वैजयंती माला क्या है – Vaijayanti Mala kya Hai

वैजयंती माला क्या है – Vaijayanti Mala kya Hai

 

वैजयंती माला क्या है?

वैजयंती माला वैजयंती पुष्प के बीज से निर्मित एक प्रकार की माला है, जिसे भगवान विष्णु सदैव अपने गले में धारण करते हैंl वैजयंती एक प्रकार का पौधा है, जिसमें लाल तथा पीले रंग के पुष्प निकलते हैंl इसके दाने बहुत ही मजबूत संरचना वाले होते हैं, तथा इसमें कभी भी किसी भी तरह कीरा नहीं लगता हैl इसकी चमक सालों साल ऐसी ही बनी रहती है, ऐसा माना जाता है, की श्री कृष्णा के इस माला के धारण करने के पीछे राधा जी का प्रेम हैl राधा जी के द्वारा ही पहली बार एक माला को पहनाया गया था इसलिए यह माला भगवान श्री कृष्ण को अति प्रिय है।

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माता लक्ष्मी जो सौंदर्य की देवी है ,जो धन की देवी है, जो भौतिक सुख संसाधनों को प्रदान करने वाली हैं, ऐसा माना जाता है, कि माता लक्ष्मी वैजयंती माला में निवास करती है, जो कि जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु के वक्षस्थल पर सदा विराजमान रहती है, तथा उनके ह्रदय के समीप सदैव अपने प्रेम की अनुभूतियों को प्राप्त करते रहती है, इसलिए जहां भी माता लक्ष्मी रहती है lवहां नारायण स्वयं आ जाते हैं, और जहां श्री हरि विष्णु का वास होता हैl वहां माता लक्ष्मी स्वयं निवास करती है, इसके साथ ही श्री कृष्ण का अमिट एवं अमर प्रेम राधा जी के साथ दर्शाता है, वैजयंती के बीजों में प्राकृतिक रूप से छिद्र मौजूद रहते हैं, जिन्हें धागे पीरों कर माला तैयार की जाती है।

वैजयंती के बीजों की संरचना से हमें यह ज्ञान प्राप्त होता है, कि सदा जीवन में मुस्कुराते हुए आगे बढ़ना चाहिए lजीवन का आनंद तभी परिपूर्ण होता है, जब प्रभु भक्ति का अमृत रस पान किया जाता है। जब तक प्राण है, जब तक प्राण तत्व की प्रधानता जीवात्मा में बनी रहती है, तब तक विपरीत परिस्थितियों में भी मुस्कुराते रहना चाहिए lजीवन का हर पहलू से जीवंत होने की भावना को प्राप्त करते रहना चाहिए, इसके साथ ही इसके बीजों से यह भी अर्थ मिलता है, कि हम कितने ही ऊंची क्यों ना हो जाए किंतु जिस प्रकार एक फल वाला पौधा की पत्ती जब उससे अलग होती है lतब वह क्षत-विक्षत हो जाती हैl वह जीवन के जीवंत स्वरूप को खो देती है, एवं मृत्यु शैया की गोद में सदा के लिए लेट जाती है, जबकि जो पत्तियां पेड़ से लगे हुए रहती है।

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उनमें प्राण तत्व की प्रधानता बनी रहती है, इसलिए इस पुष्प के माध्यम से हमें यह सीख मिलती है, कि हमें कभी भी अपने जड़ों को छोड़कर नहीं जाना चाहिएl यदि हम जड़ों से मुमुक होते हैंl हम अपने कर्म भूमि से विमुख होते हैं, तो हम सदा के लिए मृत्यु की आगोश में सो जाते हैं, किंतु यदि हम अपनी भूमि से जुड़े हुए रहते हैं, तो हम किसी न किसी रूप में चिरंजीवी हो जाते हैंl वैजयंती पुष्प जितना सुंदर देखने में होता है, जितना शोभा सौंदर्य युक्त होता है lयह देखने में नैनो को मधुर्य अनुभूति प्रदान करता हैl यह एक सुगंधित पुष्प होता हैl वैजयंती के फूल तथा माला को बहुत शुभ एवं पवित्र माना जाता है lयह वृक्ष जहां भी रहता हैl उसके आसपास की ऊर्जा स्पंदन शक्ति बहुत अधिक रहती हैl वहां किसी भी तरह की नकारात्मक शक्ति रुक ही नहीं पाती है lप्रभु के चरणों का स्पर्श से उसे मुक्ति के मार्ग की प्राप्ति हो जाती है।

