दो मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे – 2 mukhi rudraksha ke fayde

दो मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे – 2 mukhi rudraksha ke fayde

 

दो मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे – 2 mukhi

 rudraksha ke fayde

जिस प्रकार रत्न शास्त्र में विभिन्न प्रकार के रत्नों का एवं उप रत्नों का प्रयोग कर पीड़ित चंद्र के द्वारा उत्पन्न किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के परेशानियों को दूर किया जाता है, तथा चंद्र ग्रह की स्थिति को मजबूत बनाया जाता है, उसी प्रकार 2 मुखी रुद्राक्ष (do mukhi rudraksha ke fayde)  का प्रतिनिधित्व भी चंद्र ग्रह के द्वारा किया जाता है, इसमें चंद्र से संबंधित अनेक प्रकार की ऊर्जा व्याप्त होती है।

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जिसके कारण जिस भी व्यक्ति विशेष को चंद्र के द्वारा उत्पन्न की गई किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान इसके माध्यम से किया जा सकता है, यह चंद्र ग्रह की स्थिति को बहुत ही मजबूत बनाता है, तथा किसी भी प्रकार के प्रतिकूल प्रभाव को दूर करता है, जातक के जीवन में आने वाले विभिन्न प्रकार के आकस्मिक अवरोधों को भी दूर करने की क्षमता रखता है, तथा उसे विविध क्षेत्र में अच्छे परिणाम प्रदान करता है।

दो मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे – 2 mukhi rudraksha

 benefits in hindi

1. यदि किसी व्यक्ति को अपने वैवाहिक जीवन में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, या अपने जीवनसाथी के समक्ष उसकी छवि बिल्कुल भी दृष्ट है, तो ऐसी स्थिति में उसे 2 मुखी रुद्राक्ष (do mukhi rudraksha ke fayde) धारण करना चाहिए जिस प्रकार भगवान भोलेनाथ एवं माता पार्वती के बीच प्रगाढ़ प्रेम की अनंत भाव बना रहता है।

उसी प्रकार उसके भी वैवाहिक जीवन में प्रगाढ़ प्रेम की अनुभूति प्राप्त होती है, जीवनसाथी का सहयोग एवं उसका प्रेम उसे मन मस्तिष्क से पूरी तरह से प्रफुल्लित कर देता है तथा किसी भी प्रकार के प्रचारक मतभेद, क्लेश ,झगड़े- झंझट समाप्त होने लगते हैं।

2. दो मुखी रुद्राक्ष की शक्तियों में माता लक्ष्मी की शक्तियां समाहित होती है, इसलिए जिस भी व्यक्ति विशेष के द्वारा धारण किया जाता है, उसके जीवन से विविध प्रकार के दुख – दरिद्रता के कारकों का परिहार होने लगता है, उसके जीवन से दरिद्रता, कृपण, असंतुष्टि , कर्ज जैसी चीजों का शमण होने लगता है।

उसके जीवन में विभिन्न प्रकार के भौतिक सुख संसाधनों की परिपूर्णता आती है, सांसारिक सुख उसके जीवन को और अधिक सुखमय बना देते हैं, माता लक्ष्मी का अधिपत्य उसके घर- परिवार में सदा बना रहता है।

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3. ऐसे जातक जो कफ संबंधित रोगों से पीड़ित है, गला, फेफड़ा, नेत्र से संबंधित विकार या कैल्शियम की कमी या मिर्गी जैसे खतरनाक रोग से ग्रसित है, ऐसी स्थिति में उस जातक के द्वारा दो मुखी रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए।

इससे उसकी अवस्था में काफी उत्तम परिणाम देखने को मिलेगा तथा 2 मुखी रुद्राक्ष (two mukhi rudraksha benefits in hindi) में व्याप्त ऊर्जाए जातक को उन्हें अप्रतिम रूप से स्वास्थ्य लाभ प्रदान करेंगी।

इसमें मौजूद उपचारात्मक गुण उनके शरीर के सुरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की क्षमता रखता है, जिसके कारण वे लोग अनेक प्रकार के बीमारियों से बच सकते हैं, तथा उन्हें उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति हो सकती है।

