नीलम किस राशि वालों को पहनना चाहिए – Neelam Kis Rashi Walon Ko Pahanna Chahiye

नीलम किस राशि वालों को पहनना चाहिए – Neelam Kis Rashi Walon Ko Pahanna Chahiye

 

नीलम किस राशि वालों को पहनना चाहिए

नीलम किस राशि वालों को पहनना चाहिए इस लेख में हम जानने का प्रयास करेंगे। नीलम जो कि एक प्राकृतिक संसाधन है, इसे एक रत्न के रूप में प्राचीन काल से ही हमारे पूर्वजों के द्वारा उपयोग में लाया जाता रहा है lइसी पद्धति को हमारे द्वारा वर्तमान में भी अनुमोदित किया गया है। हमारे पूर्वजों द्वारा प्रदत विभिन्न प्रकार के विद्याओं में से सबसे सर्वश्रेष्ठ एवं सबसे सटीक गणनाओ की भविष्यवाणी करने वाला विद्या है- ज्योतिष शास्त्रl यह विद्या इतनी अधिक उन्नत है, कि लोगों का भविष्य कैसा होगा? तथा उनके भविष्य में किस प्रकार की घटनाएं घट सकती है? तथा उनका व्यापार क्या होगा उनके धन उपार्जन के विधि क्या होंगे उनका स्वास्थ्य क्या होगा उनकी आर्थिक स्थिति भविष्य में कैसे रहने वाली है, तथा उनका स्वभाव कैसे रहने वाला है?? जैसे विभिन्न पहलुओं पर यह विद्या विस्तृत जानकारी प्रदान करने की क्षमता रखता है।

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केवल किसी के जन्म समय तथा जन्म स्थान के ज्ञात होने के पश्चात उसके बारे में अनगिनत चीजे बताने की क्षमता इस विद्या में होती है, और आपको जानकर आश्चर्य होगा कि शायद ही इसकी कोई भी भविष्यवाणी गलत साबित हो lअन्यथा इसके द्वारा की गई सारी भविष्यवाणियां सही एवं सटीक समय पर घटित होती है, तथा जातक का स्वभाव भी बिल्कुल ऐसा ही होता है, जैसा इसके द्वारा अनुमानित किया जाता हैl प्राचीन काल से ही राजा महाराजाओ ऋषि-मुनियों द्वारा इस विद्या का उपयोग विस्तृत अवस्था में किया जाता था किंतु धीरे-धीरे इस विद्या का लोप होने लगा, फिर भी इस विद्या में पारंगत कुछ लोग अभी भी है, जिनमें असीम शक्तियां विद्वान है, तथा इस विद्या की पर्याप्त जानकारी उन्हें होती है।

इस विद्या माना जाता है, नक्षत्रों, ग्रहों, उपग्रहों का हमारे जीवन पर प्रभाव पड़ता है, तथा उनकी चाल हमें बहुत प्रभावित करती हैl उनकी चाल निर्धारित करती है, कि किसके जीवन में कौन सी घटना घटित होगी एवं कब घटित होगी तथा जो घटना घटने वाली है lउसका प्रभाव उसके जीवन पर सकारात्मक होगा या नकारात्मक होगाl यह भी इनके चाल पर निर्भर करता हैl उसका फल मानव जीवन के ऊपर शुभ पड़ेगा अथवा अशुभ पड़ेगा, तभी विभिन्न चीजें ग्रहों ,नक्षत्रों, उपग्रहों की चाल पर पूरी तरह से निर्भर करता है।

