10 मुखी रुद्राक्ष की पहचान – 10 Mukhi Rudraksha ki Pahchan

10 मुखी रुद्राक्ष की पहचान – 10 Mukhi Rudraksha ki Pahchan

 

10 मुखी रुद्राक्ष की पहचान –

1. 10 मुखी रुद्राक्ष सभी धारियां एक मुख से दूसरे मुख तक पूर्ण रूप से मिलनी चाहिए lयदि धारियां पूर्ण रूप से एवं स्वच्छ रूप से एक मुख से दूसरे मुक्तक मिलती हुई नहीं प्रतीत हो रही है, तो उसका तात्पर्य है, कि वह एक कृतिम रूप से निर्मित 10 मुखी रुद्राक्ष है।

2. यदि मनका में किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई पड़ रही है, तो ऐसे रुद्राक्ष का प्रयोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए lयदि उसे किसी और लकड़ी के द्वारा कृत्रिम रूप से निर्मित किया गया होगाl तो उस पर यंत्रों के निशान अवश्य दिखाई देंगे अतः रुद्राक्ष लेने से पहले बारीकी से जांच करना बहुत आवश्यक है।

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3. उसे गर्म पानी में डालकर कुछ देर के लिए छोड़ देंl यदि उसमें कोई त्रुटि दिखाई देगी तो उसका तात्पर्य है, कि वह एक नकली रुद्राक्ष है lयदि वह अपनी अवस्था में किसी तरह का परिवर्तन नहीं दिखा पा रहा है, तो इसका अर्थ है, कि वह एक कृत्रिम रूप से निर्मित 10 मुखी रुद्राक्ष हैl

प्रकृतिक रूप से निर्मित 10 मुखी रुद्राक्ष बहुत ही उच्च स्पंदन वाला होता हैl यही कारण है, कि इसे धारण करने से निम्नलिखित प्राप्त हो सकते हैं:-

4. 10 मुखी रुद्राक्ष सभी नौ ग्रहों की शक्तियों को समाहित करता है, इसलिए ऐसे लोग जिनका सूर्य ग्रह मजबूत नहीं है lउन्हें यह रत्न अवश्य धारण करना चाहिए, जिससे उक्त व्यक्ति विशेष को शासनिक एवं प्रशासनिक विभाग में उत्तम लाभ प्राप्त होता है, तथा नौकरी व्यवसाय से संबंधित समस्या उत्पन्न नहीं होती है lव्यक्ति शालीनता से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करता है, तथा उसे तरक्की के अनेक शुभ अवसर प्राप्त होते हैं, जो उसे जीवन के विभिन्न क्षेत्र में तो सफलता दिलाते ही हैं, इसके साथ ही साथ कार्य क्षेत्र में उसके उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण मान-सम्मान कृति आदि की प्राप्ति बहुत ही जल्द होने लगती हैl

5. 10 मुखी रुद्राक्ष में कई ऐसे कारक तत्व मौजूद होते हैं, जो बुध ग्रह की स्थिति को मजबूत बनाता हैl बुध ग्रह जो आंतरिक चंचलता का प्रतिनिधित्व करते हैं, तथा विभिन्न पक्षों का नियंत्रण बुध ग्रह के द्वारा किया जाता हैl बुध ग्रह की स्थिति मजबूत होने के कारण हमारे वाली बुद्धि विवेक संचार आदि में प्रवीणता आती है lप्रखरता आती है, इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के असाधारण कौशलो में निपुणता प्राप्त करने में भी में सहायक होते हैं l

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जातक अपनी अनूठी रूपरेखा के कारण काफी प्रतिष्ठित व्यक्तित्व का स्वामी बनता है, तथा विभिन्न प्रकार के लोगों से उसके संबंध बहुत ही प्रगाढ़ होते हैंl लोगों के बीच काफी अच्छी तालमेल बिठाने में सक्षम हो पाता है तथा लोकप्रियता प्राप्त करने में उसे अधिक समय नहीं लगता हैl उत्कृष्ट संचार कौशल उन्हें विभिन्न क्षेत्र जैसे बिक्री विपणन जनसंपर्क सार्वजनिक क्षेत्र से जुड़े हुए कई चीजों में सफलता प्रदान करता है lजीवन के प्रति उनका दृष्टिकोण उन्हें सफलता के सर्वोत्तम शिखर तक ले जाता हैl

