स्फटिक माला का उपयोग – Sphatik Mala Ka Upyog

स्फटिक माला का उपयोग – Sphatik Mala Ka Upyog

स्फटिक माला का उपयोग- Sphatik Mala

 Ka Upyog

इस दिव्य माला की उपयोगिता के बारे में जितना लिखा जाए उतना कम पड़ जाएगा।

1.स्फटिक की माला (sphatik mala pahanne ke fayde) धारण करने से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होनी शुरू हो जाती है, तथा शुक्र ग्रह से संबंधित स्फटिक रत्न नारी तत्वों से परिपूर्ण होता है, यही कारण है, कि देवियों के मंत्रों को जब इस माला के साथ जाप किया जाता है, तब अति शीघ्र फलीत हो जाता है,  यदि किसी भी व्यक्ति के द्वारा माता लक्ष्मी के मंत्र इसके माला से जप किया जाए तो उसके जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं रहती हैl उसका जीवन धन संपदा ऐश्वर्य वैभव से परिपूर्ण रहता हैl माता लक्ष्मी की कृपा से कभी भी उसके घर में दुख दरिद्रता का वास नहीं होता हैl इस रत्न के प्रभाव से हर प्रकार की दुख, व्याधि ,दरिद्रता का नाश होता है।

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2. स्फटिक माला (sphatik mala dharan karne ke fayde) को धारण करने से चमत्कारिक रूप से जातक के आकर्षण तत्व में वृद्धि होती है, इसके साथ ही उसके मुख मंडल की आभा बहुत अधिक उत्कृष्ट एवं जागृत होती हैl यह रत्न उसके रूप को और अधिक निखार देता है lयह माला उसके सौंदर्य को और अधिक बढ़ा देता हैl

3. स्फटिक की माला (sphatik mala dharan karne ke chamatkari fayde) धारण करने से शुक्र ग्रह को बल प्राप्त होता हैl अशुभ शुक्र या निष्क्रिय शुक्र ग्रह की स्थिति अनेक प्रकार की समस्याओं को जन्म देती हैl जातक के जीवन में अनेक प्रकार की व्याधिया आनी शुरू हो जाती हैl उसके भौतिक सुखों में कमी होना शुरू हो जाता है, इसके साथ-साथ विभिन्न प्रकार के वैचारिक मतभेद उत्पन्न होने लगते हैं, दांपत्य जीवन में भी अनेक परेशानियों में जातक फसने लगता है lउसके रचनात्मक एवं कलात्मक कौशलों का क्षरण होना शुरू हो जाता है, आर्थिक स्थिति की मार और अधिक स्थिति को बुरी बना देती है lउसके रहन-सहन में भी बहुत अधिक बदलाव आने लगता है lनौकरी- पेशा ,व्यापार आदि में भी अनेक प्रकार के विघ्न उत्पन्न होने लगते हैं lव्यवहारिक ज्ञान की कमी होने लगती है, अवनति अपना पैर पसारने लगती है।

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आंतरिक प्रफुलता पूरी तरह से हो जाती हैl रोजमर्रा के कार्यों में व्यतिक्रम आलस्य इसके साथ-साथ दूरदर्शिता की भी कमी उत्पन्न होने लगती हैl विशिष्ट कामों की पूर्ति या संपन्नता के समय अनेक प्रकार के विघ्न बाधाएं उत्पन्न होने लगते हैंl धन का क्षरण होना शुरू होने लगता है lअनेक प्रकार से धन गमन होने लगता है ,धन की हानि अनेक प्रकार के अभाव से जातक ग्रसित होने लगता हैl ऐसी परिस्थितियों पर पूरी तरह से नियंत्रण पाने के लिए तथा प्रतिकूल व्यवहारों को पूरी तरह से दूर करने के लिए स्फटिक माला (sphatik mala dharan karne ke labh) को धारण किया जाता हैl

4. स्फटिक माला (sphatik mala ki jankari) किसी के भाग्य को बदलने की क्षमता रखता है, ऐसे लोग जो बहुत मेहनती होते हैं, किंतु उन्हें उनके मेहनत के अनुरूप फल की प्राप्ति नहीं होती है, ऐसे में इस माला का प्रयोग अवश्य करना चाहिए, जिससे उन्हें भाग्य का भी साथ प्राप्त हो सकेl यह माला भाग्य को प्रबल बनाता हैl

