एक मुखी रुद्राक्ष का महत्व – Yek Mukhi Rudraksha Ka Mahatva

एक मुखी रुद्राक्ष का महत्व – Yek Mukhi Rudraksha Ka Mahatva

 

एक मुखी रुद्राक्ष का महत्व –

एक मुखी रुद्राक्ष का महत्व – एक मुखी रुद्राक्ष का चमत्कारिक महत्व हमारे पुराणों में हमारे पुराने धर्म ग्रंथों में वर्णि है, एक मुखी रुद्राक्ष भगवान भोलेनाथ का स्वरूप माना जाता हैl इसमें अनेक चमत्कारिक शक्तियां विद्यमान रहती हैl यह भोलेनाथ का अंश है, इसलिए तो एक मुखी रुद्राक्ष का केवल एक मनका इतना अधिक प्रभावशाली होता है, जिसका वर्णन चंद शब्दों में या चंद वाक्यों में वर्णन नहीं किया जा सकता है। हमारे पुराने धर्म ग्रंथों के अनुसार रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान भोलेनाथ के आंखों से निकले आंसू से हुई है, रुद्राक्ष देखने में भूरे रंग के होते हैं, जिनकी प्रवृत्ति काफी गर्म होती है।

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अनंत काल से ही भगवान भोलेनाथ का स्वरूप मानकर एक मुखी रुद्राक्ष को हमारे पूर्वजों के द्वारा विशिष्ट प्रकार से पूजा अर्चना की जाती रही है lभगवान भोलेनाथ का साक्षात स्वरूप एक मुखी रुद्राक्ष को माना जाता हैl प्राचीन काल से ही किसी भी तरह की सांसारिक चीजों की पूर्णता या प्राप्ति के लिए रुद्राक्ष का उपयोग किया जाता रहा हैl आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े हुए लोग हैं, या गृहस्थ लोग या किसी भी आयु वर्ग के लोगों के लिए रुद्राक्ष सबसे उत्कृष्ट एवं उत्तम माना जाता है।

रुद्राक्ष में व्याप्त ऐसी विद्युत चुंबकीय तत्व मौजूद होते हैं, जो हमारे नसो एवं धमनियों पर बहुत अधिक व्यापक रूप से प्रभाव डालते हैं, जिसकी वजह से किसी भी तरह की अवरोध के कारण कई बीमारियों से मानव शरीर ग्रसित हो जाता हैl उन सभी को एक मुखी रुद्राक्ष का केवल एक मन का सही पंक्ति में लाने के लिए उपयुक्त माना जाता हैl वैज्ञानिक रूप से इस पर कई शोध किए गए हैं, तथा शोध के परिणामों से विश्व के कई वैज्ञानिक आश्चर्यचकित हैl इसके परिणामों को लेकर सभी के मन में बहुत अधिक कौतूहल का विषय बना हुआ है, तथा केवल सनातन संस्कृति ही नहीं अपितु स्वास्थ्य दृष्टिकोण से कई और धर्म के लोगों के द्वारा भी इसकी उपयोगिता को देखते हुए धारण किया जाता है।

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इसे धारण करने से न केवल नसों से संबंधित बीमारियों में आराम मिलता है, बल्कि यदि कोई व्यक्ति ह्रदय से संबंधित रोग से ग्रसित होता हैl उसके धड़कनों की अनियमितताओं के कारण चलने फिरने में असमर्थ होता है, ऐसे में एक मुखी रुद्राक्ष उसकी हृदय की गति को नियंत्रण में रखता है, तथा उसकी दैनिक क्रियाकलाप में बहुत अधिक सहायक सिद्ध होता हैl यह हमारे शरीर के अंदर पड़ने वाले किसी भी प्रकार के गाठ तक को ठीक करने की क्षमता रखता है, इसके कई ऐसे औषधीय गुण है जो हमारे शरीर के रक्तचाप को भी नियंत्रण में रखने में सक्षम होता हैl

यह 1 तरीके से हमारे शरीर का शुद्धीकरण करता है, जैसे -जिगर और गुर्दा हमारे शरीर से सारे गंदगी को बाहर निकाल कर हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैंl उसी प्रकार एक मुखी रुद्राक्ष भी हमारे शरीर से सारी नकारात्मक चीजों को दूर करने की क्षमता रखता है lइसमें ऐसे तत्व की प्रधानता होती है, जो दिव्य रूप से काफी उन्नत होते हैंl उनमें कई पारलौकिक शक्तियां विद्यमान होती है, जो किसी भी व्यक्ति विशेष के शरीर में किसी भी प्रकार की त्रुटि को दूर करने की क्षमता रखते हैं।

