नीलम रत्न कहां – कहां पाया जाता है – Neelam Ratna Kahan -Kahan Paya Jata Hai

नीलम रत्न कहां – कहां पाया जाता है – Neelam Ratna Kahan -Kahan Paya Jata Hai

 

नीलम रत्न कहां -कहां पाया जाता है  –

Neelam Ratna Kahan -Kahan Paya

 Jata Hai

नीलम रत्न कहां -कहां पाया जाता है lआज का हमारा विषय है lजय भवानी नमस्कार दोस्तों आज हम लोग जानने का प्रयास करेंगे कि नीलम रत्न कहां -कहां पाया जाता हैl

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प्रकृति द्वारा प्रदत विभिन्न संसाधनों में से सबसे मूल्यवान संसाधन है, नीलम रत्न, जो पूरे विश्व के महान न्यायाधीश शनि ग्रह को समर्पित हैl नीलम रत्न (neelam ratna kahan paya jata hai) में अलौकिक शक्तियां विद्यमान होती है, जो शनि ग्रह द्वारा दी जा रही दुष्प्रभाव को निष्फल करने की क्षमता रखता है। यह एक वरदान है, जो हमें प्रकृति द्वारा शनि ग्रह के को दृष्टि से बचाने के लिए प्रदान किया गया है। भारत में सबसे उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले नीलम रत्न जम्मू कश्मीर से प्राप्त होता हैl लद्दाख तथा कश्मीर के बीच स्थित पाडर पहाड़ियों में नीलम रत्न की खदानें हैं, किंतु यहां की खदानों से नीलम रत्न प्राप्त करना इतना आसान काम नहीं है, यह जगह 9 महीने तक बर्फ में दबी रहती है, तथा यहां पहुंचने के रास्ते भी सुगम नहीं है।

दुर्लभ रास्तों से होकर यहां की यात्रा 3 दिन तक चलती हैl उसमें भी ग्लेशियर ,तूफानी पहाड़ी नदी इस यात्रा को और ज्यादा दुर्लभ एवं रोमांच एवं डर से भर देता हैl यहां से प्राप्त होने वाला नीलम का वर्ण बिल्कुल मोर के रंग के समान होता है, जबकि और जगह के नीलम का रंग इसके जितना अधिक आकर्षण पूर्ण नहीं रहता है, इस जगह का नीलम (neelam ratna kahan paye jaate hai) पूरे विश्व में विख्यात है, तथा अपने मूल्य के लिए भी यह काफी प्रसिद्ध है, यहां का नीलम बहुत ही दुर्लभ एवं मूल्यवान होता हैl श्रीलंका, पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान आदि देशों से मिलने वाले नीलम की तुलना में यहां का नीलम श्रेष्ठ गुणवत्ता वाला होता है, वैसे तो भारत के विभिन्न प्रदेशों में भी नीलम रत्न के मिलने के बहुत से आसार नजर आ रहे हैं, जैसे- देवभूमि हिमाचल के चंबा जिले की पांगी घाटी में भी नीलम के प्रमाण मिले हैं, किंतु अभी यह कितनी मात्रा में वहां उपलब्ध है, तथा उसका गुणवत्ता क्या है, इन सब की जांच अभी होनी बाकी है।

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 झारखंड राज्य से भी इस तरह की खबरें आ रही है, कि रत्न गर्भ भूमि पर नीलम रत्न के खदान मिलने के प्रबल संकेत है lजमशेदपुर मे खेयूरडारी के घने जंगलों में नीलम का पूरा पहाड़ होने की संभावना जताई गई है, पहाड़ों के ऊपर चट्टानों की प्रारंभिक जांच से इस बात की पुष्टि की गई है, कि यहां नीलम रत्न के पहाड़ मिलने के पूरे आसार हैं, इस की वैज्ञानिक जांच एवं विस्तृत खोज अभी बाकी है, ओड़िशा के गंजाम जिले की गोदावरी और महानदी नदियों के बीच की घाटी में भी नीलम पत्थर पाया जाता है, किंतु आवश्यकता से अधिक मांग होने की वजह से नीलम पत्थर का आयात मुख्यतः भारत में श्रीलंका से किया जाता है। विश्व के बहुत से देशों में नीलम रत्न (neelam ratna kahan milta hai) के अलग-अलग रंगों वाले नीलम रत्न पाए जाते हैं, जिनका रंग गुलाबी, नारंगी ,सतरंगी या और भी कुछ हो सकता हैl प्रायः इनका रंग इन में मिली हुई अशुद्धियों की वजह से इनका रंग निर्धारित होता है।

