काली गुंजा को कैसे आभमंत्रित करे -Kali Gunja Ko Abhimantrit Kaise Kare

काली गुंजा को कैसे आभमंत्रित करे -Kali Gunja Ko Abhimantrit Kaise Kare

 

काली गुंजा को कैसे अभिमंत्रित करें- Kali

 Gunja Ko Abhimantrit Kaise Kare

काली गुंजा (kali gunja ko abhimantrit kaise karen) को विविध प्रकार से अभिमंत्रित किया जा सकता है, अभी जो विधि बताई जा रही है, उसका प्रयोग शनिवार के दिन या मंगलवार के दिन किया जा सकता है lअमावस्या, पूर्णिमा एवम किसी भी तरह का ग्रहण चाहे वह सूर्यग्रहण हो या चंद्र ग्रहण इस सभी तिथियो में भी काले गुंजा के बीज को अभिमंत्रित किया जा सकता हैl

सर्वप्रथम काले चिरमी के दाने को गंगा कल से शुद्ध करने के बाद एक स्वच्छ कपड़े लेकर माता काली के समक्ष रख दे उसके बाद

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आपको भगवान गणेश का आवाहन करें उसके बाद इस मंत्र को जाप करने से पूर्व गणेश भगवान से विघ्नहर्ता से विनती करें कि वह आपके विशिष्ट कार्य की पूर्ति के लिए जो साधना या अभिमंत्रित क्रिया की जा रही है, वह पूर्ण रुप से सिद्ध हो जाए उसमें आपको किसी भी तरह का व्यवधान देखना ना पड़े आप चाहे तो मंत्र जाप के लिए काले गुंजा (kali gunja ke upay) के माला का भी प्रयोग कर सकते हैं, या किसी भी तरह की मुद्रा लगाकर प्राणायाम करने के पश्चात भी आप बिना किसी माला के प्रयोग से भी मंत्र का जाप कर सकते हैं ll ॐ गं गणपतये सर्वविघ्न हराय सर्वाय सर्वगुरवे लम्बोदराय ह्रीं गं नमः ।। इस मंत्र को 5 मिनट या 10 मिनट जाप करने के बाद आप बाबा काल भैरव से प्रार्थना करें कि बाबा मैं जिस भी कार्य के लिए बैठा हूं या कार्य के लिए मैं जो प्रक्रिया करने जा रहा हूंl

वह पूर्ण रुप से फलित हो जाए, पूर्ण रूप से सफल हो जाए, बाबा भैरव को बिना ध्यान किए आगे का मंत्र जाप करना आपके लिए अहित कर सिद्ध हो सकता है, क्योंकि ब्रह्मांड में कई प्रकार की शक्तियां हमारे इर्द-गिर्द मौजूद रहती है lअतः सही शक्ति का आवाहन करने से पूर्व उनके संरक्षक देवता से हमें अपनी सुरक्षा के लिए उनसे सहायता माननी पड़ती है, क्योंकि आम व्यक्ति आसन बांधना जैसे प्रक्रिया से पूर्ण रूप से अनभिज्ञ रहता है, ऐसे में किसी बड़ी अनहोनी के भी होने की संभावना रहती है, कोई और पराशक्ति भी आकर्षित होकर आ सकती है, इसलिए भगवान बाबा भैरव से प्रार्थना करें कि बाबा जब मैं मंत्र जाप करूं तब मेरी रक्षा कीजिए। ( kali gunja ki mala ki jankari )

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किसी भी तरह की नकारात्मक या बुरी शक्ति उक्त समय पर प्रभावी ना हो एवं अपने दुष्प्रभाव के अंदर मुझे ना ले पाए lइस तरह की प्रार्थना करने के बाद आपको माता काली का बीज मंत्र-क्रीं का जाप कम से कम 1 घंटे से भी अधिक आपको करना है, आपका जापा उपांशु होना चाहिए तथा जब- जप पूर्ण हो जाए तब आपको इस मंत्र को 21 बार पढ़कर चिरमी के दानों पर फूक मारना है, उसके बाद माता काली से आपको क्षमा मांग ली है, तथा उनसे उनकी कृपा बरसाने की विनती करनी हैl यदि कोई भूल चूक हो जाए उसके लिए भी माता से क्षमा मांग सकते है। माता का ह्रदय विशाल होता हैl

