पन्ना का उपरत्न क्या है – panna ka upratna kya hai

पन्ना का उपरत्न क्या है – panna ka upratna kya hai

पन्ना का उपरत्न क्या है,panna ka upratna

 kya hai

पन्ना का उपरत्न क्या है?? पन्ना का उपरत्न क्या है? कौन-कौन सा ऐसा उपरत्न है? जो पन्ना के उपरत्न के रूप में प्रयोग में लाया जा सकता है ।आज हम इस लेख के माध्यम से जानने का प्रयास करेंगे कि विश्व विख्यात अद्भुत प्रभाव से युक्त पन्ना रत्न (Panna Ka Upratna Kya Hai) अनुपलब्धा के समय कैसे किसी दूसरे समतुल्य उपरत्न का प्रयोग कर सकते हैं?

पन्ना का उपरत्न???

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पन्ना रत्न जिसके ऊपर बुद्ध ग्रह का आधिपत्य माना जाता है।जो ध्यान बुद्धि विवेक अध्यात्म एवं व्यावसायिक संरचना के आधारशिला का निर्माण करने वाले माने जाते हैं। जिनकी बिना ज्ञान की जोत नहीं जल सकती है।जिनके बिना बानी का कौशल प्राप्त नहीं हो सकता है।ऐसे बुद्ध ग्रह की शक्तियों को उनके आशीर्वाद को प्राप्त करने के लिए लोगों के द्वारा बुद्ध ग्रह का पन्ना रत्न का उपरत्न धारण किया जाता है। बुध ग्रह कंया राशि तथा मिथुन राशि के स्वाभिमानी जाते हैंl बुद्ध ग्रह से संबंधित रत्न पन्ना बहुत कीमती पत्थर माना जाता है।ऐसे में जिन लोगों के पास उत्तम संसाधन नहीं रहता है।जिसके कारण इस दिव्य रत्न को खरीद कर धारण कर सके तो ऐसे में लोग पन्ना रत्न के उपरत्न (Panna ratna ke fayde)को धारन करना उचित समझते हैं। कई बार यह भी देखा जाता है कि ठगी के शिकार होने से बचने के लिए भी लोग पन्ना रत्न के उपरत्न को धारण करते हैं।कभी-कभी ऐसा भी देखा जाता है कि किसी विशिष्ट कार्य की पूर्ति के लिए भी कुछ विशिष्ट अवधि तक ही पन्ना रत्न धारण करने की सलाह किसी व्यक्ति विशेष को दी जाती है ।ऐसे में वह व्यक्ति पन्ना रत्न को चयन करने की जगह से संबंधित उसके उपरत्न को ही अधिक महत्व देते है तथा उसे धारन करते हैं।

पन्ना का उपरत्न???

पन्ना का उपरत्न क्या है,panna ka upratna kya hai

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पन्ना का उपरत्न -बैरुजी ,पेरिडॉट, मरगज ,पन्नी आदि जैसे उप रत्नों को प्रमुख उपरत्न के रूप में जाना जाता है। इन सभी उपरत्न में भी पन्ना के समान ही अच्छे गुणवत्ता वाले प्रभाव डालने की क्षमता होती है। यह रत्न भले ही पन्ना रत्न (Panna ratna ke labh)की तुलना में धीमें प्रभाव डाले किंतु यह भी किसी भी विशिष्ट कार्य की पूर्ति के लिए बहुत ही सार्थक रूप से प्रयोग में लाए जा सकते हैं।केवल पन्ना रत्न तथा उससे संबंधित उप रत्नों में एक फर्क यह होता है कि उप रत्नों की शक्तियां जल्द ही क्षरण अवस्था में चली जाती है तथा कुछ समय के बाद वह पूर्ण रुप से अर्थ सून्या हो जाती है।जबकि पन्ना की प्राकृतिक शक्तियां काफी समय तक प्रभावित होकर अपना प्रभाव डालती है।

1)• बैरुज- एक प्रकार का पन्ना(Panna Ka Upratna Kya Hai) का उपरत्न है ।जो हरे वर्ण की आभा से युक्त होता है ।जो देखने में भले ही अपारदर्शी दिखाई पड़ता है किंतु जब इस पर प्रकाश की किरने पड़ती है। तब हल्की हरी रोशनी उत्सर्जित करता है ।जो मन मस्तिष्क को बहुत अधिक सकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं।जिसके कारण उपचारात्मक गुन को देखते हुए यह मानसिक वेदनाओं को शांति प्रदान करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है।