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प्राचीन काल से ही लोगों के द्वारा एक मुखी रुद्राक्ष की पूजा अर्चना माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए भी किया जाता रहा हैl ऐसा माना जाता है, कि ऐसा करने से केवल भोलेनाथ ही नहीं अपितु माता लक्ष्मी भी सदा प्रसन्न रहती है lउस व्यक्ति विशेष के घर में कभी भी अन्न एवं धन की कमी नहीं होती हैl ऐसे लोग जो रुद्राक्ष धारण करते हैं lउन पर कभी भी ऊपरी हवाओं का प्रभाव बिल्कुल भी नहीं होता हैl भूत प्रेत आदि जैसी व्याधि आप कभी भी उनको प्रभावित नहीं कर पाती है lकई ऐसे लोग होते हैंl जिनकी आभामंडल बहुत अधिक कमजोर होती है, जिसकी वजह से उनके ऊपर नकारात्मक चीजें जिनका किसी न किसी तरह से कोई इच्छा बाकी रह जाती है, तो ऐसे में वे लोग कमजोर आभामंडल वाले लोगों के ऊपर हावी होकर अपनी अपूर्ण इच्छा को पूर्ण करने के लिए कई तरह से उसके शरीर का भोग करने लगती है l

कई तरह से उसके मन मस्तिष्क एवं शरीर से खेलने लगती हैl ऐसे में उस व्यक्ति विशेष की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यदि उसे एक मुखी रुद्राक्ष धारण कराया जाए तो उसके ऊपर कभी भी इस प्रकार की चीजें हा भी नहीं होंगी, कभी भी नकारात्मक चीजों का प्रभाव उस पर नहीं होगाl यदि वह व्यक्ति किसी खराब शक्ति के द्वारा पीड़ित है, किसी अंजाम शक्ति के द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है, तो ऐसे में एक मुखी रुद्राक्ष उसकी सारी समस्याओं का निराकरण करता है, तथा उसके शरीर के हर हिस्से से उस नकारात्मक चीज के प्रभाव को पूरी तरह से समाप्त करने की क्षमता रखता है।

हमारा शरीर धातु तत्व का निर्माण करता है, जो हमारे शरीर के सभी चक्रों को संतुलित दिशा में कार्यरत करने के लिए बहुत आवश्यक है, किंतु हमारे कुछ गलतियों के वजह से हमारे अंदर का धातु तत्व नष्ट हो जाता है, जिससे हमारे सुरक्षा चक्र में भेदन उत्पन्न हो जाता है, ऐसे में एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने से हमारे धातु तत्व बलिष्ठ होते हैं।

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भगवान भोलेनाथ का स्वरूप एक मुखी रुद्राक्ष को पूजा अर्चना करने वाले लोगों को अंत समय में स्वर्ग के समान अनुभूतियां प्राप्त होती हैl उन्हें मोक्ष मोह माया सभी के बंधन से विमोचन की प्राप्ति होती हैl विभिन्न प्रकार की सिद्धियों को प्राप्त करने के लिए भी एक मुखी रुद्राक्ष की माला का प्रयोग किया जाता है, तथा इस पर जाप किया गया मंत्र बहुत ही सर्वश्रेष्ठ तरीके से जागृत होता है, इसलिए कई और मनको के स्थान पर एक मुखी रुद्राक्ष की प्रधानता बहुत अधिक होती है।

कई प्रकार के तंत्र मंत्र जैसी सिद्धियों को हासिल करने के लिए भी कई लोग एक मुखी रुद्राक्ष का प्रयोग करते हैं, लोगों के द्वारा आध्यात्मिक रूप से इसका प्रयोग इसलिए भी किया जाता है, क्योंकि इसकी शक्तियां पहले से ही बहुत अधिक स्तर तक जागृत अवस्था में रहती हैं lअतः किसी भी तरह का और मंत्र के माध्यम से जो तरंग उत्पन्न किया जाता है, यह की शक्तियों को और अधिक प्रभावशाली बना देता है, यही कारण है, कि आध्यात्मिक दृष्टिकोण से एक मुखी रुद्राक्ष का महत्व इतना अधिक प्रभावशाली है।

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