4.ऐसे जातक जिनमें परिस्थितियों के कारण कई प्रकार की कटुता आ गई है, उनकी भाषा शैली में पूरी तरह से परिवर्तन होने के कारण कई रिश्ते संबंध कुटुंब अपने परिवार के लोगों से काफी दूर चले गए हैं, उनके संबंध आपस में बहुत अधिक विकृत हो चुके हैं, ऐसे लोगों के द्वारा दो मुखी रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए इससे उनके वाणी में बहुत ही उत्तम सुधार देखने को मिलता है, व्यक्ति मृदुभाषी होते हैं, जिससे बिगड़ते रिश्ते भी बन जाते हैं, जिन लोगों से संबंधों में कड़वाहट आ गई है।

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उन सभी को फिर से सामान्य करने की क्षमता इस मनके में होती है, आपके व्यक्तित्व को बहुत ही आकर्षण पूर्ण बनाता है, आपकी चेहरे की कांति को बढ़ाता है, उनके कलात्मक गुणों में और अधिक प्रखरता आती है, उन्हें पारिवारिक चीजों में तो सफलता मिलती ही है इसके साथ ही व्यवसाय से जुड़े हुए चीजों में भी अप्रतिम रूप से सफलता प्राप्त होती है।

5. ऐसे लोग जो बोलने में कमजोर होते हैं, या अपने बातों को ठीक ढंग से दूसरे तक पहुंचाने में असक्षम होते हैंl अपने विचारों को प्रकट करने में कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करते हैं, जिन्हें अपने भाव एवं विचार प्रकट करना नहीं आता है जिसमें आत्मविश्वास की कमी रहती है, उन लोगों के द्वारा दो मुखी रुद्राक्ष (2 mukhi rudraksha ke fayde in hindi) अवश्य धारण करना चाहिए इससे लोगों से जोड़ने में बहुत आसानी होती है, तथा अपने बातों को अस्पष्ट रुप से किसी के समक्ष प्रकट करने की कला में भी सुधार सकता है।

6. चंद्रमा हमारे मन का कारक होता है, विभिन्न पापी ग्रहों के कारण यह व्यापक रूप से दूषित होता है, तथा उनके नेतृत्व में यह काफी अधिक नकारात्मक रूप से प्रभावित हो जाता है, जिसके कारण यह किसी भी जातक के जीवन में व्यापक रूप से नकारात्मक प्रभाव देने लगता है, लोग मानसिक अवसाद जैसे गंभीर बीमारियों से ग्रसित होने लगते हैं, अनेक प्रकार के मानसिक संताप उनके जीवन को बहुत ही विषम परिस्थितियों में डाल देते हैं ।

चाह कर भी उनके मन में उठने वाले नकारात्मक विचारों का दमन नहीं कर पाते हैं, उनके मन में इतनी अधिक अस्थिरता के भाव रहते हैं, कि उसे जीवन के किस ओर बढ़ना चाहिए? उसके लक्ष्य क्या है? उसका जीवन का उद्देश्य क्या है? उसके जीवन का क्या अभिप्राय है? उसके जीवन का वास्तविक उद्देश्य क्या है? उन सभी चीजों से वह दूर चला जाता है, वास्तविक जीवन में अपने ही लोगों एवं अपने आसपास के वातावरण के साथ पारस्परिक क्रिया करने में वह असक्षम होने लगता है, परिस्थितियां दिनों दिन जटिल होती चली जाती है।

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कई बार यह अपना अधिक विकराल रूप ले लेती है, जिससे किसी भी व्यक्ति विशेष के लिए निकल पाना बहुत ही मुश्किल हो जाता है, ऐसे लोगों के द्वारा दो मुखी रुद्राक्ष (two mukhi rudraksha benefits in hindi) अवश्य धारण करना चाहिए इससे उनके जीवन में स्पष्टता का बोध देखने को मिलता है, इस मनका को धारण करने से उसे असीम शांति की प्राप्ति होती है, मन में उठने वाले किसी भी प्रकार के संताप को यह शांत रखने की क्षमता रखता है।

7. ऐसे लोग जिन्हें विद्या अध्ययन में बिल्कुल भी रुचि नहीं रहती है, या ऐसे बच्चे जिन्हें स्मरण शक्ति से संबंधित कोई समस्या होती है, उनके द्वारा इसे अवश्य धारण करना चाहिए जिससे उनकी विभिन्न विषयों में रुचि बढ़ती है, तथा उनकी मृत्यु मजबूत होती है यह उनके सर्वांगीण विकास में काफी लाभदायक सिद्ध होता हैl

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