मूंगा रत्न क्या होता है – Munga Ratna kya Hota Hai

मूंगा रत्न क्या होता है – Munga Ratna kya Hota Hai

 

मूंगा रत्न से क्या होता है –

मूंगा रत्न क्या होता है- मूंगा एक रत्न होता है, जो मंगल ग्रह से संबंधित होता है, तथा मंगल ग्रह की स्थिति को मजबूत बनाने के लिए किया जाता है lयदि किसी जातक की जन्मपत्रिका में यह रत्न सुखदा अवस्था में पूरी तरह से निष्क्रिय होता है, तब भी इस रत्न को धारण किया जा सकता है, जिससे मंगल ग्रह के बल मिले और वह सक्रिय होकर जाता को अच्छी एवं सकारात्मक परिणाम उसे देख सके तथा मंगल ग्रह से संबंधित विशिष्ट प्रकार के कार्य जो उसके जीवन में अभी तक पूर्ण नहीं हुएl उन सभी को संपन्न करवाने के लिए अद्भुत एवं शुभ योग बनाता है।

इसे भी पढ़े:- काली गुंजा के तांत्रिक फायदे 

मंगल ग्रह को धरती का पुत्र से अलंकृत किया जाता है, इसके साथ साथ ज्योतिष विज्ञान में सबसे अधिक क्रूर ,उग्र एवं आक्रामक ग्रहों की उपाधि प्राप्त है, नौ ग्रहों में सूर्य की राज्य सभा में मंगल ग्रह को सेनापति की उपाधि दी गई हैl

कुंडली में मंगल की स्थिति हमारे जीवन में सफलता को निर्धारित करती है, तथा मंगल ग्रह को और अधिक बल प्रदान करने के लिए मूंगा रत्न धारण किया जाता है, या मंगल की खराब स्थिति को सुधारने के लिए भी मूंगा रत्न या मंगल से संबंधित उपरत्न धारण किया जाता हैl

मंगल ग्रह के बहुत से शुभ और अशुभ योग जन्मपत्रिका में उसकी स्थिति को देखते हुए बनते हैंl जैसे- मंगल जब राहु के साथ होता है, तब अंगारक योग का निर्माण करता है, जिसमें जातक के ऊपर बहुत बड़ी आकस्मिक दुर्घटना घटने का संयोग रहता हैl जातक को अचानक से रक्त संबंधित विकार उत्पन्न होने लगते हैं, तथा नेत्र संबंधित विकार भी उत्पन्न हो सकते हैंl जातक के व्यवहार में भी परिवर्तन आने लगता है, तथा संचार तंत्र पूरी तरह से दूषित हो जाता हैl किडनी, बीपी, हृदय से संबंधित गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो सकता है, जिसकी वजह से वह एक उग्र एवं नकारात्मक व्यक्तित्व वाला व्यक्ति के रूप में निरूपित होने लगता है lऐसे योग परिवारिक रिश्ते को भी पूरी तरह से बिखराव की स्थिति में ला कर रख देते हैं।

इसे भी पढ़े:- अमेरिकन डायमंड क्या है?

मंगल का दूसरा सबसे अधिक अशुभ योग मांगलिक दोष माना जाता है, जिसमें जातक का वैवाहिक जीवन पूरी तरह से दांव पर लगा हुआ रहता हैl ऐसी ऐसी विषम परिस्थितियां उत्पन्न होती है, जो रिश्तो को बहुत नाजुक स्थिति में लाकर खड़ा कर देती हैl वैवाहिक जीवन में सामंजस्य का बहुत अभाव रहता है, जिसकी वजह से जातक का जीवन साथी के साथ वैचारिक मतभेद छोटी-छोटी बातों पर भी होता रहता हैl स्थितियां कभी-कभी इतनी बिगड़ जाती है, कि तालाक तक बात पहुंच जाती है।

निम्न मंगल जातक को स्वभाव डरपोक एवं दब्बू किस्म का बना देता है, जिससे आत्म बल की कमी होती है, एवं उसकी दृढ़ इच्छा भी बहुत कमजोर होती हैl खुद के ऊपर भरोसा नहीं होता है, आत्म विश्वास की कमी से जातक जूझता रहता है।

