दो मुखी रुद्राक्ष क्या है – Do Mukhi Rudraksha Kya Hai

दो मुखी रुद्राक्ष क्या है – Do Mukhi Rudraksha Kya Hai

 

 2 मुखी रुद्राक्ष क्या है – Do Mukhi

 Rudraksha Kya Hai

2 मुखी रुद्राक्ष क्या है – (do mukhi rudraksha kya hai in hindi) 2 मुखी रुद्राक्ष जो साक्षात माता लक्ष्मी तथा माता सरस्वती का संयुक्त रूप से प्रतिनिधित्व करने वाला एक मनका हैl संयुक्त रुप से अंबर एवं धारा की शक्तियों को समाहित करने वाला दो मुखी रुद्राक्ष बहुत ही दुर्लभ माना जाता हैl भगवान भोलेनाथ ,नीलकंठ ,रूद्र जो मृत्युंजय है, जिस प्रकार ब्रह्मांड के स्वरूप का ना कोई आदि है, ना कोई अंत उसी प्रकार भगवान भोलेनाथ की शक्तियां अनंत हैl संपूर्ण ब्रह्मांड के सृजन करता जीवन का आरंभ तथा मृत्यु का सूचक ,ध्यान भी ,अज्ञान भी, ज्ञान भी सभी चीजों के स्वामी भगवान भोलेनाथ की शक्तियां तथा इसमें माता आदिशक्ति ,शक्ति स्वरूपा ,मां भवानी ,माता पार्वती की शक्तियां संयुक्त रूप से इस ऊर्जा पूंज में समाहित है, जो वरदान के स्वरूप ब्रह्मांड के कल्याण के लिए उदित हुआ है।

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माता आदिशक्ति तथा भगवान भोलेनाथ की कृपा को प्राप्त करने का सबसे उत्तम एवं सरल तरीका है। 2 मुखी रुद्राक्ष (do mukhi rudraksha kaisa hota hai) को धारण करना जिस में प्राकृतिक रूप से दो धाराएं बनी हुई होती है, तथा इनका आकार शिवलिंग के समान होता है, ना जाने कितने ही अनंत कालो से इस दिव्य मनका का प्रयोग मोक्ष की प्राप्ति के लिए किया जाता रहा है lपरमात्मा से आत्मा को मिलाने के लिए किया जाता रहा हैl इसका स्वरूप तो इतना अद्वितीय है, कि पूर्ण सृष्टि में प्राण ऊर्जा प्रदान करने की क्षमता रखता है, इसे धारण करना प्रत्येक जनमानस के लिए बहुत ही कल्याणकारी है।

भगवान भोलेनाथ तथा माता पार्वती के अर्धनारीश्वर स्वरूप का प्रतिनिधित्व 2 मुखी रुद्राक्ष (do mukhi rudraksha kya hota hai) के द्वारा किया जाता है, जिसका तात्पर्य है, कि नर एवं मादा दोनों एक दूसरे के पूरक है, तथा दोनों एक दूसरे के बिना अधूरे हैं, जिस प्रकार किसी व्यक्ति विशेष के द्वारा कुंडलिनी शक्ति जागृत होने के बाद उसका व्यक्तित्व पूरी तरह से बदल जाता हैl उसी प्रकार 2 मुखी रुद्राक्ष में भी कुंडलिनी शक्ति के समान ही शक्तियां जागृत होती है lउनके गुणों में कुंडलिनी शक्ति के समान ही अभिवृद्धि होती है lऐसा माना जाता है, कि भगवान भोलेनाथ तथा माता पार्वती का अर्धनारीश्वर स्वरूप इस बात की ओर अंकित करता है, कि काल भैरव बिना माता काली के परिपूर्ण नहीं है, तथा माता काली बिना काल भैरव के पूर्ण नहीं हैl उन दोनों का एक दूसरे के बिना अस्तित्व नहीं है, जिस प्रकार अंबर से धड़ा जुड़ा हुआ है, जिस प्रकार सूर्य -गगन में प्रकाश मई है lउसी प्रकार भगवान का यह स्वरूप यह अस्तित्व बहुत ही अद्भुत, अद्वितीय अविश्वसनीय है lऐसे गरिमामई ,दिव्य ,पारलौकिक शक्तियों के गुण इस अलौकिक 2 मुखी रुद्राक्ष में विद्यमान होते हैं।

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जिस प्रकार विभिन्न रत्नों का प्रतिनिधित्व विभिन्न ब्रह्मांडिय संरचनाओं के द्वारा किया जाता है, उसी प्रकार भिन्न- भिन्न मुख वाले रुद्राक्ष का प्रतिनिधित्व भी उन विशिष्ट ग्रहों के द्वारा किया जाता हैl दो मुखी रुद्राक्ष (do mukhi rudraksha ke labh) का प्रतिनिधित्व चंद्रमा के द्वारा किया जाता हैl चंद्रमा जी से हमारे मन का कारक कहा जाता है, तथा जो नो ग्रहों की साम्राज्य में मंत्री पद को सुशोभित करता है, जिसकी एक चाल राजा तक को मात दे सकती है, ऐसे चंद्र ग्रह की शक्तियों का प्रतिनिधित्व दो मुखी रुद्राक्ष के द्वारा किया जाता है, चंद्र जो हमारे भावनाओं का, संवेदनशीलता का कारक होता है।