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ज्योतिषीय गणना पूरी तरह से नवग्रहों तथा उनके उपग्रह पर निर्भर करता है, एवं इन ग्रहों तथा उपग्रहों के लिए विभिन्न प्रकार के महारत्न रत्न एवं उपरत्न बताए गए हैं, जिससे हम इन ग्रहों के द्वारा दी जा रही विभिन्न प्रकार की समस्याओं का समाधान इसकी मदद से कर सकेंl इनके द्वारा दी जा रही प्रतिकूल परिस्थितियों को अनुकूल परिस्थितियों में बदल सके तथा जीवन में हम सफलता प्राप्त कर सके, जब तक विभिन्न प्रकार के ग्रहों की बात होती है, तथा उनके रत्नों, उप रत्नों की बात होती है, तब तक लोगों में कोई खास डर या चिंता की भावना देखने को नहीं मिलती है, किंतु जैसे ही लोगों को शनि से संबंधित चीजें बताई जाने लगती है, या उसके रत्नों, उप रत्नों के बारे में बताएं जाने लगते हैं, तो उनके मन में घबराहट होने लगता है ,उनके मन में डर की आहट सुनाई देने लगती है, क्योंकि शनि ग्रह किसी के भी सूक्ष्म से सूक्ष्म कर्म को नहीं भूलते हैं, जी हां नीलम रत्न शनि ग्रह से संबंधित रत्न है, तथा इस में शनि ग्रह के समान ही विभिन्न प्रकार की गुप्त शक्तियां विद्यमान रहती है, तथा यह शनि ग्रह के विभिन्न गुणों को अवशोषित करने की क्षमता रखता है, तथा जिसको भी यह धार जाता हैl

उसकी किस्मत पलट देता है, किंतु यदि किसी को यदि यह रख नहीं धारता तो ऐसी परिस्थिति में उसके जीवन में अनेक विध्वंसक चीजें घटने लगती है, तथा उसकी जिंदगी नरक के समान बन जाती है lयह रत्न सनी के द्वारा दिए जा रहे विभिन्न प्रकार के कष्टों को दूर करने में सक्षम होता है, तथा जिस भी जातक के द्वारा धारण किया जाता है, और उसे यह यदि अनुकूल पड़ीनाम देने लगे तो ऐसी परिस्थिति में उसके जीवन में विभिन्न बदलाव देखने को मिलते हैं, उसे अच्छे-अच्छे समाचार प्राप्त होते हैं lउसके सारे रुके हुए कार्यों का समापन शुरू हो जाता हैl नवीन कार्यों की शुरुआत होती है, उसमें धैर्य क्षमता का विकास होता है।

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विभिन्न प्रकार के कौशलों के निर्माण होने से उसमे गजब का बदलाव देखने को प्राप्त होता है, उसके बोलने ,काम करने का, रहने का ढंग बिल्कुल बदल जाता है, लोग उसके चमत्कारिक व्यक्तित्व की ओर खुद पर खुद खींचे चले आते हैं, क्योंकि यह रत्न उसे आकर्षण शक्ति भी प्रदान करता है lउसके विचार लोगों के दिमाग में घर कर जाते हैंl उसकी बातों को लोग बहुत ही तवज्जो देते हैं, तथा उन पर अमल करते हैं। कुल मिलाकर चारों ओर उसी का बोलबाला रहता हैl वह सामने वाले के ऊपर बहुत प्रभाव डालने की क्षमता रखता हैl विकट से विकट परिस्थिति में भी अपने धैर्य को खोने नहीं देता है lवह मानसिक तौर पर बहुत मजबूत होता है।

इस रत्न को ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार मिथुन राशि ,कन्या राशि, तुला राशि, मकर राशि वाले लोगों को धारण करना चाहिए, यदि यह राशियों के स्वामी के साथ शनि ग्रह का मित्रता का भाव है, तभी उन्हें नीलम रत्न धारण करना चाहिए।

मकर एवं कुंभ लग्न के व्यक्तियों को नीलम रत्न धारण करना चाहिए क्योंकि इससे उन्हें अप्रतिम सफलता प्राप्त होती है।

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यदि जातक की कुंडली में शनि तीसरे भाव में स्थित हो, तो ऐसी परिस्थिति में जातक के द्वारा यह रत्न धारण किया जा सकता हैl किंतु इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि मांसाहार आजीवन आपको वर्जित रखना है।

जिनकी कुंडली में शनि कमजोर हो तथा शुभ भाव में शनि ग्रह स्थित हो तो ऐसी परिस्थिति में नीलम रत्न धारण किया जा सकता है, जिससे अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।

शनि की दशा महादशा अंतर्दशा में भी इस रत्न को धारण किया जा सकता है।

कुछ भी हो किंतु बिना ज्योतिषीय सलाह के इस रत्न को धारण नहीं करना चाहिए, अपनी कुंडली की अच्छे से जांच करवाने के पश्चात ही इसे धारण करें।

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