सात मुखी रुद्राक्ष का मंत्र – Saat Mukhi Rudraksha Ka Mantra

सात मुखी रुद्राक्ष का मंत्र – Saat Mukhi Rudraksha Ka Mantra

 

सात मुखी रुद्राक्ष का मंत्र –

सात मुखी रुद्राक्ष देवियों का अद्वैत स्वरूप माना जाता हैl सृष्टि के जन कल्याण के लिए विभिन्न प्रकार के चीजों की रचना को सुव्यवस्थित रूप से चलाने के लिए सप्त ऋषियों का आशीर्वाद सात मुखी रुद्राक्ष में विद्मान माना जाता हैl सूर्य देवता के सातों अश्व का स्वरूप भी सात मुखी रुद्राक्ष का माना जाता हैl रुद्राक्ष जो स्वयं भगवान भोलेनाथ का अभिन्न अंग माना जाता है, जिसमें प्राकृतिक रूप से साथ धारियां मौजूद रहती हैl उसे 7 मुखी रुद्राक्ष के रूप में जाना जाता है।

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Mantra

सात मुखी रुद्राक्ष को शनि देव से संबंधित माना जाता हैl शनि देव जिन्हें किसी भी तरह के आलसी लोग बेईमान लोग तथा अपने कर्मों से विमुख रहने वाले लोगों से बहुत अधिक क्रोधित होते हैं, तथा उनके कर्मों का फल उन्हें दंडित करते हैंl शनिदेव का प्रकोप ना केवल व्यक्ति विशेष को वर्तमान की स्थिति में तो कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता ही है, बल्कि इनके द्वारा निर्मित प्रारब्ध को जन्म जन्मांतर तक भोगना पड़ता है, जब तक कि उक्त व्यक्ति के द्वारा उसके कर्मों का फल इनके द्वारा प्रदान ना किया जाएl

किसी जातक के जन्म पत्रिका में यदि शनि दृष्टि अवस्था में रहते हैं, या स्थान पर अवस्थित होते हैं, या किसी व्यक्ति विशेष की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती शनि की ढैया शनि की दशा शनि की महादशा जैसे गोचर से युक्त जैसी चीजें घटित हो रही है lशनिदेव का गोचर उसकी जन्म पत्रिका में चल रहा है, तो ऐसी परिस्थिति में उसे 7 मुखी रुद्राक्ष धारण किया जाना बहुत ही उत्तम लाभ को प्राप्त करने में सहायक होता है, तथा जातक को शनि ग्रह के वक्री दृष्टि के कारण होने वाले विभिन्न प्रकार के अत्यंत कष्ट पूर्ण जीवन से निराकरण प्राप्त होता है। सात मुखी रुद्राक्ष उपयोगकर्ता को विभिन्न प्रकार की व्याधि पीड़ा जैसी चीजों से उसे सुरक्षा प्रदान करते हैं lइसके साथ ही शनि ग्रह के द्वारा उत्पन्न किए जा रहे किसी प्रकार के दोष को यह पूरी तरह से समाप्त करने की क्षमता रखता है, इसलिए शनि ग्रह से संबंधित चीजों में सात मुखी रुद्राक्ष धारण करना बहुत ही उपयुक्त माना जाता हैl शनि ग्रह के द्वारा दिए जा रहे पीड़ा को शांत करने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है, सात मुखी रुद्राक्ष को धारण किया जाना।

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सात मुखी रुद्राक्ष रक्षा कवच के रूप में उपयोग में लाया जाता हैl माता भगवती के सप्त रूपों को प्रदर्शित करने वाला यह रुद्राक्ष विभिन्न प्रकार की नकारात्मक शक्तियों को पूरी तरह से नष्ट करने की क्षमता रखता हैl सात मुखी रुद्राक्ष ऊपरी बाधाओं के द्वारा उत्पन्न किए जाने वाले किसी भी प्रकार के ग्रह दोष पीड़ा को मिटाता है lइसके साथ ही उसे बल तथा सुरक्षा प्रदान करता है, जिससे किसी भी तरह की भूत प्रेत संबंधित बाधाएं व्यक्ति विशेष को प्रभावित नहीं करती है lइसके साथ ही पापी ग्रह राहु केतु के द्वारा उत्पन्न किए जा रहे छलावे को या भ्रम जाल को इंद्रजाल को भी यह पूरी तरह से तोड़ने में सहायक होता है।

