काली गुंजा के तांत्रिक प्रयोग – Kali Gunja Ke Tantrik Prayog

काली गुंजा के तांत्रिक प्रयोग – Kali Gunja Ke Tantrik Prayog

 

काली गुंजा के तांत्रिक प्रयोग – Kali Gunja Ke

 Tantrik Prayog

काली गुंजा के तांत्रिक प्रयोग- जिस प्रकार ग्रहों में शुक्र को सौंदर्य की देवी कहा जाता है, उसी प्रकार गुंजा को भी तंत्र के देवी के रूप में अलंकृत किया जाता है lइसके माध्यम से किए गए किसी भी तरह के तांत्रिक प्रयोग अचूक होते हैं, एवं त्वरित गति से अपना प्रभाव दिखाते हैं, आइए जानते हैं, काली गुंजा के कुछ तांत्रिक प्रयोग-

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1. ऐसे जातक जो राहु के द्वारा दिए जा रहे किसी भी तरह की परेशानी में घिरे हुए हैं, या उसके भ्रम जाल में वास्तविक जीवन में कोई बहुत ही जटिल युक्त परिस्थिति में फंस गए हैं, तो ऐसे में आपको काली गुंजा के माला (kali gunja ki mala ke tantrik prayog) को लेकर शुक्ल पक्ष के बुधवार के दिन से राहु के बीज मंत्र का जप शुरू करना चाहिएl आप चाहे तो राहु के मंत्र “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः” नित्य रात्रि के समय 108 को प्रत्येक दिन इसके माला से जाप करना बहुत ही लाभदायक सिद्ध हो सकता है, इससे आपके बड़े से बड़े शत्रु भी मित्र की श्रेणी में आने लगेगा।

किसी भी तरह की आकस्मिक वर्ण-वृत्त जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती हैl विकट परिस्थितियों से बाहर निकलने के लिए युक्ति बल वाकपटुता जैसे कलाओं की प्राप्ति होती है lराजनीतिज्ञ अभिलाषा हो या विदेश में नौकरी करने की इच्छा या निष्ठावान प्रवृत्ति या नैतिक प्रवृत्ति इन सभी चीजों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए राहु अनेक रूपों से सहायक होता है, इसके प्रभाव से जातक अपयश या किसी भी तरह का कलंक या वाणी में विकृति पतन आदि जैसी चीजों का शिकार नहीं होता है, इसके प्रभाव से बुद्धि भी कल्पना तुल्य चीजों में नहीं संलिप्त होता है।

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2. ऐसे लोग जो दरिद्रता एवं दुख की स्थिति में बहुत अधिक विकराल रूप से फंसे हुए हैंl कर्ज की स्थिति थमने का नाम नहीं ले रही है lरुपयों- पैसे की तंगी बहुत अधिक बनी रहती है, या उनका धन किसी प्रकार से किसी के पास अटका हुआ है, या उन्हें दुर्भाग्य के द्वारा बहुत अधिक प्रताड़ित किया जाता है, तो उन्हें होली के दिन का यह विशेष टोटका अवश्य करना चाहिए, सबसे पहले काली गुंजा (kali gunja ke tantrik prayog kya hai) के कुछ दाने लाकर रखें, उसके बाद जब होलिका दहन होती है, तब आप अपने ऊपर से 21 बार क्लॉक वाइज 21 बार एंटी क्लॉक वाइज उतार कर उसे होलिका दहन की अग्नि में डाल दे, उसके बाद सीधे बिना किसी से बात किए हुए बिना पीछे मुड़े हुए घर को आ जाए एवं आने के बाद सेंधा नमक युक्त या फिटकरी युक्त पानी से जल्द ही स्नान कर ले, याद रखें कि, जब तक यह प्रक्रिया पूरी ना हो जाए तब तक आप एक भी शब्द किसी भी व्यक्ति से ना बोले ना किसी के प्रश्नों का उत्तर देंl आप यह क्रिया करके देखें आपके जीवन से सारी दुख कष्ट आदि जल्द ही विनष्ट होने लगेंगी तथा भाग्य का प्रबल साथ आपको प्राप्त होने लगेगा। निधि आगमन के कई नवीनतम स्रोत बनेंगे, जो आपके वित्तीय अनुहार को दक्ष बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

