मोती रत्न के फायदे और नुकसान – Moti Ratna Ke Fayde Or Nuksan

मोती रत्न के फायदे और नुकसान – Moti Ratna Ke Fayde Or Nuksan

 

मोती रत्न के फायदे और नुकसान –

मोती रत्न के फायदे और नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं, आज हम इस लेख से जाने का प्रयास करेंगेl

प्राचीन काल से ही मोती रत्न का उपयोग हमारे पूर्वजों के द्वारा व्यापक स्तर पर किया जाता रहा है। ज्योतिष विद्वानों की माने तो मोती का संबंध चंद्र उपग्रह से होता है, जो हमारे मन का कारक होता हैl हमारे मन की चंचलता हमारे मन की असीम शांति, हमारे मन का आध्यात्मिक स्तर, हमारे मन की नकारात्मक ऊर्जा, हमारे मन की सकारात्मक ऊर्जा, सभी को नियंत्रित करता है, यही चंद्र ग्रह और चंद्र ग्रह की सारी शक्तियां समाहित होती है, मोती रत्न में जो कि हमें समुद्र से कुछ जीवो के माध्यम से प्राप्त होता है, इसका वर्ण देखने में बिल्कुल सफेद होता है।

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मोती रत्न धारण करने से हमें निम्नलिखित फायदे हो सकते हैं-

1. मोती रत्न चंद्रमा उपग्रह से संबंधित होता है, तथा इसमें उसकी शक्तियां विद्यमान होती हैl चंद्रमा हमारे मन का कारक होता है, यह चंद्रमा उपग्रह कभी कभी हमें खराब फल देने लगता है, जिससे हमारी मानसिक स्थिति बहुत अधिक बिगड़ने लगती है, दिमाग केवल नकारात्मक चीजों से भरने लगता है lऐसे में यदि मोती रत्न धारण किया जाए तो हमें नकारात्मकता से छुटकारा मिल सकता है, तथा हम अपने मन पर पूरी तरह से नियंत्रण स्थापित कर सकते हैं, जो मन विचलित होने की संभावना होती है, उसको यह रखना नियंत्रित करता है, तथा मन में शांति स्थापित करता है।

2. मोती हमारे मन को पूरी तरह से नियंत्रित करता है, जिसकी वजह से आपके मन में सकारात्मकता का प्रभाव अधिक होता है, इसकी वजह से आप हर वक्त खुद को खुशनुमा एवं शांत महसूस करते हैं, जिससे लोगों से आपको तालमेल बिठाने में बहुत प्रयास करना नहीं पड़ता है, लोग स्वयं ही आपकी शांत प्रवृत्ति देखकर आपकी ओर आकर्षित होते हैं, तथा आपको मान सम्मान देते हैं, आपकी बातों एवं भावनाओं को समझते हैं।

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3. इस रत्न को धारण करने से पति पत्नी के बीच एक अच्छी साझेदारी बनती है, उनमें प्रगाढ़ प्रेम होता है, वह दोनों एक दूसरे को काफी अच्छे से समझते हैं, जिससे उनका दांपत्य जीवन बहुत ही आनंद भरा एवं सुखी रहता है।

4. ऐसा माना जाता है, कि चंद्र उपग्रह हमारी माता से संबंधित होता है, हमारी दादी ,काकी ,चाची सास से संबंधित होता हैl अतः यदि यह रत्न धारण करते हैं, तो हमारा रिश्ता हमारे मां, सास, दादी से मधुर होता है, तथा वह लोग सम्मान और प्यार पाकर हमें ढेरों आशीर्वाद देते हैं, जिससे हमारा जीवन हमेशा खुशियों से भरा रहता है।

5. यह रत्न नकारात्मक शक्तियों को हावी होने नहीं देता है, यह हमें शारीरिक तौर पर एक सुरक्षा कवच प्रदान करता है, तथा हमारे जीवन को सुख समृद्धि की ओर अग्रसर करता है।

6. इस रत्न को धारण करने से हमें ऐसी मानसिक शांति की प्राप्ति होती है, तथा हमारे बौद्धिक विकास तथा स्मरण शक्ति में भी वृद्धि होती है, यह हमारे तेज को बढ़ाता है।

7.मोती रत्न औषधीय गुण भी कुछ कम नहीं है, इसे बहुत से रोगों में भी पहना जाता है, जिसमें काफी फायदा लोगों को होता है, जैसे- नेत्र रोग, गर्भाशय रोग, हृदय रोग ,अनिद्रा ,चिरचिरापन, अवसाद जैसी स्थिति में भी इसे धारण करने से काफी अधिक लाभ पहुंचता है।

