चार मुखी रुद्राक्ष का मंत्र – Char Mukhi Rudraksha Ka Mantra

चार मुखी रुद्राक्ष का मंत्र – Char Mukhi Rudraksha Ka Mantra

 

चार मुखी रुद्राक्ष का मंत्र –

रुद्राक्ष जोकि जागृत उर्जा का स्रोत माना जाता हैl इसके कई और स्वरूप होते हैंl भगवान भोलेनाथ के अश्रु धाराओं से रुद्राक्ष वृक्ष की उत्पत्ति हुई हैl रुद्राक्ष के ऊपर प्राकृतिक रूप से जो धारिया बनी हुई होती है lवही उनके एक मुखिया दो मुखिया किसी भी मुख को निर्धारित करती है, उन्हें रुद्राक्ष में से एक रुद्राक्ष होता है, चार मुखी रुद्राक्ष, चार मुखी रुद्राक्ष को साक्षात ब्रह्म देव सृष्टि के पिता तुल्य एवं ज्ञान की गंगा बहाने वाली माता सरस्वती के रूप में पूजा जाता है।

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चार मुखी रुद्राक्ष जिसे तपस्वी हो या साधु संत या आध्यात्मिक क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति विशेष या गृहस्थ जीवन जीने वाले लोगों के द्वारा या सन्यास जैसी उत्कृष्ट पद्धति को अपनाने वाले अलौकिक गुणों के स्वामी या वानप्रस्थ से संबद्ध व्यक्ति विशेष इन सभी के द्वारा चार मुखी रुद्राक्ष धारण किया जा सकता है lइसके लिए किसी भी प्रकार की कोई विशेष नियम आदि नहीं बनाए गए हैं lबस यह अवश्य है कि जिस भी व्यक्ति विशेष के द्वारा इसे धारण किया जाना है, वह उसे सटीक मंत्रों के द्वारा अभिमंत्रित करके धारण करते हैं, जिससे उन्हें उच्च ऊर्जा स्पंदन की अनुभूति होती हैl इसे धारण करने से किसी भी प्रकार की व्यभिचार या गलत मानसिक प्रवृत्ति व्यक्ति विशेष पर हावी नहीं होती है, उसका आचरण, उसका विचार बहुत ही स्वच्छ होता हैl इसे धारण करने से उस में व्याप्त अशुद्धियों का निर्गमन होने लगता है, तथा व्यक्ति विशेष मन मस्तिष्क एवं हृदय से पूरी तरह से शुद्ध होता है, तथा जीवन के वास्तविक आनंद को प्राप्त करता हैl

ऐसा माना जाता है, कि जिन बच्चों की या जिस भी व्यक्ति विशेष की स्मृति पटल पर कोई भी विचार कोई भी जानकारी अधिक समय तक नहीं टिक पाती है, या उन्हें स्मृति से संबंधित कोई दोष है, ऐसे लोगों को चार मुखी रुद्राक्ष को दूध में उबालकर उस दूध को ग्रहण करना चाहिए lइससे उनकी स्मृति बहुत ही मजबूत होती है, तथा भूलने की समस्या से निजात मिलता हैl इससे ऐसे बच्चों को काफी लाभ मिलता है, जो अपने विद्यालय का पाठ याद नहीं कर पाते हैं, या विवाद की हुई चीज को भूलने लगते हैं, या ऐसे लोग जो बहुत ही कामकाजी तौर पर या पेशेवर तौर पर आवश्यकता से अधिक अपना समय पेशेवर चीजों में लगाते हैं, जिसके कारण ठीक तरीके से अपने शरीर को, अपने मन को आराम नहीं दे पाते हैं।

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ऐसे में स्मृति से संबंधित समस्या उत्पन्न होना आम बात हो जाती है lवह चीजों को भूलने लगते हैं या कई ऐसे लोग होते हैं, जो किसी भी प्रकार के आघात के कारण अपनी यादाश्त खो देते हैंl अपनी स्मृति को खो देते हैं, ऐसे में भी दूध में चार मुखी रुद्राक्ष उबालकर दूध पीने से कई प्रकार की मानसिक परेशानियां दूर होती है, कई प्रकार के मानसिक रोग नष्ट होते हैं, यह मानसिक स्वास्थ्य को उत्तम बनाने में सक्षम होता हैl