अभी हाल ही में अखबारों के माध्यम से यह खबर प्रकाशित की गई थी कि श्रीलंका की एक खान से दुनिया का सबसे बड़ा रत्न जिसका मूल्य करीब $100000000 आंका गया हैl प्राप्त हुआ दुर्लभ नीलम जिसका वजन 1404.49कैरेट हैl

उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले नीलम हमें और भी कई देशों से प्राप्त होते हैं, जहां नीलम रत्न के खदान सुदूर इलाके में स्थित हैl तंजानिया, थाईलैंड, अमेरिका ,नेपाल, नाइजीरिया, पाकिस्तान, श्रीलंका, तजाकिस्तान, वियतनाम संयुक्त राज्य अमेरिका आदि जैसे देश शामिल है l जहां इसके भंडार अवस्थित है, किंतु आपको यह जानकर बहुत आश्चर्य होगा कि नीलम के और भी अनेक रंगों के प्रारूप हमें विश्व के दुर्लभ खदानों से प्राप्त होता है, नीलम रत्न का मुख्य संयोजक लोह ,टाइटेनियम, क्रोमियम, तांबा ,मैग्नीशियम आदि जैसे तत्व है, इससे क्रोमियम तथा वैनेडियम जैसे तत्वों की वजह से अनेक रंग प्राप्त होते हैं, किंतु कृत्रिम रूप से निर्मित नीलम रत्न के रंग लाल पीला नीला हरा बैंगनी आदि कुछ भी हो सकता है।

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आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि मोंटाना के पास स्पोकन नीलम खदान में पाया गया एक कच्चा खुरदरा नीलम जीत का रंग पीला था वैसे आपको एक जानकारी और देना चाहती हूं कि नीलम के भूरा और काले रंग भी हो सकते हैं, या रंग विहीन नीलम भी हो सकते हैं, पदपरदशा नीलम जिसका रंग मनमोहक गुलाबी रंग के समान होता है, एवं इसका मूल्य इसके अधिक गुलाबी होने पर निर्भर करता है। तारा नीलम (neelam ratna kaisa dikhta hai) जिसके अंदर का संरचना इस तरह से संगठित रहता है, कि जब इस पर प्रकाश पड़ता है, तब यह तारे के समान अपनी छाया उत्सर्जित करता है।

 रंग बदलने वाला नीलम नीलम रत्न (neelam ratna kaisa hota hai) का सबसे दुर्लभ हो समतुल्य नीलम है, जो समय के साथ रंग बदलने की अद्भुत कला खुद में समेटे हुए रहता है lयह देखने में बहुत ही मनमोहक होता है, इसकी रोशनी बहुत अद्भुत होती है, तथा ऐसा वर्ण का नीलम बहुत कम लोगों के पास उपलब्ध है। यह नीलम प्रायः मेडागास्कर, श्रीलंका ,तंजानिया सहित विभिन्न प्रकार के स्थानों पर पाया जाता हैl यदि नीलम रत्न के द्वारा बैंगनी रत्न उत्सर्जित किया जा रहा है, तो उसका अर्थ है, कि उसका संयोजक क्रोमियम ,आयरन और टाइटेनियम है, जिसकी वजह से उसे यह रंग प्राप्त हुआ है, किंतु यह बहुत ही दुर्लभ रंग है। 

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नीलम के रंग कुछ भी हो सकते हैं, किंतु इसके लाभ अनगिनत है, यह जिस जातक को उसके कुंडली के अनुरूप हुआ तो उसके जीवन को बदल कर रख देता है, किंतु यदि किसी जातक की कुंडली के अनुकूल नहीं हुआ तो उसके जीवन में उथल-पुथल मचा कर रख देता हैl अतः नीलम रत्न (neelam ratna ki jankari) है, तो बहुत अद्भुत संरचना वाला है, किंतु इसे धारण करने से पहले विशेष सावधानी अवश्य बरतें।

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