काली गुंजा के प्रयोग – Kali Gunja ke Prayog

काली गुंजा के प्रयोग – Kali Gunja ke Prayog

 

काली गुंजा के प्रयोग –

काली गुंजा एक प्रकार की फली का बीज होता है, जो ज्योतिषी उपाय के तौर पर प्रयोग में लाया जाता हैl उसके साथ इसके तांत्रिक प्रयोग भी बहुत ही विस्तृत रूप से सफल होते हैंl काली गुंजा बहुत ही दुर्लभ माना जाता है lइसे प्राप्त करना आशान नहीं होता है। गुंजा को भारतीय मूल का पौधा माना जाता हैl इसका प्रयोग हमारे पूर्वजों के द्वारा प्राचीन काल से ही किया जाता रहा है lइस कई और विकल्प प्रजातियां पाई जाती है, जिसका प्रयोग अलग-अलग प्रकार की चीजों में प्रयोग में लाया जाता हैl यह एक 12 मास पौधा है, जिसके पत्ते इमली के पत्तों के समान दिखाई परते हैं lइसके न केवल बीज का प्रयोग किया जाता है, बल्कि इसके पत्ते जड़ बेल आदि चीजों का भी प्रयोग किया जाता है

काली गुंजा के प्रयोग-

इसे भी पढ़े:- गोमेद रत्न किसे पहनना चाहिए 

1. काली गुंजा का प्रयोग आप अपने प्रत्यक्ष दुश्मन हो या अप्रत्यक्ष दुश्मन को उस पर विजय पाने के लिए प्रयोग कर सकते हैं lइसके लिए सबसे पहले काले गूंजे का बीज लेl उसके बाद उसे घीस कर एक लेप तैयार करेंl उसके बाद आप अपने शत्रु का नाम भोजपत्र पर लिखकर मन में यह काम ना करें कि आपका शत्रु अपनी परेशानियों को ही सुलझाने में व्यस्त रहें तथा उसका ध्यान आपकी क्रिया कलाप के ऊपर बिल्कुल भी ना परें तथा यदि उसका ध्यान आपकी और आकृष्ट होता भी है, तब भी वह आपके लिए वह किसी भी तरह के अवरोध उत्पन्न नाकर पाएl उसका मन आपके प्रति बिल्कुल विपरित हो जाएl ऐसी स्थिति में हो जाए की उसका ध्यान यदि आपकी ऊपर पड़े तो सकरात्मक रुप से परे।

2. यदि किसी व्यक्ति के घर परिवार में बहुत अधिक झगड़े लड़ाई की स्थिति बनी रहती है, या बाद विवाद बहुत अधिक होता है, या पारिवारिक क्लेश उसके कार्य क्षेत्र के साथ-साथ विभिन्न आयाम में अनेक प्रकार के विघ्न उत्पन्न कर रहे हैं, तो ऐसे में आपको घर में काली गुंजा के कुछ दाने को लाकर आपको माता काली के मंत्रों का जाप करना चाहिए या आप चाहे तो बाबा भैरव के मंत्रों का जाप कर सकते हैं, इसे आपके जीवन से पारिवारिक क्लेश सदा के लिए निर्गमन कर जाएगा या ऐसी चीज है, जो इस प्रकार की परिस्थिति को उत्पन्न करती है, उन सभी चीजों का समाधान इसके माध्यम से देखने को मिलेगा पारिवारिक संरचना अधिक मजबूत होगी लोगों के बीच आपसी सामंजस्य की हवा एवं शुद्ध विचार का भाव आप स्वयं ही महसूस करेंगे एवं स्वयं ही देखेंगे।

इसे भी पढ़े:- जरकन क्या होता है?

आप इसकी प्रभाव के कारण विभिन्न चीजों में भी सफल रहेंगेl इसमें कई ऐसे तत्व मौजूद रहते हैं, जो आसपास के वातावरण को पूर्ण रुप से शुद्ध कर देते हैं, जिसकी कारण पारिवारिक चीजों में असंगत परिस्थिति कि पृष्ठभूमि पूर्ण रुप से चरमरा जाती है, तथा परिवार में आपसी सौहार्द आपसी प्रेमी भावना बहुत अधिक देखने को मिलती है l आत्मीय प्रेम एवं अद्भुत सुख शांति की प्राप्ति होगीl घर में समृद्धि बढ़ेगी।

