स्फटिक स्टोन के फायदे और नुकसान – Sphatik Stone Ke Fayde Or Nuksan

स्फटिक स्टोन के फायदे और नुकसान – Sphatik Stone Ke Fayde Or Nuksan

स्फटिक स्टोन के फायदे और नुकसान –

Sphatik Stone Ke Fayde Or Nuksan

स्फटिक स्टोन के फायदे- Sphatik Stone Ke Fayde

1. स्फटिक स्टोन जिस भी व्यक्ति के द्वारा धारण किया जाता है lउसके जीवन में सदा भगवान शिव शंभू का आशीर्वाद बना रहता है lउनके घर परिवार को लोगों के ऊपर भगवान शिव शंभू की कृपा सदैव बनी रहती है।

2.स्फटिक स्टोन (sphatik stone pahanne ke fayde) शुक्र ग्रह से संबंधित स्टोन होता है, तथा शुक्र ग्रह नारी तत्व को निरूपित करता है, यही कारण है, कि यदि प्रतिदिन माता लक्ष्मी का मंत्र स्फटिक स्टोन से बने हुए आभूषण से जप किया जाए तो जातक की आर्थिक स्थिति में सुधार होने शुरू हो जाते हैंl इसके साथ ही उसके आय में वृद्धि होती हैl स्फटिक रत्न की कृपा से दरिद्रता का नाश होता है, तथा घर में खुशहाली आती है, एवं धन संपदा की कभी भी कमी नहीं रहती हैl माता लक्ष्मी की कृपा जातक के जीवन में किसी भी सांसारिक सुख की कमी नहीं होने देती है, इसके साथ-साथ जातक का जीवन विभिन्न प्रकार के भौतिक सुख संसाधनों से परिपूर्ण होता है, स्फटिक स्टोन में व्याप्त शक्तियां दुख एवं दरिद्रता को पूरी तरह से नष्ट कर देती हैं।

इसे भी पढ़िए:- मच्छ मणि क्या है?

3. स्फटिक स्टोन (sphatik stone dharan karne ke fayde) को धारण करने से हर प्रकार के भय एवं घबराहट पूरी तरह से समाप्त हो जाते हैं, कोई जातक जिन्हें अधिक घबराहट होती है, या हर चीज को लेकर वह बहुत अधिक भयभीत होते हैं, वह बहुत अधिक संवेदनशील होते हैं, जिसकी वजह से हर वक्त किसी न किसी चिंता में डूबे रहते हैं, जिसकी वजह से वास्तविक जीवन में वे लोग हर चीज से काफी दूरी बना लेते हैं lअपने ही विचारों में इस कदर खो जाते हैं lअपने ही डर में इस कदर खो जाते हैं, कि उनके आसपास क्यों क्या हो रहा है, कुछ पता नहीं चलता है।

उनके विचार ,उनके डर, इतना अधिक उन पर हावी हो जाता है, कि उन्हें पता ही नहीं चलता है, कि वह वर्तमान में जी रहे हैं, या भविष्य में जी रहे हैं, जिसकी वजह से अनेकों परेशानियां उन्हें देखनी पड़ती है lइस तरह की स्थिति में जो भी जातक रहते हैं lउनकी तंद्रा को तोड़ने के लिए स्फटिक रत्न (sphatik stone dharan karne se kya hota hai) को किसी भी प्रकार के आभूषण बनाकर धारण करवाया जाता है, जिससे अंडर एवं घबराहट है, जैसी चीजें पूरी तरह से नष्ट हो जाए एवं जातक अपने वास्तविक लक्ष्य को समझ सके पहचान सके तथा उसे पूर्ण करने के लिए अथक प्रयास करें, अत्यधिक संवेदनशीलता को भी स्फटिक रत्न नियंत्रित करता है।

4. स्टोन का औषधीय गुण भी अद्वितीय होता है lयही कारण है, कि इसके भस्म का प्रयोग ज्वर, पित्त -विकार, निर्बलता तथा रक्त से संबंधित विकारों को भी दूर करने के लिए उपयोग में लाया जाता है।

इसे भी पढ़े:- मोती रत्न कैसे धारण करें 

5. स्फटिक स्टोन (sphatik stone ka prayog ) का प्रयोग छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए किया जाता है, क्योंकि सबसे अधिक छोटे बच्चे ही किसी भी प्रकार के नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव में जल्द ही आ जाते हैं। छोटे बच्चों का मन बहुत कोमल होता हैl उनका मन बहुत निश्चल होता हैl यही कारण है, कि वे लोग किसी भी प्रकार के नकारात्मक शक्तियों तथा बुरे लोगों के नकारात्मक विचार के प्रभाव में बहुत जल्दी आ जाते हैं, जिसकी वजह से बच्चों में चिरचिरा हट पर एवं अधिक रोना तथा हर वक्त किसी न किसी बीमारी से ग्रसित होना आम बात से लगने लगती है, यही कारण है, कि स्फटिक स्टोन का प्रयोग कर छोटे बच्चों को उनकी सर्वोत्तम सुरक्षा प्रदान की जा सकती हैl