3. काली गुंजा का प्रयोग प्रबल वशीकरण के लिए किया जाता है, ऐसा माना जाता है, कि इसके द्वारा किया गया वशीकरण बहुत ही असाधारण होता हैl यदि आप अपने जीवन साथी के रवैया से बहुत अधिक थक चुके हैं, या आप अपने प्रेमी का प्रेम वापस प्राप्त करना चाहते हैं, तो ऐसे में आपको कॉल भी गुंजा आपकी मनोरथ को सिद्ध करने में अप्रतिम रूप से सहायक सिद्ध हो सकता है, इसके लिए आपको कुछ विशिष्ट दिनों का चयन करना होगा, जिसमें यह प्रयोग जिस भी व्यक्ति के लिए किया जाता है, उसे बहुत अधिक शक्तिशाली रूप से प्रभावित कर सकता है, सबसे पहले शुक्ल पक्ष के शुक्रवार के दिन का चयन करेंl उस दिन काली गुंजा (kali gunja ki jankari) को लेकर आपको मां काली का सिद्ध मंत्र– llॐ ह्रीं क्लीं अमुकी क्लेदय क्लेदय आकर्षय आकर्षय, मथ मथ पच पच द्रावय द्रावय मम सन्निधि आनय आनय, हुं हुं ऐं ऐं श्रीं श्रीं स्वाहा”ll का जाप अवश्य करना चाहिए।

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इसमें अमुकी जगह आप को आपके जीवन साथी का या आपके प्रेमी का नाम लेना है lइस क्रिया को यदि रात्रि में 10:00 बजे से 11:00 या 12:00 बजे तक पूर्ण किया जाए, तो यह बहुत अधिक त्वरित गति से फलित होता है, या ब्रह्म मुहूर्त में भी संपन्न किया जाए तब भी यह अच्छे फल प्रदान करता है। मंत्र जप की संख्या कम से कम आधा घंटा या 1 घंटा अवश्य करें माता काली के समक्ष गुंजा के कुछ दानों को रखने के बाद ही मंत्र का जाप करें, जब आप एक निश्चित अवधि तक मंत्र का जाप कर ले, तब रखे हुए काली गूंजे के ऊपर फूंक मारे उसके बाद आपको यह क्रिया कम से कम लगातार 21 दिन या 11 दिनों तक बिना किसी तरह के रुकावट के आपको पूर्ण करनी हैl उसके बाद आप काली गुंजा (kali gunja ki mala ke prabhav) के दानों का प्रयोग जिसे भी वशीभूत करना चाहते हैं।

उसके इर्द-गिर्द धारण कर जाए या आप अपने जीवनसाथी के रवैया को बदलना चाहती है, तो उनके तकिए में पोटली बनाकर डाल दें एवं जो भी महिला अपने प्रेमी को वश में करना चाहती है lउसे वह एक चांदी की ताबीज में अपने प्रेमी को धारण करवा सकती है, या स्वयं भी धारण कर सकती हैl इससे प्रबल वशीकरण होता है, तथा व्यक्ति वशीभूत होकर उक्त व्यक्ति की हर बात मानता है, जिसके द्वारा यह क्रिया की गई है, किंतु एक बात का ध्यान अवश्य रखें की प्रकृति के नियम के विरुद्ध कभी भी ऐसी चीजों का प्रयोग नहीं करना चाहिए, फिर भी यदि किसी को घर परिवार बचाने की आवश्यकता है lघर परिवार टूटने से बचाना हैl विवाहित जीवन विच्छेद से रोकना है, तो ऐसी स्थिति में इसका प्रयोग आप अवश्य कर सकते हैं, किंतु आप लोगों से विनम्र निवेदन है, कि किसी भी तरह की अप्राकृतिक वशीकरण का प्रयोग ना करेंl प्रकृति के विरुद्ध जाना कभी-कभी हानिकारक भी सिद्ध हो सकता है, इस बात का ध्यान अवश्य रखें।

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4. माता लक्ष्मी के मंत्रों से खासकर दीपावली के रात्रि में अभिमंत्रित कर काली गुंजा को आपको तिजोरी में काली गुंजा (kali gunja se vashikaran) को रखना चाहिए, इसके साथ ही आप अपने अन के भंडार में भी इसे रख सकते हैं, इससे आपके जीवन में कभी भी धन एवं अन्न कमी नहीं होगी, घर में सुख समृद्धि वैभव का निवास होगा, माता लक्ष्मी की कृपा सदैव आपके ऊपर बनी रहेगी।

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