पन्ना रत्न का उपरत्न – Panna Ratna Ka Uparatn

पन्ना रत्न का उपरत्न – Panna Ratna Ka Uparatn

 

 पन्ना रत्न का उपरत्न –

पन्ना रत्न का उपरत्न- आज का हमारा विषय हैl आज हम जानने का प्रयास करेंगे कि पन्ना रत्न के लाभों को lहम इसके किन-किन उप रत्नों को धारण करके प्राप्त कर सकते हैं, तथा इसके कौन-कौन से उपरत्न होते हैं, जिनमें पन्ना रत्न के समान ही शक्तियां विद्यमान रहती हैl

पन्ना रत्न हमारे बुद्धि का कारक होता है पन्ना रत्न बुध ग्रह को समर्पित एक रत्न है, जिस में प्राकृतिक रूप से बहुत ही अद्भुत ऊर्जाए मौजूद रहती है, इसकी शक्तियो आदि है, न अंत है, या अपने अंदर बहुत सी गुप्त शक्तियां संजोए हुए रखता हैl इसका निर्माण बेरिल खनिज से होता हैl यह रत्न देखने में हरा होता है, इसके ग्राफिक्स को पहचानना इतना आसान कार्य नहीं है, यह विभिन्न प्रकार के हरे रंग का रत्न होता हैl क्रोमियम तथा वैनेडियम की संयोजक जो पन्ना रत्न में पाए जाते हैं, यही मुख्य रूप से पन्ना रत्न के हरे रंग होने का कारण है।

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पन्ना रत्न हमें मुख्यतः कोयले के खदानों से प्राप्त होता हैl प्रारंभिक अवस्था में इससे कोयले से अलग करना आसान कार्य नहीं है lबहुत से विभिन्न प्रकार की जटिल जांच पड़तालओं के पश्चात भी कभी-कभी इसके मौजूदगी का एक भी नामोनिशान नहीं प्राप्त होता हैl कोयले की बारीकियों की से जांच करने के पश्चात हमें यह रत्न प्राप्त होता है, तथा उस वक्त इसमें बहुत सी त्रुटियां मौजूद रहती हैl बहुत सी दरारें रेखाए या दाग मौजूद रहता है, तब इसे विभिन्न चरणों से होकर गुजरना होता है, जिसे इसे अलंकृत किया जा सके, सबसे पहले इसे देवदार तेल के उपयोग कर इसे काटा जाता है, तथा इसे विभिन्न प्रकार के आकारों में बदला जाता हैl इसे उसके पश्चात भी विभिन्न प्रक्रियाओं से गुजरना होता है, तब जाकर हमें एक अद्भुत ,आकर्षक, विशिष्ट गुणों वाला पन्ना रत्न प्राप्त होता हैl

भारत में भी अतुलनीय रत्न का भंडार अवस्थित है, अभी हाल ही के ताजा जानकारी जो हमें अखबारों से उपलब्ध हुई हैl उसके अनुसार झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला के घाटशिला अनुमंडल के बिहड़ में बारूदमुट्ठी गांव तथा और 2 गांव से सटे पहाड़ों में बेशकीमती खनिज संपदा पन्ना रत्न का भंडार होने की सूचना प्राप्त हुई है lयहां की प्रारंभिक जांच से पता चला है, कि यहां प्रचुर मात्रा में पन्ना रत्न का भंडार स्थित है lसर्वे टीम के मुताबिक यहां करीब 600 एकड़ वन भूमि और पहाड़ों में पन्ना का भंडार हैl पूर्व में भी जब बारुणमुट्ठी, ठुकुरगोड़ा तथा बारीकियां गांव इन तीनों गांव से सटे पहाड़ों में लगभग 6700 किलो पन्ना का भंडार है, ऐसा बताया गया था यह भी कहा गया था कि यहां का पन्ना रत्न बहुत ही उत्तम गुणवत्ता वाला रत्न है।

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 भारत के विभिन्न दुर्गम इलाकों में इस रत्न के भंडार और भी अवस्थित हो सकते हैं, किंतु इसका खनन बहुत ही महंगा होता है, तथा वहां तक पहुंचना किसी जो जोखिम से कम नहीं है, इसलिए अभी भी इसके बहुत से खदान मिलने बाकी हैl पूरे विश्व में सबसे मांगा पन्ना रत्न कोलंबिया में पाया जाता है कोलंबिया कि मुजो सिटी की पहाड़ी इलाकों में इसके कई खदान स्थित है, किंतु यहां से खनन करना अपने मौत को दावत देने के समान है, यहां पर बहुत से जंगली जीवो का खतरा रहता है, तथा जहरीले सांपों एवं अन्य प्रकार के जीवो का भी खतरा लगातार बना रहता हैl बहुत से स्मगलर आदि भी यहां घात लगाकर बैठे हुए रहते हैं, फिर भी लोग अपनी जान को हथेली पर लेकर यहां से पन्ना रत्न का खनन करते हैंl

