टाइगर स्टोन किस धातु में पहने – Tigar Stone Kis Dhatu Me Pahne

टाइगर स्टोन किस धातु में पहने – Tigar Stone Kis Dhatu Me Pahne

 

 टाइगर स्टोन किस धातु में पहने –

टाइगर स्टोन किस धातु में पहने- टाइगर स्टोन नाम में ही जिसके बाघ का अस्तित्व हो, उस की शक्ति का वर्णन आप स्वयं कर सकते हैं, उसकी शक्तियां कितनी अधिक एवं प्रबल होंगी तथा कितनी बहु उपयोगी इसके नामकरण से ही हमें ज्ञात हो सकता हैl टाइगर स्टोन देखने में पीले एवं काली धारियों युक्त एक रत्न होता है, जो बिल्कुल देखने में बाघ के नेत्रों के समान होता है, तथा बाघ के शरीर पर जो काली एवं पीली धारियां पाई जाती है, उसी के समान इसका वर्ण होता है।

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बहुत से लोगों के द्वारा टाइगर स्टोन से बने ब्रेसलेट बहुत पसंद होते हैं, जो उनकी काया में उनकी कांति में उनकी सुंदरता को और अधिक कई गुना बढ़ा देते हैं, किंतु इस रत्न का उपयोग केवल बाहरी सुंदरता बढ़ाने के लिए ही नहीं अपितु विभिन्न प्रकार के आकाशीय पिंडों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भी इस रत्न का उपयोग किया जाता है lयह एक तीव्र गति से कार्य करने वाला रत्न है, तथा जिस भी जातक के कार्य अटके हुए हैं, या किसी भी परेशानी या व्याधि से जीवन की नैया पार लगाने के लिए इस रत्न के बहु उपयोगी गुणों का उपयोग किया जाता है।

शत्रु बाधा संबंधित चीजों में यह रत्न बहुत कारगर सिद्ध होता है, तथा शत्रुओं से परेशान व्यक्ति के द्वारा यदि यह रत्न धारण किया जाता है तो स्वयं ही उसके गुप्त शत्रु हो या प्रत्यक्ष शत्रु हो सभी अपने अपने चिंताओं में ही घुल कर परेशान होकर रह जाते हैंl शत्रु बाधा में यह रत्न बहुत कारगर सिद्ध होता है, एवं इस रत्न को धारण करने से जातक का और अब बहुत मजबूत होता है, जिसकी वजह से ऊपरी हवा व्याधि नजर दोष तंत्र मंत्र टोना टोटका आदि सभी चीजें उस पर विफल होती है lयह रत्न इन सभी चीजों का दुष्प्रभाव नष्ट करने की क्षमता रखता है, जिससे जातक का चहु ओर से सुरक्षा प्रदान करता है।

बहुत से लोगों में यह दुविधा रहती है, कि आखिर इस रत्न को किस ग्रह की कृपा प्राप्त करने के लिए धारण किया जा सकता हैl रत्न शास्त्र में यह एक ऐसा रत्न बताया गया है, जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के ग्रहों उपग्रहों की कृपा को प्राप्त करने के लिए किया जाता है, जिस ग्रह से संबंधित कार्य रुके हुए हैं, या जिस ग्रह का गोचर पूरी तरह से किसी जातक की कुंडली में निष्क्रिय हैं, या फिर वह पूरी तरह से सुप्त अवस्था में है, तो ऐसी स्थिति में यह रत्न विधिवत पूर्वक एवं उस विशिष्ट ग्रह के बीज मंत्रों के द्वारा इस रत्न को अभिमंत्रित एवं प्रतिष्ठित कर शुभ बेला में धारण करने से जातक को अप्रतिम रूप से लाभ प्राप्त होता है।

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इस रत्न को धारण करने से जातक में आत्मविश्वास की वृद्धि होती है, तथा आत्म बल भी मजबूत होता है, बहुत से ऐसे व्यक्ति होते हैं, जिनके जीवन में अनेक ऐसी अकस्मिक दुर्घटनाएं घट जाती है, जिसकी वजह से उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह से चरमरा जाती है, या यूं कहें कि फिजूलखर्ची के वजह से उनकी आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो जाती है, ऐसी परिस्थिति में कर्ज से मुक्ति दिलाने के लिए यह रत्न धारण करना बहुत उपयोगी सिद्ध हो सकता है।