वैजयंती के पुष्पों से यदि भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी को अर्पण किया जाए, तो ऐसा माना जाता है, कि सभी मनोकामनाएं बहुत जल्द पूर्ण होने लगती है lयह माला सौभाग्य को बढ़ाने वाली माला हैl वैजयंती माला को विजय दिलाने की माला के नाम से अलंकृत किया जाता हैl वैजयंती माला धारण करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है lयह प्रचंड भाग्य फल को प्रदान करने में बहुत ही अद्भुत रूप से लाभप्रद माना जाता हैl इसे धारण करने के लिए किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, इससे प्रत्येक आयु वर्ग के लोग धारण कर सकते हैं, तथा इसके दुष्प्रभाव बिल्कुल भी नहीं होते हैंl यही कारण है, कि वैजयंती माला का प्रयोग लोगों के द्वारा व्यापक रूप से किया जाता है।

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1. वैजंती माला उद्धारण करने से कई प्रकार के ग्रह दोषों का निवारण होता हैl मंत्र साधना में सिद्धि प्राप्त करने के लिए भी इस माला को बहुत अधिक लाभ प्रद माना जाता हैl ऐसी मानयता है, कि उस नक्षत्र में यदि वैजंती के बीजो से बनी हुई माला किसी व्यक्ति को धारण करवा दिया जाए तो उसके भाग्य बदल जाते हैं lवह प्रबल सौभाग्य को प्राप्त करता है, से अनेक प्रकार से मान सम्मान की प्राप्ति होती है, समाजिक पद प्रतिष्ठा में उत्थान होता हैl

2. वैजंती माला के कई चमत्करी औषधिय गुण भी होते हैं, ऐसे लोग जो बहुत अधिक बीमार रहते हैंl जिनकी स्वास्थ्य प्रणाली निम्न स्तर की होती हैl वैसे लोगों को इस माला को अवश्य धारण करना चाहिए, इससे उन्हें स्वास्थ संबंधित चिंताओं में बहुत अधिक आराम प्राप्त होता है, उनके स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार देखने को मिलता है, यह उनकी मानसिक चेतना को शांति प्रदान करता हैl

3. वैजयंती माला से यदि सूर्य ग्रह की उपासना की जाए, तो विभिन्न प्रकार के नकारात्मक प्रभाव जो विभिन्न नक्षत्रों के द्वारा दी जाती हैl विभिन्न प्रकार के ग्रहों के द्वारा दी जाती है lउन सभी के द्वारा दिए जाने वाले दुष्प्रभाव को यह पूर्ण रूप से नष्ट कर देता हैl खासकर शनि ग्रह के द्वारा उत्पन्न किए जा रहे हर प्रकार के नकारात्मक दृष्टिकोण को यह पूर्ण रूप से नष्ट कर देता है lशनि ग्रह के द्वारा दिए जाने वाले शारीरिक कष्ट हो या मानसिक कष्ट हो या किसी भी तरह का ग्रह दोष हो यह सभी को पूर्ण रूप से नष्ट करने में सक्षम होता है, ऐसा माना जाता है, कि सूर्य ग्रह के मंत्र का जाप यदि वैजयंती माला से किया जाए तो जातक को स्वस्थ काया की प्राप्ति होती है, उसके मुख्य मंडल की चमक बढ़ती है, उसके व्यक्तित्व का तेज बढ़ता है, उसे खूब मान सम्मान की प्राप्ति होती है।

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4. जो लोग गृह क्लेश से पीड़ित है, या जो लोग चाहते हैं, कि मांगलिक कार्य जैसे विवाह जल्द ही संपन्न हो जाए बिना किसी अवरोध के तो ऐसे में भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप वैजयंती माला से करना चाहिए, इससे वैवाहिक जीवन से संबंधित हर प्रकार की परेशानी दूर होती है, तथा विवाह जैसे मांगलिक कार्य भी जल्द ही संपन्न होते हैंl

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