नीलम रत्न कहा से खरीदे – Neelam Ratna Kahaa Se Kharide

नीलम रत्न कहा से खरीदे – Neelam Ratna Kahaa Se Kharide

 

 नीलम रत्न कहा से खरीदे –

नीलम रत्न कहां से खरीदें यह एक बहुत बड़ा प्रश्न है, क्योंकि हर किसी को प्राकृतिक रूप से उपलब्ध नीलम रत्न प्राप्त नहीं हो पाता है, क्योंकि आजकल बाजारों में बहुत से कृत्रिम रूप से उपलब्ध नीलम रत्नों को प्राकृतिक नीलम रत्न बताकर बेचा जा रहा है, ऐसे में लोगों के मन में यह प्रश्न बहुत उठता है, कि आखिर यह रत्न हमें कहां से खरीदना चाहिए और इसे जांचने के क्या क्या मापदंड हो सकते हैं?? जिससे हमारे पैसे भी बेकार ना जाए और हमें एक अच्छा एवं उपयुक्त नीलम रत्न प्राप्त हो सके।

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नीलम रत्न कोरैंडम परिवार से संबंधित होता है, इसका निर्माण तब होता है, जब यह टाइटेनियम को कोरेंडम के भीतर मौजूद होता है, तथा अग्नेया चट्टानों में यह पाया जाता है, जब यह चट्टाने धीरे-धीरे ठंडी पड़ती जाती है, तो खनिजों के बड़े-बड़े क्रिस्टल उनसे बनते हैं, जो मैग्मा के भीतर मौजूद होते हैं, इस प्रकार अग्निय चट्टानों के परिवर्तन से उत्कृष्ट नीलम रत्न का निर्माण होता हैl इसे नीलमणि के नाम से भी जाना जाता है, इसमें बहुत सी पारलौकिक शक्तियां विद्यमान होती है lयह रत्न बहुत ऊर्जावान होता है तथा तीव्र गति के साथ कार्य करता हैl यह रत्ने शनि ग्रह से संबंधित होता है, तथा जीवन में प्रसिद्धि धन आदि हेतु इसे धारण किया जाता है, इस रत्न के बहुत से फायदे हमें प्राप्त होते हैं, जो निम्न प्रकार से हैं –

1. शनि ग्रह के द्वारा दी जा रही विभिन्न प्रकार के कष्टों का निवारण इस रत्न के माध्यम से किया जाता है।
2. शनि ग्रह से पीड़ित व्यक्ति प्रायः मानसिक अवसाद का शिकार हो जाता है, तथा दिमाग के विभिन्न प्रकार के उलझन में उलझ कर अपना जीवन बर्बाद कर लेता हैl वह अपने जिम्मेदारियों से विमुख हो जाता है, तब अपने ही उलझनो में उलझे रहने की वजह से उसे उसकी लक्ष्य उसे नहीं दिखाई पड़ते हैंl उसका जीवन नीरस लगने लगता है, ऐसी परिस्थिति में उसे नीलम रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है, जिससे उसके मन में एकाग्रता का वास होता है, तथा दिमाग की उलझन से वह खुद को बाहर निकालने में सक्षम पाता है, बाहरी दुनिया से जो वह कटा हुआ खुद को पा रहा था लोगों के समक्ष अपने आप को अच्छे से मेलजोल बढ़ाने में सक्षम पाता है, तथा भावनात्मक स्तर पर खुद को मजबूत बनाने लगता है, जिससे लोगों से जुड़ने में उसे आसानी होती है।

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3. शनि ग्रह के अंतर -दशा, महादशा के प्रभाव से जातक को रोजी रोजगार संबंधित विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता है lउनके बने बनाए कार्य को बिगड़ने में ज्यादा समय नहीं लगता है, जिसकी वजह से वह कार्यस्थल में भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते है, ऐसे में यदि उनके द्वारा नीलम रत्न धारण किया जाता है, तो उनके अंदर विभिन्न कौशलों का उद्गम होता है, जिससे वह अपनी कार्यस्थल में अपनी प्रतिस्पर्धा साबित करने में सक्षम हो पाते हैं, तथा उनके कार्यों को करने के ढंग में विभिन्न प्रकार के बदलाव आने लगते हैं, जिससे लोग उनका काफी सम्मान करते हैं, एवं कार्यस्थल में उनके कार्यों की सराहना भी खूब होती है।

