सुलेमानी हकीक को सिद्ध कैसे करें – Sulemani Hakik Ko Sidh Kaise Kare

सुलेमानी हकीक को सिद्ध कैसे करें – Sulemani Hakik Ko Sidh Kaise Kare

 

 सुलेमानी हकीक को सिद्ध कैसे करें –

सुलेमानी हकीक सिद्ध कैसे करें लोगों के मन में यह प्रश्न बहुत उथल-पुथल मच आता है, क्योंकि इस अद्वितीय पत्थर के लाभ को जानकर हर कोई यह चाहता है, कि इस रत्न को वह भी धारण करें तथा उसकी विशिष्ट विधि या विशिष्ट पद्धति को जानने के पश्चात ही उसे धारण करें, जिससे उसका लाभ कई गुना तक बढ़ जाएl उसकी सारी शक्तियां जागृत हो जाए एवं उसे अनंत प्रकार से यह पत्थर लाभ प्रदान करें।

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प्रकृति द्वारा प्रदत यह पत्थर अपने अंदर बहुत ही भौतिक गुणों का समावेश संजोए रहता है, इसकी विभिन्न प्रकार के संयोजक इसके विभिन्न रंगों को निर्धारित करते हैंl यह बहुत से रंगों में हमें उपलब्ध होता है, जैसे -लाल, पीला ,नीला ,हरा, सफेद आदि इन सभी रंगों का संबंध किसी न किसी प्रकार से आकाशीय पिंडों यानी ग्रहों तथा उपग्रहों से होता है, तथा उनसे संबंधित विभिन्न परेशानियों को यह सुलेमानी पत्थर पूरी तरह से खत्म करने की क्षमता रखता हैl यह एक ऐसा पत्थर है, जो हमें तीनों पापी ग्रह शनि ग्रह तथा राहु केतु के दुष्प्रभाव को पूरी तरह से नष्ट कर हमें उनके कुचक्रों से बचाता है तथा हमारे जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आता है।

यह हमारे चारों ओर एक ऐसा सकारात्मक उर्जा का शक्तिपुंज स्थापित करता है, जिससे कोई भी बाहरी ऊर्जा जो हमारे इर्द-गिर्द मौजूद रहती हैl सुक्ष्म अवस्था में ही रहती है, किंतु वह बहुत शक्तिशाली होती है, हमारे आभामंडल को दूषित ना करें lहमारे मन ,मस्तिष्क ,दिल पर हावी ना हो, वह चाह कर भी अपनी मनमानी हमारे साथ ना कर पाए।

यह एक ऐसा रत्न है, जो हमारे मन मस्तिष्क से नकारात्मक ऊर्जा को पूरी तरह से समाप्त करने की क्षमता रखता है, तथा हमें बुरी नजर तंत्र ,मंत्र ,टोना टोटका जैसी चीजों से भी यह बचाने में सक्षम होता हैl ऐसा प्राचीन काल से ही लोगों का मानना है, कि यदि किसी भी जातक के द्वारा असली सुलेमानी हकीक को धारण कर लिया जाए तो उसके जीवन में कभी भी धन संबंधित परेशानी नहीं आती है।

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मां लक्ष्मी की कृपा सदैव इसके जीवन पर बरसती रहती है, उसकी आर्थिक स्थिति दिन प्रतिदिन बढ़ती चली जाती हैl सुलेमानी हकीक को धारण करने से जातक के जीवन में कभी भी भौतिक संपदाओं की कमी नहीं रहती है lयह छोटे बच्चे से लेकर किसी भी आयु वर्ग के लोगों के द्वारा धारण किया जा सकता हैl छोटे बच्चों के लिए तो विशेषकर लाभकर होता है, क्योंकि छोटे बच्चों में सभी चक्र जागृत होते हैं, जिसकी वजह से वह उन चीजों को भी महसूस कर सकते हैं।

उन चीजों को भी देख सकते हैं, जिन चीजों को हम अपनी नग्न आंखों से नहीं देख सकते हैं या हमारा बौद्धिक विकास इतना अधिक नहीं होता कि हम उन चीजों को महसूस कर सके या देख सके इसलिए छोटे बच्चों को इसे अवश्य धारण करना चाहिए, जिससे वह किसी भी प्रकार से गलती से भी नकारात्मक उर्जा के नियंत्रण में ना आए या कोई भी नकारात्मक चीज उनके ऊपर हावी ना हो।

सुलेमानी पत्थर को धारण करने से पहले उसे सिद्ध करना बहुत आवश्यक होता है, तभी हम उसके सभी लाभों को प्राप्त कर सकते हैं lअतः निम्नलिखित प्रकार से हम सुलेमानी हकीक को सिद्ध कर सकते हैं-