6. 10 मुखी रुद्राक्ष भारत करने से उक्त व्यक्ति के जीवन में उत्पन्न होने वाले रुकावट व्यवधान को दूर करता है, तथा जीवन में अचानक होने वाली अवनति, अपमान, दुर्घटना ,पदच्युति, घबराहट, उलझन ,आर्थिक तंगी, उदासीनता जैसी चीजें देखने को नहीं मिलती है lउक्त व्यक्ति के जीवन में कभी भी आकस्मिक दुर्घटना जैसी चीजों का वक्त नहीं होता है, जिससे उसे एक सुरक्षित एवं शांत जीवन की प्राप्ति होती हैl इसके साथ ही केतु ग्रह के द्वारा दिए जा रहे अनेक प्रकार के दुष्प्रभाव को भी यह निष्फल करता है, तथा विभिन्न प्रकार के रहस्यमई कार्यों को पूर्ण करने में भी सहायक होता है l

अनेक प्रकार के रहस्यमई गुण ज्ञान को प्राप्त करने के लिए उसके ज्ञान चक्षु को खोलने में मदद करता है, तथा ऐसी चीज जो की प्राप्ति अपने ज्ञान के माध्यम से कर लेता है, जिसे पाना आम मानव के बस की बात नहीं हैl केतु जातक को आत्मवादी आदि सहिष्णु एवं धैर्यशाली जैसी प्रवृत्ति प्रदान करता हैl ध्यान शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है lविभिन्न प्रकार की तांत्रिक क्रियाओं में सफलता प्राप्त करने में बहुत ही अप्रतिम रूप से सहायक होता है।

 

7. 10 मुखी रुद्राक्ष स्वयं लक्ष्मी नारायण का स्वरूप माना जाता है, इसलिए इसे धारण करने से विभिन्न प्रकार के सुख -समृद्धि की प्राप्ति होती हैl वैभव, ऐश्वर्य से व्यक्ति का जीवन परिचय रहता हैl व्यक्ति धन-धान्य से पूर्ण जीवन व्यतीत करता है, तथा उसे विभिन्न प्रकार के सुखों एवं आनंद की प्राप्ति होती हैl माता लक्ष्मी की कृपा सदैव उक्त जातक के ऊपर बनी रहती है, जिसके द्वारा 10 मुखी रुद्राक्ष धारण किया जाता हैl आय के विभिन्न मार्ग सदा उसे प्राप्त होते हैंl जिसके कारण उसकी आर्थिक स्थिति सदा उत्तम रहती है।

8. 10 मुखी रुद्राक्ष चिकित्सीय गुणों से परिपूर्ण होता है, जिसका प्रयोग विभिन्न प्रकार के रोगों को ठीक करने में किया जाता है, कई प्रकार की औषधियों को बनाने में इसका चूर्ण का प्रयोग किया जाता है, ऐसे रुद्राक्ष जो क्षतिग्रस्त होते हैं, उनसे कई प्रकार की औषधियां बनाई जाती है, जो कैंसर जैसे रोगों को भी ठीक करने की क्षमता रखते हैं, विभिन्न ग्रहों के द्वारा उत्पन्न किए जाने वाले लोगों को भी यह प्रभावी रूप से ठीक करते हैं, तथा 10 मुखी रुद्राक्ष के उपयोग करता को उत्तम स्वास्थ्य लाभ की प्राप्ति होती हैl इसमें मौजूद उपचारात्मक गुण न केवल शारीरिक कमियों को या शारीरिक बीमारियों को ठीक करने की क्षमता रखते हैं lबल्कि मानसिक रूप से भी उत्पन्न होने वाले कई विकार को भी यह ठीक करते हैं, तथा मानसिक विकृति में परिवर्तन लाते हैं, जिससे व्यक्ति का उत्तम रूपांतरण होता हैl मन, मस्तिष्क एवं हृदय से व्यक्ति विशेष मजबूत होता है।

 

9. 10 मुखी रुद्राक्ष आध्यात्मिक दृष्टिकोण से बहुत महत्व रखता हैl इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हुए लोगों के लिए भी यह लाभप्रद माना जाता हैl अपने अपने कार्य क्षेत्र में उत्कृष्टता का आने के लिए भी 10 मुखी रुद्राक्ष लोगों के द्वारा धारण किया जाता है lइससे न केवल उनके कार्य कौशल क्षमता में प्रवीणता आती है lबल्कि उनकी एकाग्र शक्ति में वृद्धि होती है lउनकी स्मृति मजबूत होती है, क्षमता मजबूत होता है, तथा दूरदर्शिता जैसी गुण उसके जीवन में होने वाले विभिन्न प्रकार के हानियों से भी उसे बचाते हैं lविषम परिस्थितियों में भी जातक अपने पराक्रम एवं बुद्धि -विवेक का प्रयोग करl उससे बाहर आने में सक्षम होता हैl शत्रु विजय प्राप्त करने में भी यह रत्न बहुत उपयोगी माना जाता है, तथा विभिन्न प्रकार के वाद विवाद में भी सफलता प्राप्त करने के लिए 10 मुखी रुद्राक्ष का प्रयोग किया जाता है।

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