नीलम रत्न के क्या फायदे है – Neelam Ratna Ke Kya Fayde Hai

नीलम रत्न के क्या फायदे है – Neelam Ratna Ke Kya Fayde Hai

 

नीलम रत्न के क्या फायदे हैं

नीलम के क्या फायदे हैं -आज का हमारा विषय हैl

पौराणिक काल से ही हमारे पूर्वजो के द्वारा विभिन्न प्रकार के धातुओ , महारत्नो ,रत्नों तथा उपरत्न आदि का प्रयोग विविध प्रकार की चीजों में किया जाता रहा है, उनकी समझ आज के लोगों के संदर्भ में बहुत अधिक उन्नत थी, उनके द्वारा रचित विभिन्न शास्त्रों, पुराणों विद्यायो आदि का आज भी कोई समतुल्य चीजें उपलब्ध नहीं है। उनके विविध विद्यायो में से सबसे उन्नत ज्योतिष विज्ञान है, जिसका उपयोग आज भी हम बड़े स्तर पर करते हैं। विभिन्न प्रकार के ग्रह, नक्षत्र ,उपग्रहओ के चाल आदि से हमारे भविष्य में होने वाले घटनाओं का आकलन करते हैं, आपको जानकर यह सही होगा कि हमारा ज्योतिष विज्ञान इतना उन्नत है, कि भविष्य में होने वाले विभिन्न प्रकार के खगोलीय घटना का सटीक आकलन करता है।

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हमारे द्वारा उपयोग में लाए जाने वाला पंचांग इस बात का सबसे बड़ा सबूत है, कि हमारे पूर्वजों में कितनी तरह की विद्याओं का ज्ञान था, तभी तो शदी में घटने वाले चंद्रग्रहण हो ,सूर्यग्रहण हो या किसी प्रकार की महामारी जैसी बीमारी के बारे में भविष्यवाणी पहले ही सटीक पूर्ण तरीके से कर दिए थेl आज भी उन लोगों की द्वारा दी गई इस विरासत से हम लोग आगे बढ़ रहे हैं तथा इतनी प्रकार की घटनाओं को समझ बूझ पा रहे हैं। वेद के 6 अंगों में से एक अंक ज्योतिष विज्ञान है जो ग्रहों की चाल नक्षत्रों के अनुसार भविष्यवाणियां करता है, ज्योतिष विज्ञान के अनुसार विभिन्न प्रकार के ग्रह हमारे भिन्न-भिन्न सब बंधुओं को संबंधों को निरूपित करते हैं, जैसे सूर्य देव वास्तविकता में पिता जी को सूर्य देव की उपाधि दी गई है, तथा माता जी को चंद्र की उपाधि दी जाती है, ऐसा माना जाता है, कि सूर्य ग्रह आप को बलवान ,तेज बुद्धि वाला बनाते हैं, तो वही चांद आपको मन में असीम शांति प्रदान करते हैं, मन का कारक चंद्रमा को माना गया है।

 इसी प्रकार शनि ग्रह जो ग्रहों में दूसरे सबसे बड़े ग्रह है, उन्हें त्रिलोक का न्यायाधीश के रूप में निरूपित किया गया है, पूरे संसार के जितने भी प्राणी है, केवल उन्हीं के साथ शनि देव न्याय नहीं करते बल्कि देवताओं को भी इनके न्याय के समक्ष नतमस्तक होना पड़ता है, ऐसा माना जाता है, कि सूर्य ग्रह की रोशनी जहां समाप्त होती है, वहां से शनि देव का साम्राज्य शुरू होता है। शनि देव को छाया पुत्र के नाम से भी जाना जाता है। यह सूर्य देव के पुत्र हैं, किंतु इनका वर्ण नीला है। इनकी पत्नी के द्वारा दिए गए श्राप की वजह से इनकी दृष्टि जहां पर भी जिसके ऊपर भी पड़ती है, उसका विध्वंस शुरू हो जाता है, जब इनकी माता छाया का अनादर सूर्य देव के द्वारा किया गया तब इन्होंने शिव जी से यह वरदान मांगा कि उन्हें सूर्य से अधिक शक्तिशाली तथा पूज्य होने का वरदान दे।

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इसीलिए भगवान शिव के द्वारा इन्हें सर्वोच्च लोक का न्यायाधीश एवं दंडाधिकारी नियुक्त किया गया, जिनसे हर एक वर्ग देव ,दानव, असुर, यम, विद्याधर गंधर्व आदि सभी जीव इनके न्याय के दायरे में रहेंगेl भगवान शिव के द्वारा इन्हें वरदान में सबसे शक्तिशाली एवं संपूर्ण सिद्धियों का वरदान प्राप्त हुआ है, इसलिए इन्हें ज्योतिष विज्ञान में बहुत ऊंचा दर्जा प्रदान किया गया है, ऐसा मानना है, कि जो हमारे भाग्य में नहीं लिखा हुआ है, किंतु यदि हम पुरुषार्थ करें, कर्मठ होकर उस चीज को पाने के लिए पूरी मेहनत से लग जाएंl तब उस परिस्थिति में शनिदेव हमारे ऊपर बहुत प्रसन्न होते हैं, तथा यह असंभव को भी संभव करने में सक्षम है, जो चीजें हमें भाग्य से नहीं मिल शक्ति है। वह सारी चीजें हमें मेहनत से शनिदेव की कृपा से प्राप्त हो जाती है।

