पुखराज किस ग्रह का रत्न है – Pukhraj Kis Grah Ka Ratna Hai

पुखराज किस ग्रह का रत्न है – Pukhraj Kis Grah Ka Ratna Hai

 

पुखराज किस ग्रह का रत्न है

पुखराज किस ग्रह का रत्न है, लोगों के मन में इसकी लोकप्रियता को देखकर बहुत से प्रश्न उठते हैं, कि आखिर बहुत से लोग इस रत्न को धारण करने के लिए क्यों इतने उत्साहित होते हैं, तथा उनके जीवन में आने वाले बदलाव को देखकर लोगों के मन में यह जिज्ञासा उठती है, कि पुखराज किस ग्रह का रत्न होता है।

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पुखराज रत्न गुरु ग्रह बृहस्पति से संबंधित होता है, तथा इसका वर्ण देखने में पीला होता हैl इसमें गुरु ग्रह से संबंधित विभिन्न भौतिक ऊर्जाओं का समावेशन होता हैl बृहस्पति ग्रह पूरे ब्रह्मांड में सभी ग्रहों में से सबसे सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, तथा इन्हें गुरु की उपाधि देवताओं के द्वारा दी गई हैl यह सभी के लिए सम्माननीय आदरणीय होते हैं lसभी लोग इनकी कृपा प्राप्त करने के लिए विभिन्न प्रकार के उपायों को अपनाते हैं, जिससे अपना गुरु ग्रह मजबूत कर सके एवं उनकी कृपा प्राप्ति कर सके तथा जीवन के विभिन्न आयामों में सफलता प्राप्त कर सके पुखराज रत्न गुरु ग्रह से संबंधित विभिन्न परेशानियों को दूर करता है, तथा इसे धारण करने से हमारा गुरु ग्रह काफी मजबूत होता है, कभी-कभी ऐसा होता है, कि कुंडली में विभिन्न ग्रहों की चाल धीरे हो जाते हैं, या वे अल्प गति से चलते हैंl ऐसी परिस्थिति में हमें रत्न धारण करने की सुझाव दी जाती है lठीक इसी प्रकार यदि हमारी कुंडली में यदि गुरु ग्रह बृहस्पति अल्प गति से विचरण करते हैं, तो उनकी शक्तियों को और अधिक प्रबल बनाने के लिए पुखराज रत्न को धारण किया जाता है।

पुखराज रत्न दुनिया के विभिन्न देशों में उपलब्ध होता है, वहां पर इसके खान मौजूद है, जहां से इसका खनन किया जाता है, किंतु जिस जगह पर भी यह अवस्थित होता हैl वहां से खनन करना बहुत मुश्किल होता है, तथा विभिन्न चरणों से गुजर कर यह एक आकर्षक रत्न के रूप में परिवर्तित होता हैl ग्रेनाइट चट्टानों के रूपांतरण से पुखराज रत्न का उद्गम होता हैl बहुत जगह पर ज्वालामुखी के चट्टानों के दरारों में यह रत्न पाया जाता हैl विश्व के सबसे उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले पुखराज रत्न ब्राजील तथा म्यानमार में पाया जाता है, इनकी गुणवत्ता सर्वोत्तम होने की वजह से इनका मूल्य भी बहुत अधिक होता है, तथा यह देखने में और जगह के पुखराज रत्न से अधिक गहरे पीले रंग के होते हैं, तथा इनमें विभिन्न प्रकार की गुप्त शक्तियों का समावेशन व्याप्त होता है।

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विश्व के विभिन्न देश जैसे जापान ,श्रीलंका ,इंडोनेशिया, मलेशिया ,अफगानिस्तान, पाकिस्तान ,भारत आदि देशों में भी यह रत्न पाया जाता हैl पुखराज रत्न का वर्णन केवल पीला ही नहीं होता है lअपितु इसके रंग गुलाबी, नीला ,सफेद, पीला आदि कुछ भी हो सकता हैl बस एक बात खास होती है कि इसके अलग-अलग रंगो वाले पत्थर अलग-अलग ग्रहों को निरूपित करते हैं।