8. इस रत्न को धारण करने से मां लक्ष्मी की कृपा दृष्टि आप पर सदा ही बनी रहती है, तथा वह आपको कभी भी रुपयों पैसों संबंधित विभिन्न परेशानियों का सामना करने नहीं देती है।

9. इस रत्न को धारण करने से हमारी घर के बड़े बुजुर्गों महिलाओं का आशीर्वाद हमें प्राप्त होता है, जिससे हमारा भाग्य प्रबल होता है, और हम जिंदगी में एक बहुत ऊंचा मकाम हासिल करते हैं, जिसकी शायद परिकल्पना हम कर भी नहीं सकते हैं, वह मकाम हम हमारे घर की महिला सदस्यों के आशीर्वाद से प्राप्त कर लेते हैं।

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मोती रत्न जिन लोगों की कुंडली के अनुसार उपयुक्त नहीं होता और यदि वे धारण कर लेते हैं, तो उन्हें निम्नलिखित नुकसान होता है-

10.मोती रत्न को लोग वैसे तो मन को शांत रखने के लिए धारण करते हैं, किंतु यदि कुंडली में चंद्रमा की स्थिति किसी अच्छे भाव में स्थित ना होकर जैसे तैसे भाव में स्थित रहता है, तो ऐसी स्थिति में जिस जातक के द्वारा यह रत्न धारण किया जाता है, उसे मानसिक अवसाद ,अनिद्रा, चिड़चिड़ापन ,डरावने सपने, चिल्लाने जैसी चीजों का सामना करना पड़ता है, तथा दिन प्रतिदिन उनकी स्थिति बद से बदतर होने लगती है, उन्हें तभी आराम मिलेगा जब वह इस रत्न को उतार कर रख दें।

11.मोती रत्न हमारे मन का कारक होता है, बहुत से लोग जरूरत से ज्यादा भावुक होते हैंl उन्हें दूसरे की परेशानी देखकर बहुत अधिक दुख होने लगता है, या छोटी-छोटी बातों पर वह बहुत अधिक दुखी हो जाते हैं, या बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं, जो छोटी-छोटी बातों का बतंगड़ बना कर गुस्सा दिखाते हैं, तथा उसे वह अपन या बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं, जो छोटी-छोटी बातों का बतंगड़ बना कर गुस्सा दिखाते हैं, एवं जब तक वह अपने अभिमान को संतुष्ट नहीं कर लेते हैं, तब तक शांत नहीं होते हैं, ऐसे लोगों को मोती रत्न धारण करने से बचना चाहिए, अन्यथा उन्हें बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

12. विद्वान ज्योतिषियों का मत है, कि कभी भी मोती रत्न को हीरा पन्ना नीलम और गोमेद रत्न के साथ धारण नहीं करना चाहिए, अन्यथा आपको लाभ की जगह हानी होना शुरू हो जाएगा।

13. ऐसा माना जाता है, कि जिन राशियों के स्वामी ग्रह शुक्र ग्रह हो, शनि ग्रह हो या बुध ग्रह हो ऐसे में किसी को भी मोती रत्न धारण करने से बचना चाहिए अन्यथा उसके जीवन में बहुत अधिक उथल-पुथल मच जाएगी तथा मानसिक स्थिति उसकी बहुत अधिक दयनीय हो सकती है।

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14. कभी-कभी ऐसी भी परिस्थिति बनती है, जब चंद्रग्रह हमारी कुंडली में किसी ऐसे अवस्था में स्थित होता है, जो हमें अच्छे प्रभाव दे रहा हो किंतु हमारी गलतियों की वजह से कभी-कभी यह विपरीत या प्रतिकूल परिणाम देने लगता है, जब हम मोती रत्न धारण करते हैं।

15. बहुत से लोगों को मोती रत्न के विभिन्न आभूषणों को पहनना बहुत पसंद होता है, किंतु यह एक रत्न है lअतः आप पहले अपने कुंडली का विश्लेषण करवा लें उसके पश्चात ही आप किसी भी तरह का आभूषण धारण करें, अन्यथा यह आपके लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है।

16. इस रत्न को जब भी धारण करें अपनी कुंडली का विश्लेषण करवा कर ही धारण करें, अन्यथा मोती एक ऐसा रत्न है, जो आपको शारीरिक पीड़ा तो देगा ही साथ में मानसिक पीड़ाए भी आपको झेलनी पड़ सकती है, यह आपको और भी विभिन्न तरीके से नुकसान पहुंचा सकता है।

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