स्फटिक माला के फायदे – Sphatik Mala Ke Fayde

स्फटिक माला के फायदे – Sphatik Mala Ke Fayde

 

स्फटीक माला के फायदे-

1. स्फटीक के मनके जिस प्रकार पूरी तरह से पारदर्शी होते हैं, उसी प्रकार जिस भी व्यक्ति के द्वारा इसे धारण किया जाता है। उसकी समझ में भी बिल्कुल पूरी तरह से पारदर्शिता आती है। जटिल समस्याओं या विषम चीजों को पूरी तरह से सुलझा कर जातक अपनी स्पष्टता को प्रदर्शित करता है, विचारों में शुद्धता एवं स्पष्टता का कारण भी इसमें विद्मान चमत्कारिक भौतिक गुणों के कारण प्राप्त होता है।

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2. स्फटीक की माला का प्रयोग बहुत से विशिष्ट मंत्रों को सिद्ध करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है, इसके मनके प्रायः अधिकतम सर्द से बर्फ के टुकडे से बने हुए होते हैं, तथा बहुत ही दुर्गम स्थानों से यह दिव्य रत्न प्राप्त होता है, जैसे- हिमालय जो कि स्वयं भगवान शिव शंभू की नगरी है, वही से स्फटीक रत्न की प्राप्ति होती है, इसलिए इसका प्रयोग भगवान की शिव शंभू का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भी प्रयोग में लाया जाता हैl भोलेनाथ के मंत्र को भी जपने के लिए इस माला का प्रयोग किया जाता है। इसके साथ-साथ जिस भी व्यक्ति के द्वारा स्फटीक की माला धारण किया जाता है, उस पर स्वयं नीलकंठ भगवान का आशीर्वाद बना रहता है।

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3. माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप यदि किसी व्यक्ति के द्वारा प्रतिदिन इस माला के द्वारा किया जाता है, तो वह जल्द ही सिद्ध हो जाता है। वह जल्द ही फलीत हो जाता है, ऐसे लोगों के जीवन में धन की समस्या शायद ही कभी उत्पन्न हो, अन्यथा उनके जीवन में विभिन्न प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है, तथा माता लक्ष्मी की कृपा से धन-धान्य से संपन्न व्यक्ति होते हैंl उनके घरों में कभी भी दरिद्रता का वास नहीं होता है। माता लक्ष्मी की कृपा से वैभव एश्वर्य हर चीज की प्राप्ति उन्हें होती है, इसके साथ ही बे लोग विभिन्न प्रकार के सुख संसाधनों का आनंद उठाते हैं, उनके जीवन में किसी भी सांसारिक वस्तु की कमी नहीं रहती है।

4. ऐसे लोग जो माता सरस्वती की कृपा से वंचित है, एवं लाख प्रयास करने के बाद भी उनके द्वारा पठन पाठन में रुचि उत्पन्न नहीं हो पा रही है, जिसकी वजह से विद्या अध्ययन में उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, या ऐसे बच्चे जो पढ़ाई लिखाई में कमजोर है, इसके साथ ही उनका दिमागी विकास कम होता है, जिसकी वजह से उनकी स्मृति भी बहुत कम होती हैl उनकी बुद्धि उनका दिमाग उतना कुशाग्र नहीं हो पाता जितना होना चाहिए lऐसे में बच्चों को यदि स्फटीक के माला के द्वारा माता सरस्वती के मंत्रों का जाप करवाया जाए या फिर माला को माता के मंत्र से सिद्ध कर बच्चे के पढ़ाई स्थल पर रखा जाए या फिर स्फटीक की माला यदि उस बच्चे को धारण करवाया जाए lविधिवत तरीके से तो इसके अत्यंत अनुकूल प्रभाव देखने को मिल सकते हैं यह बच्चे की बुद्धि को कुशाग्र बनाता है, तथा उसकी इस स्मृति को मजबूत बनाता है। भावनात्मक रूप से भी बच्चा बहुत मजबूत होता है, तथा विद्या अध्ययन संबंधित चीजों में उसे लाभ प्राप्त होती है।

