मोती किस राशि वालों को नहीं पहनना चाहिए – Moti Kis Rashi walon Ko Pahanna Chahiye

मोती किस राशि वालों को नहीं पहनना चाहिए – Moti Kis Rashi walon Ko Pahanna Chahiye

 

मोती किस राशि वालों को नहीं पहनना चाहिए

मोती किस राशि वालों को नहीं पहनना चाहिए आज हम जानने का प्रयास करेंगेl भले ही मोती एक जैविक संरचना है, जिसकी वजह से उसे नवरत्नों में से एक होने की उपाधि प्राप्त है, किंतु यह रत्न आपके कुंडली के किस भाव में चंद्र उपग्रह अवस्थित हैl उसी पर निर्धारित होता है, कि इस रत्न को धारण करना किसी भी जातक के लिए कितना अनुकूल या कितना अधिक प्रतिकूल हो सकता है, या यह अपना प्रभाव उनके जीवन के विभिन्न आयामों पर किस प्रकार दिखा सकता हैl मोती रत्न का प्रयोग केवल रत्न शास्त्र या ज्योतिष विज्ञान में ही नहीं अपितु औषधीय विज्ञान में भी इसकी इतनी ही महत्ता बताई गई है, इसके संयोजको का हमारे मन के ऊपर गहरा प्रभाव पड़ता है।

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अतः जब यह रत्न किसी के ऊपर अपना अनुकूल प्रभाव दिखाता है, तो जातक के मन में असीम शांति एवं शीतलता का भाव उत्पन्न होता हैl उसके अंदर सकारात्मक शक्तियों का संचार बढ़ जाता है, जिससे आपको हर और शांति का वास हो ऐसा प्रतीत होता है, तथा आपका मन प्रफुल्लित रहता है, एवं आप अपने कार्यों का निर्वहन पूरी एकाग्रता से करते हैं, तथा यह रत्न आपके संबंधों को जो संबंध बिगड़ गए थे या उनके ठीक होने की संभावना बिल्कुल ना के बराबर थी उन रिश्तो में भी यह रत्न जान डालने की क्षमता रखता है, तथा आपके अपने लोगों के साथ आपके संबंधों को प्रगाढ़ बनाता है।

यह प्रकृति द्वारा दिया गया जैविक स्वरूप में एक रत्न है, जो अद्वितीय ,अद्भुत है lयह रत्न चंद्र ग्रह से संबंधित होता है, चंद्र ग्रह जो हमारे मन के कारक होते हैं lउनकी शक्तियों को यह रत्न निरूपित करता है, किंतु जैसे और रत्नों के साथ होता है, कि हर कोई उन्हें धारण नहीं कर सकता उसी प्रकार मोती रत्न को भी हर किसी के द्वारा धारण करने से शुभ प्रभाव देखने को नहीं मिलता है।

मोती रत्न इन राशि वाले जातकों को नहीं पहनना चाहिए-

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1. कुंभ राशि -कुंभ राशि के जातकों को यह रत्न धारण नहीं करना चाहिए, अन्यथा उन्हें बहुत सी शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हैl उन्हें फेफरे संबंधित रोग हो सकते हैंl सर्दी ,जुकाम ,एलर्जी जैसी चीजों से उनकी स्थिति और भी बदतर हो सकती है, तथा उनके रिश्ते अपने लोगों के साथ ही बिगड़ने लगेंगे एवं समय पर अपने लोग उनका साथ छोड़ देंगे तथा ऐसा भी हो सकता है, कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ यह मानसिक स्वास्थ्य को भी क्षति पहुंचा दे lअतः इसे धारण करने से बचें।

2. मकर राशि- मकर लग्न राशि के सप्तम भाव में यदि चंद्र ग्रह स्थित तो वह मार्केश जैसी स्थिति उत्पन्न करता है, जिसकी वजह से यदि यह रत्न धारण किया जाता है, तो जातक में मानसिक अवसाद बढ़ने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है, तथा अनिद्रा बेचैनी पागलपन जैसी चीजें उसके व्यक्तित्व में धीरे-धीरे शामिल होने लगती है, जिससे वह पूरी तरह से निराश हो जाता है lउसका मन में नकारात्मकता का भाव इस कदर छा जाता है कि वह आत्महत्या जैसे जघन्य अपराध की भी सोचने लगता है।