5. बाबा भोलेनाथ के मंत्र का भी जप में स्फटिक माला (sphatik mala ka upyog) की बहुत बड़ी उपयोगिता होती है, इससे मंत्र जप करने से मंत्र बहुत जल्दी सिद्ध हो जाता है, तथा यदि कोई व्यक्ति विशेष बहुत अधिक बीमारियों से ग्रसित रहता हैl आए दिन कोई न कोई बीमारी उसे घेरे रहती है, तो ऐसी परिस्थिति में महामृत्युंजय मंत्र का जप स्फटिक माला के द्वारा किया जाना सबसे सर्वोत्तम लाभ उसे प्रदान करता हैl इसके साथ साथ जाप किए जाने वाले माला को यदि रोगी के बिस्तर के आसपास रखा जाए, तब भी उसके स्वास्थ्य में अप्रतिम रूप से लाभ देखने को मिलता है।

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यदि कोई नकारात्मक शक्ति के प्रभाव के कारण उसकी शारीरिक प्रणाली छिंन्न हो गई है, तो ऐसे में भी स्फटिक रत्न (sphatik mala pahanne se kya hota hai) बहुत कारगर सिद्ध होता हैl विभिन्न प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा को यह पूरी तरह से नष्ट करता है, तथा रोगी को स्वस्थ काया प्रदान करने की पूरी चेष्टा करता है, तथा उसके अंदर सकारात्मक ऊर्जा के संचार को भी बहुत अधिक बढ़ा देता है, जिससे उसके मन मस्तिष्क एवं शरीर के सूक्ष्म से सूक्ष्म कोशिकाओं तक सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होने लगे जिसके प्रभाव से नकारात्मक ऊर्जा पूरी तरह से नष्ट हो जाए एवं जातक को स्वस्थ काया प्राप्त हो सकेl उसे रोग व्याधि से मुक्ति मिल सकेl इसके साथ ही इस माला को धारण करने से भगवान शिव शंभू की भी कृपा प्राप्त होती हैl स्फटिक माला जहां भी रहता है, वहां से नकारात्मक चीजें कोसों दूर भागती हैl

6. स्फटिक रत्न (sphatik ki mala kaisi hoti hai) के औषधीय गुणों के कारण चिकित्सा जगत में इसे विशिष्ट स्थान प्राप्त हैl प्राचीन काल से ही स्फटिक के भस्म का प्रयोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता हैl शरीर को उपयुक्त ऊर्जा प्रदान करने के लिए तथा शरीर को बलिष्ट बनाने के लिए भी इसके धातु का प्रयोग किया जाता है, इसके साथ -साथ इसके भस्म का प्रयोग जो अर्पित विकार आदि में भी किया जाता हैl इसके भस्म के प्रयोग से विभिन्न प्रकार के रक्त संबंधित विकार भी दूर होते हैं lअनेक प्रकार की बीमारियों को दूर करने की क्षमता इस औषधीय युक्त रत्न में मौजूद होता है।

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7. छोटे बच्चों को या किसी भी आयु वर्ग के लोगों को ऊपरी बाधा संबंधित चीजों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए स्फटिक माला (sphatik ki mala ka mahatva) का उपयोग किया जाता हैl विशिष्ट मंत्रोच्चार से युक्त इसे विधिवत तरीके से सिद्ध किया जाता हैl उसके पश्चात इसको सुरक्षा जैसी चीजों के लिए प्रयोग में लाया जाता है, स्फटिक रत्न छोटे बच्चे हो या कोई भी आयु वर्ग के लोग सभी को नकारात्मक लोगों तथा नकारात्मक लोगों के द्वारा उत्पन्न कुंठात्मक वाले विचार जातक का बाल तक बांका नहीं कर पाते हैंl किसी भी प्रकार के तंत्र -मंत्र, टोना- टोटका, नजर दोष संबंधित चीजें भी जातक के ऊपर कभी भी हानि नहीं होती है, स्फटिक रत्न हर प्रकार से इन सभी चीजों को नष्ट करने की क्षमता रखता है, जिससे जातक इन सभी चीजों से पूरी तरह से सुरक्षित रहता है, यह एक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करता है।

 

 

 

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