यदि कोई गलती हो भी जाएगी तब भी वह आपको क्षमा कर देंगे इसलिए किसी भी तरह की शंका को मन में उत्पन्न होने ना दें l आपको इस बात का ध्यान अवश्य रखना चाहिए कि मंत्र जाप की शुरुआत के बाद किसी भी समय किसी भी तरह से आपके द्वारा मंत्र के जाप को रोकना नहीं चाहिएl मंत्र सिद्धि के लिए सबसे उपयुक्त समय रात्रि के 10:00 बजे से लेकर के ब्रह्म मुहूर्त का समय 4:00 बजे तक माना जाता है। (kali gunja ke chamatkar) इस समय शक्तियां बहुत अधिक प्रभावित रहती है, इसलिए आप तो इस मंत्र का प्रयोग इस अवधि में करेंगे तो आपको चमत्कारिक रूप से कई प्रकार की अनुभूतियां प्राप्त हो सकती है।

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ऐसा करने के बाद गुंजा की माला (kali gunja ke fayde) बहुत ही सकारात्मक शक्तियों से अभिमंत्रित हो जाता है, जिसके बाद आप इसका प्रयोग किसी भी तरह से कर सकते हैंl उसके बाद अभिमंत्रित की हुई माला या अभिमंत्रित की हुई गुंजा के दानों को आप किसी सुरक्षित स्थान पर रख दें या आप अपने पूजा स्थल पर भी प्रतिदिन उसे धूपबत्ती कर सकते हैं, या किसी कार्यस्थल में रखना चाहते हैंl तब भी उसे ले जा सकते हैं, उसका विविध प्रकार से आप प्रयोग कर सकते हैं, तथा जिस भी कार्य के लिए आप निकल रहे हैं, या कहीं सुदूर इलाके में जा रहे हैं, जहां का आपको किसी भी तरह की जानकारी नहीं हैl

जहां के स्थितियों के बारे में आप परिचित नहीं है, तो ऐसी जगह पर इसे ले जाना आपके लिए हितकर सिद्ध हो सकता है lयह किसी भी तरह के अनिष्ट को पूर्ण रूप से नष्ट कर देता है, तथा जातक को पूर्ण रूप से सुरक्षा प्रदान करता है lआज्ञा चक्र पर किसी भी तरह की नकारात्मक शक्ति को हावी होने नहीं देता हैl माता काली की कृपा से किसी भी तरह की ऊपरी शक्तियां अपने ऊपर चाह कर भी प्रभावी ढंग से हावी नहीं हो पाती हैl शत्रु विजय से लेकर विभिन्न चीजों में यह आपको विजय दिलाने में सक्षम होता हैl

काली गुंजा (kali gunja ke prayog) का प्रयोग आप माता बगलामुखी के मंत् के द्वारा सिद्ध करने के लिए भी प्रयोग में लाए जाते हैं, आप यदि चाहते हैं, कि हर और आप की विजय हो आपके जीवन में शत्रुओं की संख्या यदि बढ़ गई है, तो उपर्युक्त वर्णित विधि के अनुसार आप क्रिया की शुरुआत करेंl उसके बाद माता बगलामुखी का बीज मंत्र- ह्लीं का जाप करना आपके लिए बहुत ही लाभदायक सिद्ध हो सकता है, आप चाहे तो इस मंत्र को माता बगलामुखी के समक्ष काली गुंजा के दानों को रखकर मंगलवार की दिन से माता के मंत्रों का जाप शुरू कर सकते हैंl इससे आप देखेंगे कि समाज में आपकी पद प्रतिष्ठा में चमत्कारिक रूप से उत्थान हो रहा है।

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जीवन के कई पहलुओं पर अपने आप कई चीजें व्यवस्थित हो रही है lशत्रु पक्ष स्वयं आकर आपके समक्ष नतमस्तक होने लगेगा वाकपटुता वाक् सिद्धि जैसे कौशल आपके व्यक्तित्व में चार चांद लगाने में सफल रहेंगेl प्रतिदिन यदि इस मंत्र का जाप आप गुंजा (kali gunja ki mala ke fayde) को समझ रखकर करेंगे तो गुंजा इतनी अधिक शक्तिशाली रूप से अभिमंत्रित होता है, जिसका तोड़ बड़े से बड़ा तांत्रिक भी नहीं कर पाता हैl आपका सारा कार्य बिना किसी तरह के विघ्न बाधा के संपन्न होने लगता हैl आपके शत्रुओं की संख्या दिनोंदिन घटने लग जाती है lवास्तविक आनंद की प्राप्ति एवं कई प्रकार की अविश्वसनीय अनुभूतियां आपको मंत्र जाप के समय प्राप्त होती है,माता प्रसन्न होकर कभी-कभी स्वयं भी दर्शन दे देती हैl

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