गरीब वर्ग के लोग, मजदूरी करने वाले लोग ,आशाहाय लोग ,दुखी, समाज तेल लोहा लोग आदि का प्रतिनिधित्व शनि देव के द्वारा किया जाता हैl यदि शनि देव की किसी व्यक्ति पर कृपा दृष्टि हो जाए तो उसके भाग्य के सितारे खुल जाते हैं, उसका भाग्य उदित हो जाता है, उसके जीवन का सबसे स्वर्णिम समय अवतरित होने लगता हैl नीलम रत्न जिसे शनि ग्रह का रत्न के नाम से भी जाना जाता है lइस रत्न में विभिन्न प्रकार की असीम शक्तियां वास करती है, जो शनि से संबंधित विभिन्न परेशानियों का निपटारा करने में सक्षम हैl यह रत्न देखने में नीला वर्ण का होता है, बिल्कुल मोर के गर्दन के रंग के समान, इसका विहंगम रूप मन को मोह लेता है।

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उत्कृष्ट नीलम का घनत्व बहुत अधिक होता है, जिसकी वजह से इसका भाड़ कृत्रिम नीलम रत्न से कई गुना अधिक होता है। इस रत्न के अंदर विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक तौर से आकृतियां, बिंदु, रेखाएं आदि मौजूद रहती है, जो इसे कृतिम नीलम रत्न से भिन्न बनाती है। यह एक दुर्लभ रत्न है, जो जम्मू कश्मीर के राज्य में पाया जाता है, लद्दाख तथा कश्मीर के बीच स्थित पाडर पहाड़ियों में इस रत्न की खदानें है किंतु यहां से नीलम रत्न प्राप्त करना इतना आसान नहीं है, 9 महीने तक यह जगह बर्फ से ढकी हुई रहती है, उसमें भी ग्लेशियर तूफानी पहाड़ी नदिया दी इस यात्रा को और अधिक भयावह बना देती है, आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि पूरे विश्व में सबसे उत्कृष्ट नीलम रत्न यहीं से पाए जाते हैं, जिनका नीला वर्ण बाकी जगह से पाए जाने वाले नीलम से अधिक होता है।

इनका मूल्य भी बहुत अधिक होता है, किंतु इस खदान से इतना अधिक भी नीलम प्राप्त नहीं हो पाता कि जितना इसका मांग है lउन सब मांगों को पूरा किया जा सके, ऐसे में श्रीलंका के नीलम उपयुक्त माने जाते हैं तथा भारत श्रीलंका से नीलम आयात करता है lविभिन्न देशों में भी उपलब्ध नीलम रत्न की किस्में उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले होते हैं, तथा और भी देशों से इस रत्न का आयात होता है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि नीलम का रंग केवल नीला ही नहीं वरन काला, भूरा, बिना रंग का, बैंगनी सतरंगी, रंग बदलने वाला, तारा नीला आदि भी है। यह सारी किस में किस में बहुत ही दुर्लभ है, तथा पाना इतना आसान नहीं है, बहुत ही दुर्लभ स्थानों पर इनका खदान होता है, तथा इसका मूल्य भी बहुत अधिक होता है।

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हर किसी के पास बस की बात नहीं होती कि इस रत्न को खरीद सकें इसलिए बहुत से लोगों के द्वारा नीलम रत्न के उपरत्नो का भी उपयोग किया जाता है, जो कुछ विशिष्ट समय तक हमें अच्छे परिणाम देते हैं, किंतु जो नीलम रत्न में मौजूद प्राकृतिक रूप से शक्तियां विद्यमान रहती है lउनके मुकाबले उनके उपरत्न कम समय तक चलते हैं, तथा हमारे जीवन में यदि कोई बहुत बड़ी परेशानी आने वाली होती है, तो यह रत्न चटक जाते हैं, और हमारी परेशानी को अपने ऊपर ले कर हमें बचा लेते हैंl नीलम रत्न किसी जादू से कम नहीं काम करता हैl हमारे विभिन्न परेशानियों को दूर करने में सक्षम होता है।

इसको धारण करने वाला जातक बहुत ही धैर्यवान, दृढ़ निश्चय वाला तथा उसके व्यक्तित्व में अजीब सा आकर्षण होता है, लोग उसके पीछे खींचे चले आते हैं lउसके आभामंडल को देखकर लोग बिना उसके तारीफ किए बिना नहीं रह पाते हैंl प्रकृति के द्वारा दिया गया यह बहुमूल्य रत्न हमारे जीवन को स्वर्णिम स्तर तक बदलने की क्षमता रखता हैl यह रत्न किसी को भी रंग से राजा बनाने की क्षमता रखता है, आर्थिक स्थिति बहुत ही मजबूत बनाता है, तथा भौतिक सुखों में भी वृद्धि करता है।

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