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5. कई बार ऐसा देखा जाता है, कि जातकों में किसी चीज को लेकर अनजाना भय व्याप्त रहता है, जिसकी वजह से उनका किसी भी काम में मन नहीं लगता है, बेचैनी ,हर वक्त किसी न किसी अनहोनी की आशंका ,कोई खास कार्य बिगड़ने का डर ,उद्विग्नता, सब कुछ ना होने की हीन भावना, चिड़चिड़ापन ,बिना किसी बात का गुस्सा आना ,कभी -कभी अवसाद जैसी स्थिति घर में कलह, मत भिन्नता आदि जैसी चीजों से ग्रसित हो जाता है, कारण अशुभ चंद्र के द्वारा दिए जा रहे प्रतिकूल प्रभाव के साथ-साथ और कई ग्रहों के द्वारा दिए जाने वाले खराब फलों के कारण हो सकता है, ऐसे मे इस रत्न की माला धारण करने से व्यक्ति विशेष को उपर्युक्त वर्णित लक्षणों से पूरी तरह से निजात प्राप्त होता है, इसके साथ ही उनके जीवन में अनुकूल प्रभाव यह वाला दिखाना शुरू करता हैl जिससे नकारात्मक चीजें पूरी तरह से सकारात्मकता में बदल जाती है।

6. इस माला की खासियत होती है, कि यह जिस भी जगह पर रहता है, वहां की सारी नकारात्मक ऊर्जा को पूरी तरह से नष्ट कर देता हैl प्राकृतिक रूप से मौजूद इसमें दिव्य शक्तियां जातक को भी हर ओर से सुरक्षा प्रदान करती है, चाहे वह सुरक्षा अप्रत्यक्ष रूप से हो या फिर प्रत्यक्ष रूप से हो, दुश्मनों के द्वारा दिया जाने वाला कष्ट हो या तंत्र-मंत्र नजर दोष ऊपरी बाधा जैसी चीजें इन सभी को यह निष्फल करने की क्षमता रखता हैl गंभीर अभीचारिक क्रियाओं को भी पूरी तरह से नष्ट करने की क्षमता इस रत्न में प्राकृतिक रूप से विद्यमान होती है।

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7. मानसिक शांति की प्राप्ति के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। यह एक ठंडी प्रवृति का रत्न होता है, यही कारण है, कि यह हमारे मन मस्तिष्क में एकांकी की भावना उत्पन्न करता है, तथा हमारे मन मस्तिष्क को शांति प्रदान करता है, शीतलता प्रदान करता है, जिन बच्चों को बहुत अधिक क्रोध आता है, तथा अनियंत्रित आदतों से पीड़ित है, ऐसे में उनके द्वारा यदि यह माला धारण किया जाता है, तो उनके विचारों में उनके विभिन्न प्रकार के क्रियाकलापों में अनुकूल बदलाव देखने को मिलता है।

8. शुक्र ग्रह की स्थिति को और अधिक बल प्रदान करने के लिए भी इस रत्न की माला का उपयोग किया जाता हैl खराब शुक्र या अशुभ ग्रह के कारण घर परिवार में बहुत अधिक कलह देखने को मिलता है। पति पत्नी में बहुत अधिक विरोधाभास उत्पन्न होता है, जिसकी वजह से दांपत्य जीवन के सारे सुख खत्म होने लगते हैं, ऐसे में इस रत्न को धारण करने पति पत्नी के बीच अच्छे सामंजस्य बनते हैं, तथा पारिवारिक सुख में वृद्धि होता है, अच्छे तालमेल की बढ़ोतरी से घर में सुख संपत्ति एवं शांति का वास होता है।

9. उपचारात्मक गुणों से परिपूर्ण इस माला का उपयोग विभिन्न प्रकार के रोगों के उपचार में लाया जाता है, अनेक प्रकार की बीमारियों में इसके भस्म का प्रयोग किया जाता है, जैसे- त्वचा संबंधित रोग, रक्त से संबंधित विकार, नेत्र से संबंधित विकार, बुखार आदि में भी इसका प्रयोग किया जाता है।

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