सात मुखी रुद्राक्ष व्यक्ति के तेज को बहुत ही सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है, तथा उसके व्यक्तित्व का रूपांतरण कर विभिन्न प्रकार के दोषों को मिटाता है एवं उसमें सद्गुण एवं उत्तम आचरण का निर्माण करता है, जिससे व्यक्ति विशेष की दृष्टिकोण में परिवर्तन देखने को मिलता है, जिसके फलस्वरूप सामाजिक तौर पर भी उसे एक प्रतिष्ठित व्यक्ति के रूप में जाना जाता हैl उसके मान सम्मान में वृद्धि होती हैl लोगों के साथ उत्तम न्याय एवं उत्तम व्यवहार उसके सामाजिक स्थिति को बल प्रदान करता है lअसहाय लोगों के प्रति संवेदनशीलता के कारण व्यक्ति विशेष की स्थिति बढ़ती है, तथा उसकी प्रसिद्धि, यस, कृति आदि भी दिनोंदिन बढ़ती रहती है।

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ऐसे लोग जिनके जीवन में धन का अभाव जैसी स्थिति से ग्रसित है, या उनके द्वारा किसी भी कार्य क्षेत्र में सफलता प्राप्त नहीं किया जा रहा है lउनके द्वारा किए जा रहे उत्तम पुरुषार्थ का भी उन्हें सार्थक फल प्राप्त नहीं हो रहा है, तो ऐसी स्थिति में जातक को सात मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिएl इससे उसे अनेक प्रकार के लाभ प्राप्त होंगे तथा आजीविका से संबंधित चीजों में उसे अप्रतिम लाभ प्राप्त होगा। जीविका में स्थायित्व का बोध उत्पन्न होगा, जिससे आर्थिक सुरक्षा तो बनेगी ही जातक विभिन्न क्षेत्रों में इस रुद्राक्ष का सकारात्मक प्रभाव भी प्राप्त करेगाl इसे धारण करने से धन आगमन के बहुत सारे मार्ग प्रशस्त होते हैंl जिससे उपयोगकर्ता को विभिन्न प्रकार के लाभों की प्राप्ति होती है।

ऐसे लोग जो मानसिक रूप से बहुत ही अस्थिर अवस्था में रहते हैंl उनके जीवन में सुख चैन की कमी है, अनेक प्रकार के मानसिक चिंताओं के कारण वे लोग अपने दैनिक क्रियाकलाप को पूर्ण करने में भी सक्षम नहीं हैl ऐसे लोगों के द्वारा सात मुखी रुद्राक्ष अवश्य धारण किया जाना चाहिए, इससे उनके मानसिक स्थिति में बहुत ही उत्तम बदलाव देखने को मिलता है, तथा व्यर्थ की चिंता है, उसके जीवन से निर्गमन करने लगती है, तथा मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।

रुद्राक्ष में कई प्रकार के औषधीय गुण मौजूद रहते हैंl जो कई प्रकार की बीमारियों को करने की क्षमता रखते हैं lगाठिया ,उदर से संबंधित रोग ,लकवा ,मिर्गी, पागलपन, बहरापन ,मानसिक संताप, अस्थमा जैसे रोगों में 7 मुखी रुद्राक्ष बहुत ही चमत्कारिक रूप से लाभप्रद होता है lइसे धारण करने से शरीर स्वस्थ रहता है, तथा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक स्थिति को भी यह दुरुस्त रखने में बहुत अधिक सहायक होता है।

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ऐसे लोग जिन्हें आजीविका संबंधित कई प्रकार की परेशानियां हो रही है lआजीविका को प्राप्त करने में एवं उसमें सुचारु रुप से संलग्न रहने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, तो ऐसी स्थिति में 7 मुखी रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए या धन अर्जन संबंधित चीजों में अप्रतिम रूप से लाभ प्रदान करता है, तथा माता लक्ष्मी की कृपा से जातक की आर्थिक स्थिति भी उत्तम होती है।

सात मुखी रुद्राक्ष मंत्र – सात मुखी रुद्राक्ष का मंत्र यदि प्रतिदिन कम से कम 108 बार जाप किया जाए तो व्यक्ति विशेष के जीवन में कभी भी किसी प्रकार की धन से संबंधित परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है lउसे धन वैभव ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, इसके साथ-साथ अनेक दिव्य देवताओं का आशीर्वाद भी उसके साथ बना रहता है।

llॐ हूँ नमःll

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