3. धनु राशि- धनु राशि के द्वारा यदि यह रत्न धारण किया जाता है, तो वह स्वयं ही अपनी परेशानियों को निमंत्रण देते हैं, क्योंकि धनु लग्न वाले जातकों की कुंडली में चंद्रमा अष्टम भाव के स्वामी होते हैं, ऐसे में यह उनकी कुंडली में अशुभ स्थिति में माने जाते हैं, और यदि इनसे संबंधित कोई भी उपाय किया गया तो स्थिति और भी बदतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैंl अतः इस रत्न को धारण करने से पूर्व हजार बार सोचे।

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4. मिथुन राशि -मिथुन राशि के जातकों को यह रत्न नहीं पहनना चाहिए क्योंकि आपकी परिस्थिति भले ही जो भी हो यदि आप यह रत्न धारण करते हैं, तो आपकी परिस्थिति दिन प्रतिदिन और बिगड़ती चली जाएगी क्योंकि मिथुन लग्न वाले जातकों की कुंडली में चंद्रमा द्वितीय भाव में स्थित होते हैं, जिसकी वजह से यह अपना प्रभाव अशुभ ही देते हैं, ऐसे में यदि इन से संबंधित जातक मोती रत्न धारण करता है, तो उसकी मानसिक स्थिति बिल्कुल चरमरा जाती है, तथा हर चीज में वह नकारात्मक पहलुओं को देखने लगता है, जिससे उसकी परेशानियां और अधिक बढ़ जाती हैl भावनात्मक रूप से वह खुद को बहुत कमजोर समझ में लगता है।

5. सिंह राशि -सिंह राशि के जातकों को यह रत्न धारण नहीं करना चाहिए क्योंकि सिंह राशि वाले जातकों के कुंडली में चंद्रमा उपग्रह द्वादश भाव में स्थित होने की वजह से यदि इस रत्न को धारण किया गया तो उसके दुष्परिणाम उनके जीवन पर व्यापक रूप से पड़ने लगता है, तथा बने बनाए कार्य उनके बिगड़ने लगेंगे lस्वास्थ्य संबंधित समस्याएं बढ़ने लगेगी तथा माता से भी संबंध उनके खराब होने लगेंगे।

6. वृषभ राशि- वृषभ राशि वाले जातकों के लिए यह रत्न बिल्कुल भी अनुकूल प्रभाव किसी भी परिस्थिति में नहीं देता है, क्योंकि उनकी लग्न कुंडली में चंद्रमा तीसरे भाव का स्वामी होता हैl इस वजह से इस रत्न को धारण करने से बचना चाहिए क्योंकि यह आपको रुपयों पैसों संबंधित विभिन्न प्रकार की परेशानियां दे सकता है, जिससे घर परिवार में वाद विवाद जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो जाता है lअपने ही लोगों से आप झगर बैठते हैं, तथा उन्हें अपना दुश्मन मानने लगते हैं lयह आपके रिश्तो को खराब कर देता है, रिश्तो से मिठास को समाप्त कर देता है।

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7. कन्या राशि- कन्या राशि के जातकों को इस रत्न को धारण करने से बचना चाहिएl इस रत्न को धारण करने से आपका धन हानी के साथ-साथ मानहानि की भी प्रबल संभावना बन जाती हैl यह रत्न आपको लाभ से अधिक हानि पहुंचाता हैl अतः इस रत्न को धारण करने से बचेl कन्या लग्न वाले लोगो की जन्म पत्रिका में चंद्रमा 11 भाव में स्थित होते हैं, जिसकी वजह से यह अपना परिणाम अनुकूल की जगह प्रतिकूल अधिक देते है, ऐसे में यह रत्न धारण करने की वजह से आपका मन हमेशा निराशा से तथा नकारात्मकता से भरा हुआ रहता है, जिससे आप अपनी वाणी पर नियंत्रण खो देते हैं और आप के झगड़े बढ़ने लगते हैं, एवं मानहानि जैसी संभावना उत्पन्न होने लगती है।

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