3. ऐसे लोग जिनका स्वास्थ बहुत अधिक खराब रहता है, या बहुत अधिक बीमार रहते हैं lगंभीर स्वस्थ समस्याओं के कारण जीवन में पिछड़ तेजा रहे हैं lऐसे में काली गुंजा का प्रयोग उन्हें स्वास्थ्य की जटिल समस्याओं से निवारण प्राप्त करने में प्रवीण रुप से सहायक सिद्ध हो सकता हैl इसके लिए सबसे पहले उन्हें शुक्ल पक्ष के सोमवार के दिन असनान आदि से निवृत होकर काले गुंजा को लेकर किसी ऐसे मंदिर में जाना चाहिए lजहां पर भगवान भोलेनाथ का शिवलिंग स्थापित हो तथा एक से अधिक चक्र जागृत वहां जाकर शिवलिंग से स्पर्श कराकर काले गुंजा दानों को रखकर आपको महामृत्युंजय का जाप करना चाहिएl कम से कम कोई भी मुद्रा लगाकर आधा घंटा या एक घंटा के जाप के पश्चात जब आपका जाप एक विशिष्ट संख्या तक पूर्ण हो जाए।

इसे भी पढ़े:- लहसुनिया रत्न पहनने के अदभुत फायदे 

उसके बाद आपको काला गुंजा के ऊपर मंत्र पढ़कर फूक मारनि है lउसके बाद भगवान भोलेनाथ से उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए या फिर जिस किसी के लिए आप के द्वारा काली गुंजा के दाने को सिद्ध किया गया हैl उसकी उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए उसे घर में लेकर आए एवं जिस स्थान पर रोग से कल्पित व्यक्ति ग्रसित है, उसके सोने के पलंग या खटिया में लाल रंग के रुमाल में बांधकर छोड़ दे तथा रोगी से प्रतिदिन कम से कम 108 की संख्या में महामृत्युंजय मंत्र का जप करें lआपको अविश्वसनीय कई लाभ प्राप्त होंगे चमत्कारी रुप से आपके स्वास्थ में सुधार देखने को मिलेगा।

4. कई बार ऐसा देखा जाता है, कि खराब ग्रहों की स्थिति के कारण बच्चे का मानसिक विकास उतना नहीं हो पाता जितना होना चाहिए या बच्चे की बौद्धिक क्षमता बहुत कम रहती हैl उसके सर्वांगीण विकास में कई प्रकार की कमियां रह जाती है, जिसके कारण बच्चा पढ़ाई लिखाई में पिछड़ जाता है। एकाग्रता की कमी रह जाती है, ठीक से कोई भी चीज याद नहीं कर पाता है, या याद की हुई चीज को भूल जाता है, या विभिन्न विषयों को अध्ययन करने में उसे विविध परेशानियों का सामना करना पड़ता है, ऐसी स्थिति से यदि कोई बच्चा या किसी भी आयु वर्ग का व्यक्ति परेशान है।

इसे भी पढ़े:- मोती की माला के 20 चमत्कारी फायदे 

अपने कार्य के निर्वहन में उसे मानसिक कमजोरी महसूस हो रही हैl वह चाहकर भी अपने कौशलों का प्रयोग नहीं कर पा रहा हैl ऐसी स्थिति में उसे मां मातंगी के शरण में जाना चाहिएl उसे काली गुंजा की माला को लेकर किसी भी शुक्ल पक्ष के मंगलवार के दिन संध्या बेला में स्नान आदि से निवृत होकर भगवान गणेश जी को याद कर तथा बाबा भैरव को भी याद कर उसके बाद मां मातंगी के मंत्रों का प्रयोग मातंग मुद्रा लगाकर इसे माता सरस्वती के समक्ष रखकर यदि कम से कम आधे घंटे प्रतिदिन ध्यान किया जाए, तो ऐसे में इस माला में उच्च स्पंदन उत्पन्न होने लगते हैं, जिसके कारण यह किसी भी व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में अप्रतिम रूप से सहायक होने के लिए यह सिद्ध होने लगता है।

कम से कम यह प्रयोग 21 दिन दोहराने के बाद उक्त ग्रसित बच्चा उक्त व्यक्ति विशेष को इसे धारण करा देना चाहिएl इसके त्वरित प्रभाव आप को अचंभित कर सकते हैंl कई प्रकार की प्रतियां स्पर्धाओं में विविध विषयों में बच्चे का ज्ञान बढ़ने लगता है, उसकी एकाग्रता क्षमता बढ़ जाती हैl उसके बौद्धिक तत्व मजबूत होने लगते हैंl उक्त व्यक्ति विशेष अपने कला का अपने गुणों का सही तौर पर व्यापक रूप से उपयोग करने लगता है, तथा अपने आप को अपने व्यक्तित्व को विकसित करने लगता है।

यदि आप भी काली गुंजा प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे नवदुर्गा ज्योतिष केंद्र से अभिमंत्रित किया हुआ काली गुंजा प्राप्त करे मात्र – 250₹ में मिल जायेगा जिसका आपको लैब सर्टिफिकेट और गारंटी के साथ में दिया जायेगा (Delevery Charges free) Call and WhatsApp on- 7567233021

 

Leave a Reply