मंगल का अग्नि योग्य बहुत ही खतरनाक योग माना जाता है, जो शनि ग्रह एवं मंगल ग्रह की युक्ति के द्वारा बनता हैl यह योग जातक के लिए बहुत घातक सिद्ध हो सकता हैl ऐसे जातकों को कोई हादसे में जान जाने का खतरा बना रहता हैl किसी आकस्मिक बड़ी दुर्घटना की संभावना बहुत अधिक रहती है, जैसे- हथियार द्वारा, अग्नि तत्वों के द्वारा जलने का खतरा या हवाई हादसों की भी प्रबल संभावना रहती है।

इसे भी पढ़े:- नीली स्टोन के 10 चमत्कारी फायदे 

ऐसा नहीं है, कि केवल मंगल अमंगल ही करता है, बल्कि इसके कुछ शुभ प्रभाव भी होते हैं, जो जातको के जीवन को बदलने की क्षमता रखते हैंl मंगल ग्रह के सकारात्मक प्रभाव को और अधिक प्रबल मूंगा रत्न धारण कर बनाया जा सकता हैl इस रत्न को धारण करने से जातक के जीवन से दरिद्रता का विनाश होना शुरू हो जाता है, तथा कर्ज की समस्या से यह रत्न छुटकारा दिलाने में मदद करता हैl आय के स्रोत को को बढ़ाता हैl यह रत्न जातक को आर्थिक रूप से और अधिक बलिष्ट बनाता हैl यह रत्न अनेक शुभ योग काफल जातक को प्रदान करता है।

जिससे जातक को सेना अध्यक्ष प्रशासक पुलिस आदि चीजों में ऊंचे पद दिलाता हैl जातकों को यह रत्न रक्त संबंधित बीमारियां हो या ब्लड प्रेशर की समस्या हो नेत्र संबंधित विकार विविध प्रकार से शारीरिक कष्टों को दूर करता है, तथा जातक को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता हैl इस रत्न को धारण करने से जातक के अंदर आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, तथा नेतृत्व क्षमता भी उसका बढ़ता है, जिसकी वजह से जातक अपनी विशिष्ट कौशलों का प्रयोग अपने कार्यस्थल या अपने जिस भी कार्य क्षेत्र में संलग्न हैl उसमें इसका प्रयोग कर उच्च पद पर आसीन होता है lइन जातकों की यह खासियत होती है, कि यह लोग किसी के नीचे काम करना पसंद नहीं करते हैं lआत्मसम्मान इनके लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है, तथा आत्मविश्वास के ताक पर यह लोग कोई भी कार्य नहीं करते हैं।

इसे भी पढ़े:- नीलम रत्न पहनने के फायदे 

यह रत्न जातकों के साहस को बढ़ाता है, तथा कमजोर कड़ियों को जीवन से दूर करता हैl इनके द्वारा किए जा रहे कड़ी मेहनत का फल प्राप्त होने के शुभ योगों का यह रत्न निर्माण करता है, तथा जातक के भाग्य को मजबूत बनाता है lजातक इस रत्न को धारण करने से भाग्यवान बनता हैl रत्न धारण करने वाले जातकों को समाज में मान सम्मान के साथ-साथ ऊंचा प्रशासकीय पदवी प्राप्त होता है, तथा ऐसे जातक जहां भी रहते हैं lउन्हें बहुत ही मान सम्मान प्राप्त होता है, तथा उनके विचारों का एवं उनकी बातों का लोगों पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है।

जिससे उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की खूब सराहना करते हैं, एवं लोगों के द्वारा ऐसे जातक को खूब लाड प्यार प्राप्त होता हैl इस व्रत के प्रभाव से जातक को परिवार से खूब स्नेहा प्राप्त होता हैl कोर्ट कचहरी से संबंधित कोई भी विवाद हो या भूमि से संबंधित विवाद हर परिस्थिति में इन्हें विजय प्राप्त होता हैl इस रत्न को छोटे बच्चों को सोने, चांदी या तांबा में पिरो कर धारण करवाया जाता है, जिससे नकारात्मक शक्ति उसके ऊपर अपना दुष्प्रभाव दिखाने में असफल रहती हैl ऊपरी बाधाओं को यह रत्न पूरी तरह से नष्ट करने में सक्षम होता है।

मित्रो यदि आप भी अभिमंत्रित किया हुआ मूंगा रत्न प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे नवदुर्गा ज्योतिष केंद्र से पंडित जी द्वारा अभिमंत्रित किया हुआ मूंगा रत्न मात्र – 400₹ और 600₹ रत्ती मिल जायेगा जिसका आपको लैब सर्टिफिकेट और गारंटी के साथ में दिया जायेगा (Delevery Charges free) Call and WhatsApp on- 7567233021

 

 

Leave a Reply