किसी भी रत्न को प्राकृतिक रूप से जब प्राप्त किया जाता है, तो उसमें विभिन्न प्रकार के भौतिक गुण मौजूद रहते हैं, जिसकी वजह से वह विशिष्ट रत्न के रूप में जाना जाता है, किंतु आजकल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के जमाने में इस रत्न के जैसे हुबहू पुखराज रत्न जो कृत्रिम रूप से निर्मित होते हैं, फिर भी बाजारों में धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैंl यह कह कर कि यह प्राकृतिक रूप से निर्मित पुखराज रत्न हैl यदि आप इसके कुछ मापदंडों को जान जाएंगे तो आप अवश्य इस ठगी की शिकार होने से बच जाएंगे तथा आप को प्राकृतिक रूप से निर्मित पुखराज रत्न की सारी शक्तियां प्राप्त होंगी तथा आपके सारे कार्य भी बनेंगे पुखराज रत्न को जानने के लिए विभिन्न मापदंड या पैमाने अपनाए जाते हैं।

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जैसे- पुखराज रत्न का घनत्व बहुत अधिक होता है lइसकी वजह से इसका वजन अधिक होगा भले ही यह देखने में छोटा रहे lआग में जब आप इसे तब आएंगे तब भी यह दड़केगा या चटकेगा नहीं, जब आप इस पर मिट्टी का लेप लगाएंगे या गोबर का लेप लगाएंगे तो इसकी चमक खराब नहीं होगी, बल्कि यह और अधिक बढ़ जाएगी। इसे जब कच्चे दूध में कुछ घंटों के लिए रखा जाता है, तब भी इसकी आकर्षण शक्ति खत्म नहीं होती है lयह देखने में हमेशा चमकीला एवं आकर्षक ही दिखता है, जब इस पर कच्ची हल्दी का लेप लगाया जाता है, तब इसका वर्ण परिवर्तित होकर लाल हो जाता है, जबकि कृत्रिम रूप से निर्मित पुखराज रत्न इन सभी प्रक्रियाओं से यदि गुजरेंगे तो उन में विभिन्न प्रकार की त्रुटि उत्पन्न होने लगेगी।

पुखराज रत्न धारण करने से हमें निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं-

1. इस रत्न को धारण करने से शादी विवाह संबंधित विभिन्न प्रकार की परेशानियां दूर होती हैl यदि किसी युवक या युवती का विवाह नहीं होता है, तो उसे यह रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है, जिससे उसका लग्न जग सके एवं उसका विवाह एक अच्छे कुल में संपन्न हो सके बहुत से दंपतियों में देखा गया है, कि उन में तकरार बहुत अधिक होती है, तथा प्यार का नामोनिशान नहीं रहता है। दिन प्रतिदिन उनके दांपत्य जीवन कांटे की नोक पर खड़ी रहती हैl इन सभी चीजों से यह रत्न मुक्ति दिलाने में सक्षम होता है, तथा दांपत्य जीवन प्यार एवं खुशियों से भर देता है, तथा जोड़ों में प्रगाढ़ प्रेम उत्पन्न करता है।

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2. इस रत्न को धारण करने से आप में कलात्मक तथा रचनात्मक शक्ति का सृजन होता है, जिससे आप में विभिन्न प्रकार की खूबियां जैसे- पेंटिंग ,सिंगिंग, डांसिंग, राइटिंग आदि जैसे चीजों में आप निपुल बनते हैं, आप में विभिन्न प्रकार के कौशलों का निर्माण होता है, जिससे आप अपने जीविकोपार्जन या धन उपार्जन जैसे चीजों में भी उपयोग कर अपना जीवन सफल एवं सुगम बनाते हैं।

3. इस रत्न को धारण करने से आपके बौद्धिक क्षमता का विकास होता है, तथा संज्ञानात्मक शक्ति का भी विकास होता है, जिससे आप मानसिक तौर पर काफी मजबूत रहते हैं।

4. इस रत्न को धारण करने से गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त होती है, जिससे आपका ज्ञान बढ़ता है lआप शिक्षा से संबंधित जिस भी क्षेत्र में रहते हैं, वहां अपना एक नाम कमाते हैंl अपना एक नाम बनाते हैं, तथा लोग आपके ज्ञान के समक्ष नतमस्तक होते हैं।

5. इस रत्न को धारण करने से आपके जीवन में धन संबंधित परेशानियों का निवारण होता है तथा आर्थिक स्थिति दिन-प्रतिदिन सुधरती है।

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