2)• मरगज- इसकी वर्ण भी हल्की हरे रंग की होती है ।यह अपारदर्शी होता है तथा इसकी सतह बहुत ही सुंदर एवं नर्म होती है।इसे भी पन्ना रत्न के समतुल्य माना जाता है किंतु पन्ना की तुलना में इसमें विशिष्ट गुण कम होते हैं ।यही कारण है कि इसे जब धारण किया जाता है। तब इस की मात्रा बढ़ाकर धारण करने की सलाह दी जाती है ।इसे धारन करने से कई प्रकार के शारीरिक एवं मानसिक चीजों पर प्रवीण प्रभाव प्राप्त होता है ।ऐसा मानना जाता है कि इसका प्रयोग त्वचा से जुड़े हुए कई प्रकार की बीमारियों में किया जा सकता है।इससे दाग धब्बे मुहासे आदि में काफी आराम प्राप्त होता है ।इसके साथ ही चेहरे की कांति भी बहुत बढ़ती है।इसका प्रयोग कई प्रकार की सौंदर्य वस्तुओं के निर्माण में भी किया जाता है। शारीरिक तौर पर तथा मानसिक रुप से भी यह व्यक्ति विशेष को सकारात्मक ऊर्जा के अस्तित्व को प्राप्त करने में बहुत मदद करता है।

पन्ना का उपरत्न क्या है,panna ka upratna kya hai

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3)• पेरीडॉट- यह एक सेमी प्रेशीयस स्टोन है ।जो देखने में बहुत ही सुंदर होता हैl पेरीडॉट पन्ना रत्न का एक ऐसा उपरत्न है।जिसमें धन को आकर्षित करने की अद्भुत क्षमता देखने को मिलती है इसलिए इसे पैसे का पत्थर कहा जाता है।जिस भी व्यक्ति विशेष के द्वारा इसे धारण किया जाता है। वह जल्द ही आर्थिक चीजों में बहुत ही अद्भुत प्रभाव को प्राप्त करने लगता है। उसके पास पैसे के अनगिनत स्रोत बने लगते हैं। हरे रंग की आभा से युक्त यह बिल्कुल तोता के रंग के समान दिखाई पड़ता है।

इसे धारण करने से सुख समृद्धि धन संपदा की कमी नहीं रहती है।मानसिक शांति प्रदान करने की छमता भी इसकी बहुत ही अद्भुत होती है।दिमाग की एकाग्रता शक्ति में वृद्धि में यह बहुत ही सहायक होता है ।इसे धारण करने से आभा की शुद्धता होती है तथा आभा से संबंधित विभिन्न प्रकार के दोष समाप्त होते हैं ।मान- सम्मान की प्राप्ति में भी यह बहुत ही प्रभावी रूप से अपने प्रभाव को दर्शाता है ।यह व्यक्ति विशेष को हमेशा सकारात्मक चीजों के प्रति झुकाव को बढ़ा देता है।जिससे व्यक्ति के नकारात्मक विचार खत्म होने लगते हैं एवं उसके जीवन में सुख शांति का वास होने लगता है।

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4)• पन्नी- पन्नी भी पन्ना का एक प्रकार का उपरत्न माना जाता है।जो पन्ना के खानों से विशिष्ट अवस्था से प्राप्त होता है यह पन्ना का ही अंश माना जाता है।किंतु इसकी गुणवत्ता पन्ना की तुलना में कम आंकी जाती है।वजन में भी यह पन्ना(Panna ratna ke labh)की तुलना में काफी भारी होता है तथा विभिन्न प्रकार के औषधियों में इस दिव्य मनका का प्रयोग किया जाता है ।यह ना केवल मनुष्यों के विभिन्न प्रकार के समस्याओं के उपचारात्मक रूप में प्रयोग में लाया जाता है।बल्कि विभिन्न प्रकार के पशु पक्षियों को होने वाले अनेक प्रकार के रोगों से भी मुक्ति दिलाने में इस रत्न की अलग ही भूमिका मानी जाती है ।इसे धारण करने से गजब की मानसिक शांति प्राप्त होती है तथा उदर से संबंधित जितने भी रोग होते हैं।

उन सभी पर यह बहुत ही अच्छे प्रभाव डालता है।इससे कई प्रकार की त्वचा से संबंधित परेशानियां भी दूर होती है त्वचा की सुंदरता में चार चांद लगा देता है ।इसकी कांति आंखों को बहुत ही शीतलता प्रदान करती है।यह उपरत्न पन्ना (Panna ratna ke fayde)के उपरत्न के रूप में प्रयोग में लाया जा सकता है तथा इसकी भी क्षमता अच्छी खासी मानी जाती है।

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उपर्युक्त वर्णित जितने भी उपरत्न है।उन सभी में से सबसे अच्छा उपरत्न मरगज को माना जाता है वैसे तो ओनिक्स भी पन्ना का उपरत्न है ।कई ऐसे अभी और उपरत्न है।जो पन्ना की स्थान पर धारण किए जा सकते हैं ।सभी का प्रभाव बहुत ही अच्छा देखने को मिलता है ।बस उन्हें केवल कुछ विशिष्ट वजन के रूप में धारण किया जा सकता है क्योंकि पन्ना के उप रत्नों(Panna Ka Upratna Kya Hai)की क्षमता पन्ना की तुलना में कम होती है इसलिए वजन में उप रत्नों का प्रयोग अधिक किया जाता है।

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