आपको नौकरी पेशा या आजीविका संबंधित विभिन्न प्रकार की चीजों में सफलता प्राप्त होता है, आपने बहुत से लोगों को देखा होगा कि वह बहुत ज्ञानी है।

वह विभिन्न प्रकार के कौशलों में महारत रखते हैं, किंतु फिर भी वह जीवन में अपने सफल नहीं बन पाते हैंl उनके पास कोई काम नहीं रहता हैl नौकरी ,पेशा या आजीविका चलाने का कोई भी साधन उनके पास मौजूद नहीं रहता है,भले ही ज्ञान की गंगा उनके तन मन में बह रही हो फिर भी वह तुच्छ लगती है, क्योंकि लोग आपको आपके नौकरी पेशा या आजीविका के द्वारा ही पहचानते हैं, जिस किसी के पास यह सारी चीजें मौजूद नहीं रहती है, समाज में उसका कोई पता नहीं होता है, लोग उसे सम्मान की दृष्टि से नहीं देखते हैं।

अतः जिन लोगों को भी नौकरी पेशा आजीविका संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वह लोग छोटे से छोटा कार्य भी नहीं कर पा रहे हैं lउन्हें सफलता नहीं मिल पा रही है तो उन्हें समझना चाहिए कि कहीं ना कहीं उनके कर्मों का फल उन्हें प्राप्त हो रहा हैl यदि वह अपने कर्म को अपने विचार को सकारात्मक बनाए तथा दूसरों को हेय दृष्टि से ना देखे तो शायद शनि ग्रह अपनी कुदृष्टि उन पर डालने के बजाय अपनी कृपा दृष्टि बरसाने लगे तथा नौकरी पेशा व्यापार आजीविका संबंधित सारी समस्याओं का समाधान होना शुरू हो जाए एवं वह जिंदगी के सर्वोत्तम स्तर तक सफलता प्राप्त कर सके।

नीलम रत्न (neelam ratna pahanne ke fayde) शनि ग्रह से संबंधित एक रत्न होता है,जिसका वर्ण देखने में नीला होता है। शनि ग्रह से संबंधित विभिन्न प्रकार के दशा, महादशा, साढ़ेसाती, शनि की ढैया जैसे चीजों में नीलम रत्न बहुत कारगर होता है, या कुंडली के विशेष आकलन के पश्चात नीलम रत्न को धारण करने से हमारे जीवन से विभिन्न नकारात्मक पहलुओं का खात्मा होना शुरू हो जाता है, तथा आपके जीवन में भी शनिदेव की कृपा से सफलता की नई शुरुआत होने लगती हैl नीलम रत्न में चमत्कारिक शक्तियां तो व्याप्त होती ही है, साथ में विध्वंसक शक्तियां भी इसमें व्याप्त होती है, जिसकी वजह से बिना किसी ज्योतिषीय सलाह के नीलम रत्न को धारण करने से बचना चाहिए।

नीलम रत्न (neelam ratna ke labh) धारण करने से पूर्व आपको विभिन्न प्रकार से तैयारियां कर लेनी चाहिए, जिससे आप नीलम रत्न का भरपूर लाभ उठा सके तो आइए जानते हैं, कि हम कैसे नीलम रत्न को धारण कर सकते हैं, और इसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं, तथा शनि ग्रह की कृपा प्राप्ति नीलम रत्न के माध्यम से हमें कैसे प्राप्त होता है-

नीलम रत्न को धारण करने से पूर्व इस बात का ध्यान रखें कि नीलम रत्न को आप सोना प्लैटिनम  पंच धातु में धारण करेंगे तो आपको सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त होगा तथा शनि से संबंधित शुभ नक्षत्र पुष्य ,उत्तराभाद्रपद ,चित्र, स्वाति, धनिष्ठा ,शतभिषा है lअतः धारण करने से पूर्व आप किसी विद्वान से या फिर घर में मौजूद कैलेंडर से भी आप यह जान सकते हैं, कि कौन सा नक्षत्र का गोचर कब होता है, और शनि के सबसे उपयुक्त नक्षत्र में नीलम रत्न (neelam ratna dharan karne se kya hota hai) को धारण करने से आपको इसकी अद्भुत शक्तियां प्राप्त हो सकती है।

नीलम रत्न (neelam ratna ki jankari) को स्नानादि से निवृत्त होकर सर्वप्रथम गंगाजल तथा पंचामृत से पवित्र किया जाता है, उसके पश्चात धूप आदि दिखाकर किसी कपड़े पर रखकर शनि से संबंधित विभिन्न प्रकार के मंत्रों का उच्चारण किया जाता है, जिससे नीलम रत्न की सोई हुई ऊर्जा जागृत हो जाए और यह पूरी तरह से अभिमंत्रित हो जाए।

 आपको इस बात का ध्यान अवश्य रखना है, कि जितना हो सके। उतना अधिक मंत्र का जप करें। यदि आप स्वयं मंत्र जप करने में असक्षम है, तो आप किसी विद्वान पंडित का भी सहारा ले सकते हैं, उसके पश्चात मंदिर में जाकर उसे भगवान के चरणों में रख दें और भगवान से आशीर्वाद ले तथा पंडित जी से भी आशीर्वाद लेकर उन्हें उत्तम दान दक्षिणा प्रदान करें और नीलम रत्न (neelam ratna dharan karne ke fayde) को अपनी मनोकामना बोलते हुए कि जल्द से जल्द सारी मनवांछित इच्छाएं पूर्ण हो, इसको धारण करने का सबसे उपयुक्त समय माना गया है, सूर्य उदय से पूर्व या फिर मध्यरात्रि को क्योंकि शनि ग्रह पितृ शत्रु होते हैं, इसलिए इन से संबंधित विभिन्न प्रकार के कर्मकांडओं का समापन सूर्योदय से पूर्व या सूर्य अस्त होने के पश्चात ही किया जाता है।

अपनी श्रद्धा अनुसार किसी को भोजन अवश्य कराएं तथा भूलकर भी किसी का भी अपमान ना करें। वर्जित चीजों के सेवन से बचें नीलमरत्न को धारण करने के पश्चात जल्द ही शनिदेव की कृपा आप पर बरसेगी तथा आपके कर्मों के हिसाब (Neelam Ratna Kab pahanna Chahiye) से जल्द ही वह अपना सकारात्मक एवं अनुकूल प्रभाव आपके जीवन पर दिखाएंगे।

मित्रो यदि आप भी अभिमंत्रित किया हुआ नीलम रत्न प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे नवदुर्गा ज्योतिष केंद्र से पंडित जी द्वारा अभिमंत्रित किया हुआ नीलम रत्न मात्र – 300₹ और 600₹ में मिल जायेगा जिसका आपको लैब सार्टिफिकेट और गारंटी के साथ में दिया जायेगा (Delevery Charges free) Call and WhatsApp on- 7567233021

 

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