हमारे विचार भी चंद्र के द्वारा ही प्रभावित होते हैंl ऐसे लोग जो चंद्र ग्रह के द्वारा दिए जा रहे प्रतिकूल प्रभाव से अपने जीवन में कई प्रकार के अवरोध को झेल रहे हैं lकई प्रकार की मानसिक परेशानियां उनके जीवन में बढ़ गई है, तथा चाह कर भी चंद्रमा के प्रतिकूलता को दूर नहीं कर पा रहे हैं, तो ऐसी स्थिति में उन्हें 2 मुखी रुद्राक्ष (do mukhi rudraksha kyo pahna chahiye) अवश्य धारण करना चाहिए, इससे उनके जीवन में बहुत ही सकारात्मक परिवर्तन के देखने को मिलेगाl इसके साथ ही चंद्र से संबंधित किसी भी प्रकार की परेशानी का निराकरण होता हैl चंद्र की कृपा से उनका भाग्य प्रबल होता हैl अनेक प्रकार की परेशानियां उनके जीवन से निर्गमन करने लगती है तथा सुख समृद्धि का आगमन उनके जीवन में होने लगता है।

दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने वाले जातकों को कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं, जो निम्नलिखित रूप से वर्णित है-

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1. ऐसे जातक जो अस्थिर बुद्धि के कारण तथा अत्यधिक संवेदनशीलता के कारण मानसिक रूप से बहुत ही सामंजस्य भरी स्थिति से गुजर रहे हैं, ऐसे जातकों के द्वारा 2 मुखी रुद्राक्ष (do mukhi rudraksha dharan karne se kya hota hai) धारण करने से उनके लिए शही पथ पर गमन करने के सारे मार्ग खुल जाते हैं, तथा चीजों के प्रति वह तार्किक अपनी प्रतिक्रिया देता है, जिसके कारण उसके जीवन में स्पष्टता का भाव उभरने लगता हैl इसके साथ ही विविध पक्षों पर इसके सकारात्मक प्रभाव उसके जीवन में देखने को मिलते हैंl

2. 2 मुखी रुद्राक्ष में प्राकृतिक रूप से कई ऐसे औषधीय गुण होते हैं, जो किसी भी व्यक्ति विशेष के कई बीमारियों पर बहुत ही उत्तम रूप से प्रभाव डालते हैं, जैसे कोई व्यक्ति विशेष यदि खांसी, श्वास रोग ,वात रोग जैसी चीजों से ग्रसित है, तो उसके लिए 2 मुखी रुद्राक्ष (do mukhi rudraksha pahanne ke fayde) धारण करना बहुत ही उत्तम सिद्ध होता है, इससे नेत्र से संबंधित विकार भी ठीक होते हैंl यह कई और भी बीमारियों में बहुत लाभप्रद होता है।

3. ऐसे जातक इनके जीवन में कई आर्थिक उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं, तथा आकस्मिक धन हानि के योग बहुत अधिक देखने को मिलता है, तो ऐसी स्थिति में उनके द्वारा यदि 2 मुखी रुद्राक्ष (do mukhi rudraksha dharan karne ke fayde) धारण किया जाए तो अनेक प्रकार से होने वाले आर्थिक क्षय को यह रोकता है, तथा आय के नवीनतम स्रोत बनते हैं, जिससे जातक के ऊपर माता लक्ष्मी की कृपा दृष्टि बनी रहती है।

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4. दो मुखी रुद्राक्ष (do mukhi rudraksha pahanne se kya hota hai) धारण करने से व्यक्ति विशेष के लिए सामाजिक दृष्टिकोण बदलता है, तथा समाज में उसे उत्तम पद प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती हैl उसके मान सम्मान में वृद्धि होती है, तथा जातक के दयालु एवं मिलनसार प्रवृत्ति में और अधिक प्रखरता आती है, जो कि उसकी ख्याति के लिए बहुत अधिक सहायक होता हैl व्यक्तिगत जीवन हो या पेशेवर जीवन उस व्यक्ति विशेष को हर प्रकार से लाभ प्राप्त होता है।

5. रिश्तो में मधुरता लाने के लिए भी 2 मुखी रुद्राक्ष (do mukhi rudraksha ki jankari) बहुत ही उत्तम माना जाता हैl यह हमारे चित्र को हमारे मन को काफी प्रसन्न रखता है, जिसके कारण हमारे मुख से किसी भी प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं होता है, जिससे रिश्ते किसी भी व्यक्ति के साथ नहीं बिगड़ते हैं lइसके साथ ही घर परिवार के कुटुंब भाई बंधु माता-पिता सभी से उत्तम संबंध स्थापित होते हैं lसंबंधों में प्रगाढ़ता उत्पन्न होती है, यह हमारे विभिन्न पक्षों पर अनुकूल प्रभाव डालता है।

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