इसके साथ-साथ छोटे बच्चों के मानसिक विकास में भी स्फटिक रत्न बहुत कारगर सिद्ध होता हैl स्टोन को किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति के द्वारा धारण किया जाता है, तो उसकी सुरक्षा ऊपरी बाधा संबंधित चीजों से स्वयं हो जाती है, एवं नजर दोष तंत्र मंत्र जैसी चीजें भी पूरी तरह से जातक के ऊपर विफल हो जाती है। स्फटिक रत्न (sphatik stone ka mahatva) इन सभी चीजों के दुष्प्रभाव को नष्ट करने की क्षमता रखता है lयही कारण है, कि इसे धारण करने से नकारात्मक शक्तियों से जातक की रक्षा होती है।

6. जो लोग शिक्षा को ग्रहण करने में किसी भी तरफ से दिक्कतों का सामना कर रहे हैं, या उनकी एकाग्रता शक्ति में कमी है, या उनकी स्मृति शक्ति कमजोर है, तो ऐसी स्थिति में स्फटिक स्टोन की माला (sphatik stone ki mala ke fayde) या ब्रेसलेट अवश्य धारण करें विद्या अध्ययन में आने वाले विभिन्न प्रकार के विघ्नों स्वयं ही समाप्त होने लगेंगे तथा आपके विचारों का दायरा भी बढ़ेगा तथा आपके स्वभाव से निरशपन जैसी चीजें पूरी तरह से समाप्त होंगी इसके साथ ही आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी तथा संचार तंत्र को भी स्फटिक रत्न मजबूत बनाएगा।

7. जिस भी आयु विशेष के द्वारा स्फटिक रत्न को धारण किया जाता है, उसे स्फटिक रत्न शारीरिक स्वास्थ्य प्रदान करता है, तथा उसकी कांति और अधिक आकर्षण युक्त बनती हैl यह उसकी आकर्षण शक्ति को मजबूत बनाता है।

इसे भी पढ़े:- पन्ना रत्न पहनने के अदभुत फायदे 

8.स्फटिक की माला (sphatik stone ki mala ka upyog kaise kare) का उपयोग विभिन्न प्रकार की देवियों के मंत्र को जाप करने के लिए उपयोग में लाया जाता है, जिससे उनसे संबंधित मंत्र बहुत जल्द ही सिद्ध हो जाते हैं, इसके साथ ही अपने प्रभाव भी जातक के जीवन पर अनुकूल रूप से प्रदान करते हैं।

9. इसमें इतना अधिक उपचारात्मक गुण मौजूद होता है, कि स्फटिक स्टोन जिस भी जगह पर रखा रहता है। उस जगह की नकारात्मक ऊर्जा को पूरी तरह से नष्ट कर देता हैl नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश इसकी शक्तियां पूरी तरह से वर्जित कर देती है।

स्फटिक के नुकसान- (sphatik stone ke nuksan kya hai) शुक्र ग्रह की स्थिति को बिना जाने स्फटिक रत्न को भूलकर भी धारण ना करें, अन्यथा लाभ के जगह अनेक प्रकार की हानि हो सकती है, हालांकि स्फटिक स्टोन का प्रयोग केवल शुक्र ग्रह के प्रभाव को पाने के लिए ही नहीं अपितु चंद्रमा की कृपा प्राप्त करने के लिए भी उपयोग में लाया जाता है। यही कारण है, कि इसके नकारात्मक प्रभाव बहुत कम होते हैं, जबकि सकारात्मक गुणों से युक्त स्फटिक रत्न किसी भी व्यक्ति के चमत्कारिक रूप से जीवन बदलने की क्षमता रखता है।

यदि आप अभिमंत्रित किया हुआ स्फटिक स्टोन प्राप्त करना चाहते है तो हमारे नवदुर्गा ज्योतिष केंद्र से पंडित जी द्वारा अभिमंत्रित किया हुआ स्फटिक स्टोन मात्र – 50₹ रत्ती मिल जायेगा जिसका आपको लैब सर्टिफिकेट और गारंटी के साथ में दिया जायेगा (Delevery Charges free) Call and WhatsApp on- 7567233021

 

Leave a Reply