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सर्वप्रथम पहले सुलेमानी हकीक की गुणवत्ता की जांच कर ले या किसी विद्वान से उसकी गुणवत्ता की जांच करवा लें कि आपके द्वारा खरीदा जा रहा सुलेमानी हकीक पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से निर्मित हो उसके पश्चात उसका आप लॉकेट या अंगूठी या हाथ की बैंड या केवल उस पत्थर को लेकर उसे गंगाजल तथा पंचतत्व से पवित्र करें उसके पश्चात उसे गूगल लॉन्ग काली मिर्च कपूर के मिश्रण से उसकी आरती उतारे जिससे वह अपनी ऊर्जाओं को धीरे-धीरे जागृत करने लगे इसे अभिमंत्रित करने के लिए आप विभिन्न प्रकार के मंत्रों का उच्चारण कर सकते हैं, किंतु सबसे उपयुक्त माना जाता है, मां काली का मंत्र ओम एम हरीम क्लीम चामुंडाए विच्चे क्योंकि इसमें तीनों देवियों का स्वरूप हमें प्राप्त होता है।

शक्ति विद्या तथा धन इस मंत्र में अपार शक्तियों का भंडार होता है, इसलिए इस मंत्र से आप सुलेमानी हकीक को सिद्ध कर सकते हैं, या आप चाहे तो बाबा भैरव का कोई भी मंत्र अपने गुरु से लेकर भी इसे अभिमंत्रित कर सकते हैं, या सिद्ध कर सकते हैं, इसे बजरंगबली के विभिन्न मंत्रों तथा भोलेनाथ के महामृत्युंजय मंत्र से भी सिद्ध किया जा सकता है, जब आप इस सुलेमानी हकीक कोशिश करें तो केवल एक बात का ध्यान अवश्य रखें कि इसे सिद्ध करते वक्त आप जितना हो सके उतना अधिक मंत्रों का उच्चारण करें यदि खुद करने में संभव नहीं हो पा रहे हैं, तो आप किसी विद्वान पंडित के माध्यम से भी इसे अभिमंत्रित या सिद्ध करवा सकते हैंl

इसका सही विधि विधान से इसे प्रतिष्ठित करें तथा अभिमंत्रित करें उसमें भूलकर भी कोई चूक नहीं होनी चाहिए तथा मंत्र जप करते वक्त भी यह ध्यान अवश्य रखें कि आपके द्वारा उच्चारित की जा रही मंत्र गलत ना हो अन्यथा उसके दुष्परिणाम भी आपको ही भोगने पड़ सकते हैं।

मंत्र जप समाप्ति के बाद इसे आप किसी हनुमान मंदिर या भोलेनाथ का मंदिर या बाबा भैरव का मंदिर या मां कालिका का मंदिर में ले जाकर कुछ देर के लिए भगवान के चरणों में रहने दे उसके पश्चात भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करें तथा पंडित जी का भी आशीर्वाद प्राप्त करें एवं उन्हें इच्छा अनुसार दान दक्षिणा दें उसके पश्चात इस अभिमंत्रित या सिद्ध की हुई सुलेमानी हकीक को अपनी इच्छा बोलते हुए धारण करें।

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यह एक दिव्य पत्थर है, जिसका कोई भी नकारात्मक प्रभाव हमारे जीवन पर नहीं देखने को मिलता है, यह एक ऐसा पत्थर है, जो हर आयु वर्ग के लोगों के द्वारा हर प्रांत के लोगों के द्वारा हर जाति धर्म के लोगों के द्वारा धारण किया जा सकता है, इसका कोई भी दुष्प्रभाव किसी के ऊपर नहीं पड़ता है, सबसे बड़ी खासियत इस पत्थर की यही होती हैl यह हर किसी के लिए सकारात्मक प्रभाव से उसके जीवन पर दिखाता है, यह एक अनमोल रत्न है, यह एक अद्वितीय सकारात्मक ऊर्जाओं का शक्तिपुंज है।

यदि आप भी अभिमंत्रित किया हुआ सुलेमानी हकीक प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे नवदुर्गा ज्योतिष केंद्र से पंडित जी द्वारा अभिमंत्रित किया हुआ सुलेमानी हकीक मात्र – 50₹ रत्ती मिल जायेगा जिसका आपको लैब सर्टिफिकेट और गारंटी के साथ में दिया जायेगा (Delevery Charges free) Call and WhatsApp on- 7567233021

 

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