नीलम स्टोन पहनने की विधि – Neelam Stone Pahanne Ki Vidhi

नीलम स्टोन पहनने की विधि – Neelam Stone Pahanne Ki Vidhi

 

नीलम स्टोन पहनने की विधि –

नीलम स्टोन पहनने की विधि जानना बहुत आवश्यक है, यदि हमें सही विधि नहीं मालूम रहेगी तो इस रत्न के पूर्ण लाभ हमें नहीं प्राप्त हो सकता हैं lहर चीज की एक पद्धति होती है, जिसे हमें सही तरीके से पूरा करना होता है, तब जाकर हमें उसका पूर्ण रूप से फल प्राप्त होता है, कोई भी शुभ कार्य करने के पूर्व विभिन्न प्रकार से शुभ मुहूर्त को जानने के पश्चात ही उस कार्य को करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि उससे उस कार्य के समापन होने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है, जैसे- यदि आप किसी छोटे से पौधे को लगाते हैं, तो उसे किस प्रकार की मिट्टी में लगाना चाहिए तथा उसे समय-समय पर किस प्रकार का खाद आदि विभिन्न सामग्री की जरूरत होगी lइन सभी का ध्यान रखते हैं, तभी वह छोटा सा पौधा बड़ा होकर वृक्ष बनता है, और आपको फल प्रदान करता है।

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यदि आप इस चक्र को तोड़ देंगे और सोचेंगे कि आज ही छोटे पौधे को लगाया जैसे तैसे और दूसरे दिन आपको फल प्राप्त हो जाए तो यह एक नामुमकिन सी बात लगती है इसलिए हर एक चीज का एक अपना चक्र होता है, जिसे पूर्ण करने के पश्चात ही वह अपने चरमोत्कर्ष पर पहुंचता है, और उस में विद्यमान विभिन्न प्रकार की गुप्त शक्तियां विकसित होती है, जिससे जीवो का कल्याण करता है, ठीक उसी प्रकार नीलम रत्न में भी प्राकृतिक रूप से बहुत से पारलौकिक ऊर्जाओ का समायोजन रहता है यह रत्न एक अतुलनीय शोभा के साथ प्रकृति के भूगर्भ से हमें प्राप्त होता है, इस रत्न में शनि ग्रह से संबंधित विभिन्न प्रकार की शक्तियां अवशोषित करने की क्षमता मौजूद होती है l

इसी वजह से यह रत्न बहुत खास रत्न है, इस रत्न में अनेक गुप्त शक्तियां मौजूद होती है, जिससे शनि ग्रह से संबंधित विभिन्न प्रकार के समस्याओं का समाधान हमें इस रत्न को धारण करने से प्राप्त होता हैl यह रत्न ऐसा होता है, जो किसी को यदि धार जाए तो उसे रंक से राजा बनाने की क्षमता उसमें रहता है और यदि ना धारे तो किसी को हाथी पर बैठे हुए भी कुत्ते से कटवा दें।

एक तरफ चमत्कारी गुणों का संयोजक मौजूद रहता है, तो दूसरी ओर यह एक विध्वंसक स्वरूप भी ले सकता है, इसलिए इसे ज्योतिष शास्त्र में बहुत ही सजगता के साथ धारण करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यदि यह किसी जातक को नहीं धारा तो उसके जीवन में विभिन्न प्रकार के परेशानियों में उसे उलझा कर रख देगा तथा उसका पूरा जीवन उथल-पुथल हो जाएगा विभिन्न प्रकार की समस्याएं आए दिन लगी रहेंगी।

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उसे मानसिक उत्पीड़न जैसी परेशानियां झेलनी पड़ेगी lघर परिवार में भी बिखराव होने लगेगा lउसके रिश्ते टूट जाएंगे तथा घर गृहस्ती की गाड़ी भी डामाडोल स्थिति में पहुंच जाएगीl जीवन साथी के साथ हमेशा अन बन होने से हमेशा मन विचलित रहेगाl ऐसा लगेगा मानो सारी दुनिया ही हमारे विपरीत चल रही हो।यही यदि नीलम रत्न किसी को धारण करने के पश्चात उसे अनुकूल परिणाम देने लगे तो वैसी परिस्थिति में उसके जीवन में बहुत से अनगिनत बदलाव देखने को मिलेंगे, जो कि सकारात्मक होंगेl उसके व्यक्तित्व में रूपांतरण होने लगेगा, वह विभिन्न प्रकार के कौशलों को प्राप्त कर अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम होगा।