पन्ना रत्न वास्तव में बहुत महंगा रत्न है, जिसकी कीमत चुकाना हर किसी के बस की बात नहीं होती हैl ज्योतिषीय गणना के अनुसार तथा रत्न शास्त्र के अनुसार दिए जाने वाले विशिष्ट गुणों के कारण इसकी महत्ता को और भी अधिक बढ़ जाति है, जिसकी वजह से इसका मूल्य निरंतर बढ़ता रहता है, किंतु जब लोगों के पास पैसे कम रहते हैं, तो इस अवस्था में उनके द्वारा पन्ना रत्न के बहुत से उपरत्न में जो होते हैं, उन्हें धारण किया जाता है, जिससे इसके विभिन्न प्रकार के गुणों का उपयोग कर अपने जीवन को सुगम बना सके तथा सफलता प्राप्त कर सकें, रत्नों तथा उप रत्नों में बस फर्क यही होता है, कि रत्न आपको अधिक दिनों तक अपना प्रभाव दिखाते हैं, अपना ऊर्जा आपको अधिक दिनों तक प्रदान करते हैं।

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जबकि उपरत्न कुछ विशिष्ट समय के लिए धारण किया जाता है, क्योंकि इनके ऊर्जा का क्षय जल्दी ही होने लगता हैl इसी वजह से समय-समय पर इन्हें बदलते रहना आवश्यक है, अन्यथा आप को जो लाभ मिलना चाहिए आप उन लाभों से वंचित रह जाएंगेl बहुत से लोगों के मन में यह भी भय बना रहता है, कि यह महंगा रत्न खरीदने की पश्चात भी यदि यह नकली निकला तो इतनी ऊंची राशि चुकाने के बाद भी यदि रत्न कृत्रिम रूप से निर्मित प्राप्त हुआ तो ऐसी परिस्थिति में लोगों के पैसे तो बर्बाद होंगे ही साथ में उनके अरमानों पर भी पानी फिर जाएगा तथा जिस चीज के लिए वह उसे धारण करना चाह रहे थे वह चीज भी पूरी नहीं होगीl

 जिससे वह काफी आहत हो जाते हैं, ऐसी परिस्थिति में उप रत्नों का सहारा लिया जाता है, पहले यह जांचा जाता है, कि यह उपरत्न उन पर जच रहा है, या नहीं उसके अनुकूल प्रभाव उस पर पड़ रहे हैं, कि नहीं और साथ ही उन्हें इतनी ऊंची कीमत भी चुकानी नहीं पड़ती इन उपरत्नों को खरीदने में इसलिए लोगों के द्वारा उप रत्नों को व्यापक रूप प्रयोग में लाया जाता हैl

बाजारो में आसानी से प्राप्त होने वाले पन्ना रत्न के उपरत्न है-
हरा बैरूज, ओनिक्स,
मरगज, पेरिडॉट

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इन सभी उप रत्नों में से सबसे अधिक प्रभावशाली एवं गुप्त शक्तियां क स्वामी मरगज उपरत्न को माना जाता है, तथा यह रत्न आपको आसानी से बाजारों से भी उपलब्ध हो जाएगा ।आजकल तो हमें ऑनलाइन की इन सभी उप रत्नों में से सबसे अधिक प्रभावशाली एवं गुप्त शक्तियां क स्वामी मरगज उपरत्न को माना जाता है, तथा यह रत्न आपको आसानी से बाजारों से भी उपलब्ध हो जाएगा । सुविधा प्राप्त होने लगी है, जिससे हम इसकी अच्छी गुणवत्ता वाले मरगज उपरत्न को प्राप्त कर सकते हैंl पेरिडॉट की गुणवत्ता भी बहुत अच्छी होती है, यह एक उत्कृष्ट गुणवत्ता वाला उपरत्न होता है, जिसे लोग पेंडेंट अथवा अंगूठी में धारण करते हैंl बहुत से लोगों के द्वारा इसके विभिन्न आभूषण भी धारण किया जाता है,जिससे अपने बुध ग्रह को मजबूत बना सके तथा विभिन्न प्रकार के सकारात्मक अनुभूतियों का अनुभव कर सकेl

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