ऐसे छात्र जो पठन-पाठन संबंधित चीजों में रूचि नहीं लेते हैं lउन्हें विभिन्न विषयों को समझने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है या चीजों को ठीक तरीके से समझ पाने में सक्षम होते हैं lउनमें एकाग्रता की कमी होती है, जिसके कारण कई बार पढ़ा हुआ भी उन्हें याद नहीं रहता है, जिसकी वजह से उनके परीक्षा से संबंधित फल भी अच्छे नहीं होते हैं lऐसे में माता सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए चार मुखी रुद्राक्ष अवश्य धारण किया जाना चाहिए, इससे उनकी एकाग्रता शक्ति मजबूत होती है, इसके साथ ही यादाश्त से संबंधित सारी चिंताएं खत्म होती है, एवं उनका परीक्षा फल भी उत्तम होता है।

चार मुखी रुद्राक्ष उन्हें विविध प्रकार की चीजों में सफलता प्राप्त करने में मदद करता है, चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने से उनकी संरचनात्मक शक्ति मजबूत होती हैl इसके साथ ही बुद्धि के विकास के लिए भी यह बहुत अधिक लाभदायक होता हैl उनके व्यवहार में अनुकूल परिवर्तन देखने को मिलता हैl व्यवहार एवं वाणी में सौम्यता मधुरता जैसे गुण व्याप्त होने लगते हैं lउनका व्यक्तित्व एक प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में परिवर्तित होने वाले लगता हैl ऐसे छात्र जो किसी भी प्रकार की प्रतिस्पर्धा संबंधित परीक्षा में बैठने वाले होते हैंl उनके लिए भी यह रुद्राक्ष काफी लाभप्रद होता है, यह उनकी सफलता की संभावना को कई गुना बढ़ा देता हैl

चार मुखी रुद्राक्ष को विभिन्न प्रकार के हमारे शरीर के चक्र को जागृत करने के लिए भी प्रयोग में लाया जाता हैl यह उन में व्याप्त विभिन्न प्रकार की अशुद्धियों को बाहर निकाल कर उन्हें शुद्ध करता हैl जिससे हमारे चक्र पूरी तरीके से हमारे मन मस्तिष्क एवं शरीर को नियंत्रण में रखते हैंl

चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने से किसी भी व्यक्ति विशेष के मन मस्तिष्क एवं ह्रदय से नकारात्मक विचारों का दमन होने लगता हैl बुराई पर अच्छाई की जीत होने लगती है, चार मुखी रुद्राक्ष आध्यात्मिक एवं दैवीय शक्तियों से परिपूर्ण होता है, जो हमारे जीवन में किसी भी प्रकार के भटकाव को दूर करता है lहमारा मन एकाग्र होता है, हम अपने लक्ष्य के प्रति केंद्रित होते हैं, तथा अपने कार्यों का निर्वहन निष्ठा पूर्ण तरीके से करते हैं lयह हमें आत्म बोध कराने में सक्षम होता है lविभिन्न प्रकार के कला व कौशलों में महारत हासिल करने में मदद करता है lइससे बुध ग्रह की स्थिति को बल प्राप्त होता है, तथा बुध ग्रह के द्वारा दिए जा रहे किसी भी बुरे प्रभाव को भी यह समाप्त करने में सक्षम होता है, हमारी वाणी दोष को भी यह दूर करता हैl

चार मुखी रुद्राक्ष का मंत्र- इस मंत्र को जितना हो सके उतना अधिक जाप करना चाहिएl इससे व्यक्ति विशेष की मानसिक क्षमता बढ़ती हैl इसके साथ ही उसका चित्त शांत होता है lइस मंत्र का जाप करने से परब्रह्मा का आशीर्वाद प्राप्त होता हैl इसके साथ ही माता सरस्वती की भी कृपा जातक के ऊपर बनी रहती हैl इस मंत्र में इतनी शक्ति होती है, कि बुध ग्रह के द्वारा दिए जा रहे किसी भी प्रतिकूल प्रभाव को यह पूरी तरह से निराकरण करने में सक्षम होता है lअतः इस मंत्र के जाप के प्रभाव से बुध ग्रह की थी इस स्थिति को मजबूत बनाया जा सकता हैl

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