कठिन से कठिन समस्याओं के समय भी अपना धैर्य नहीं खोने की वजह से असंभव को संभव करने की क्षमता रखेगा, लोग उसके इस स्वभाव से बहुत प्रभावित होंगे तथा उसे बहुत उम्दा स्तर पर लोगों के सहयोग की भी प्राप्ति होगी,उसके व्यक्तित्व में अजीब सा चुंबकीय तत्व की उत्पत्ति होने लगेगी जिससे लोग उसकी ओर आकर्षित होंगे, उसकी भावनाओं को समझेंगे, उसके बातों को समझेंगे lउसके हाव-भाव से काफी प्रभावित होंगे।

यह रत्न की औषधीय गुण भी कुछ कम नहीं है, इस रत्न को धारण करने से विभिन्न प्रकार के बीमारियों का भी समाधान होता है, जैसे -उदर संबंधित बीमारियां, वायु रोग, किडनी रोग, लिवर रोग, अनिद्रा, पागलपन ,मानसिक, अवसाद जैसी बीमारियों का भी इलाज इस रत्न के द्वारा संभव है, ऐसा रत्न शास्त्र का मानना है, इस रत्न को धारण करने से मन में शांति का भाव उत्पन्न होता हैl

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मन हमेशा शांत रहता है, विभिन्न प्रकार की उलझन से दूर रहता है, जिससे एकाग्रता के साथ ऐसे जातक अपने कार्यों का निर्वहन पूरे लगन के साथ करते हैं, ऐसे लोग बहुत मेहनती होते हैं, तथा अपने मेहनत से अपने भाग्य को बदलने की क्षमता रखते हैंl इस रत्न को धारण करने से आपको धन संबंधित परेशानियों से भी निजात मिलता है, तथा आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत होती है।

बहुत से लोग जो बेरोजगार होते हैं, उनके द्वारा यदि यह रत्न धारण किया जाए तो वह अच्छे रोजगार को पाने में सक्षम होते हैं, तथा अपने काबिलियत के दम पर एक ऊंचा पद समाज में स्थापित करते हैंl इस रत्न को धारण करने से जातक के मान प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होती है, उसके मुख मंडल पर हमेशा ही एक मुस्कान छाई हुई रहती है, जो उसके व्यक्तित्व में चार चांद लगाती हैl

नीलम स्टोन पहनने की विधि निम्न प्रकार से है- सबसे पहले बाजार से प्राकृतिक रूप से उत्पन्न हुए नीलम स्टोन को बाजार से लाएl तत्पश्चात शुभ मुहूर्त देखने के बाद उसे गंगाजल से धुले फिर पंचतत्व में डालकर कुछ देर के लिए डाल कर छोड़ देंl उसके पश्चात शनि मंत्रों का उच्चारण कर उसे अभिमंत्रित कर के किसी मंदिर में ले जाकर भगवान के चरणों में समर्पित कर दें।

उसके बाद भगवान से आशीर्वाद प्राप्त करने के पश्चात उसे मध्य रात्रि या शुक्ल पक्ष के प्रथम शनिवार को धारण करें, इसे आप सूर्य उदय से पूर्व भी धारण कर सकते हैं, उसके पश्चात आप उचित दान दक्षिणा किसी ब्राह्मण को दें एवं किसी भूखे को भोजन अवश्य कराएं एवं उसका भी आशीर्वाद प्राप्त करें, इससे आपको नीलम रत्न के चमत्कारिक लाभ त्वरित गति से प्राप्त होंगे तथा आपके जीवन में आने वाले विभिन्न समस्याओं का समाधान भी बहुत जल्द होने लगेगा, इस दिन मांस मदिरा आदि को वर्जित रखेंl

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