किंतु यह रत्न कितना अपना असर दिखाएगा यह पूरी तरह निर्भर करता है कि आपके द्वारा धारण किया गया नीलम प्राकृतिक नीलम है, या कृत्रिम रूप से बना हुआ है, नीलम रत्न है lअतः नीलम रत्न खरीदने से पूर्व पहले कुछ मापदंड है, उन्हें जानना आवश्यक है कि प्राकृतिक रूप से उपलब्ध नीलम के क्या-क्या गुण है, जो इन्हें कृत्रिम रूप से बनाए गए नीलम रत्न से भिन्न करता है, तो आइए आइए जानते है –

4.यह रत्न देखने में नीला वर्ण का होता है, बिल्कुल मोर के गर्दन के समान नीला रंग होता है, इसका रंग अपराजिता पुष्प के रंग के सामान भी हो सकता है।

5. जब आप इसे अपनी मुट्ठी में जोर से बंद करेंगे तब आप पाएंगे कि आपको हाथों में जलन महसूस हो रहा है, क्योंकि नीलम रत्न का गर्म स्वभाव होता है, अतः इसे ऐसा लगेगा जैसे उस्मा उत्सर्जित हो रहा हो।

6. शुद्ध दूध में इसे डालने पर दूध का रंग नीला पड़ने लगता है।

7. इसका घनत्व बहुत अधिक होता है, जिसकी वजह से किस का भार कृत्रिम रूप से निर्मित नीलम रत्न से कहीं अधिक होता है, यह रत्न देखने में भले ही कृत्रिम रूप से निर्मित नीलम रत्न से छोटा लगे किंतु जब वजन किया जाएगा तो इसका भार कृत्रिम रूप से निर्मित नीलम रत्न से अधिक होगा।

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8. प्राकृतिक रूप से उपलब्ध नीलम रत्न में विभिन्न प्रकार की आकृतियां रेखाएं जाले बिंदु आदि पाए जाते हैं।

9. प्राकृतिक रूप से उपलब्ध नीलम में जादुई शक्तियां विद्यमान होती है, इसको पहनने के पश्चात त्वरित गति से काम करता है, तथा आपको विभिन्न चीजों में इसके प्रभाव तुरंत ही नजर आने लगेंगे जबकि कृत्रिम रूप से निर्मित नीलम रत्न में ऐसी कोई चीज नहीं नजर आएगी।

10. जब शनि की साढ़ेसाती अथवा शनि की ढैया प्रारंभ होती है, तो जातक के जीवन में बहुत से उथल पुथल मचा कर रख देती हैl उसके वैवाहिक जीवन में भी अनेक परेशानियां आने लगती है, जिसकी वजह से कभी-कभी ऐसा भी होता है, कि रिश्ता ही खत्म हो जाए या टूट जाए ऐसी परिस्थिति में नीलम रत्न किसी जादू से कम काम नहीं करता है, टूटे हुए रिश्ते को भी जोड़ने का काम करता है, तथा प्रेम संबंधों को प्रगाढ़ बनाता है, घर परिवार एवं कार्यस्थल में भी अच्छे सामंजस्य बिठाने का काम करता है, जिससे मन प्रसन्न रहता है।

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11. इसे धारण करने के पश्चात आमोद प्रमोद तथा सामाजिक गतिविधियों में भी उत्तम समय व्यतीत होता है, तथा कार्य क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करने में यह अहम भूमिका निभाता है।

12. इस रत्न में जादुई पर अलौकिक शक्तियां विद्यमान होती है, जिसको धारण करने से पश्चात जातक के व्यक्तित्व में एक अद्भुत परिवर्तन आता है, सभी उसके व्यक्तित्व के प्रति आकर्षित होते हैं, एवं बिना उसकी प्रशंसा किए नहीं रह पाते हैं।

यह रत्न आपको बाजारों में आसानी से उपलब्ध है, या फिर आप किसी अच्छे ज्योतिषी से संपर्क करके भी यह रत्न हासिल कर सकते हैं, किंतु इस बात का ख्याल अवश्य रखें कि जब तक आप इसे अभिमंत्रित नहीं कर लेते, इसे ऊर्जावान नहीं बना लेते है, इसकी शक्तियों को नहीं जगा लेते है, तब तक यह अपने चरमोत्कर्ष पर काम नहीं करेगा।

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