इस रत्न को धारण करने से जातक साहसी पराक्रमी निडर होता है, तथा समाज में एक उसे ऊंचा पद प्रतिष्ठा प्राप्त होता हैl वह एक अच्छे जीवन शैली में खुद को डालता है, एवं अनुशासन हीनता उसके जीवन से कोसों दूर रहती है lअपने कार्यों के प्रति वह बहुत शमर्पित रहता है lचाहे वह जिस भी क्षेत्र में कार्यरत रहे अपने कार्यों से वह कभी भी विमुख नहीं होता है, तथा अपने कार्यों को पूर्ण करने में अद्वितीय कौशलों का प्रयोग करl उसे निर्धारित समय पर पूर्ण करता है, घर हो या कार्यस्थल हर जगह उसके द्वारा किए जा रहे कार्यों की एवं विचारों की एवं उसकी खूब सराहना की जाती है, वह एक प्रशंसा का पात्र होता है।

इस रत्न को धारण करने से जातक भ्रामक दुनिया से बाहर निकल कर वास्तविक जीवन जीता है, तथा अपने लक्ष्यों के प्रति वह बहुत समर्पित रहता है, उसके सफलता के मार्ग में आने वाले विभिन्न प्रकार के व्याधि हो या बाधा हो सभी को यह रत्न दूर करता है lइस रत्न को धारण करने से जातक को गुरु ग्रह की भी कृपा प्राप्त होती है, जिससे उसके जीवन में विभिन्न प्रकार के मांगलिक कार्य जैसे शादी विवाह हो या संतान रत्न की प्राप्ति संबंधित चीजें या फिर संतान संबंधित कोई भी समस्या उन सभी का निवारण यह रत्न करता है।

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इस रत्न को धारण करने से जीवन में कभी भी सांसारिक सुखों की कमी नहीं होती है lयह रत्न भौतिक सुख सुविधा के साथ-साथ जातक को विभिन्न प्रकार के ऐश्वर्य एवं विलासिता की चीजें प्रदान करता हैl यह जीवन में आकस्मिक दुर्घटना या किसी भी प्रकार की व्याधि जो आकस्मिक रूप से घटित होती हैl जिससे जातक को बहुत अधिक नुकसान होता है, चाहे वह नुकसान सामाजिक स्तर पर हो या मान सम्मान का नुकसान हो या फिर पैसे संबंधित नुकसान हो या फिर किसी भी प्रकार का नुकसान हो इन सभी को यह पूर्ण रूप से रोकने की क्षमता रखता हैl इसे धारण करने से जातक की आभा कांति में बनती है, इसके साथ-साथ उसे स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त होता है, चाहे वह शारीरिक स्वास्थ्य हो या फिर मानसिक स्वास्थ्य।

इस रत्न में यह खासियत होती है, कि इसे धारण करने से जातक की आर्थिक स्थिति दिनोंदिन सुधरती चली जाती है, जिससे उसके जीवन में रुपए से संबंधित चीजों की कमी नहीं होती हैl यह रत्न आध्यात्मिक गुणों से परिपूर्ण रहता है, तथा जिस भी जातक के द्वारा धारण किया जाता है lउसे अध्यात्म संबंधित चीजों में भी सफलता दिलाता है, तथा धार्मिक चीजों में जातक की सहभागिता भी बहुत अधिक बढ़ती है, एवं उसके बुरे विचार उससे बहुत दूर चले जाते हैं, जिससे उसके आत्मा का मिलन परमात्मा से होने के सारे रास्ते पूरी तरह से साफ हो जाते हैं, उसका संचार तंत्र सुधरता है, जिससे लोगों के साथ सही तालमेल बैठाने में वह पूरी तरह से सक्षम होता है।

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टाइगर स्टोन को धारण करने का सबसे उपयुक्त धातु चांदी को माना जाता है, क्योंकि चांदी चंद्र के समान शीतलता प्रदान करता है, एवं यह बहुत से ग्रहों के दुष्प्रभाव को नष्ट करने में सक्षम होता है, अतः टाइगर स्टोन को जिस भी मनोकामना को पूर्ण करने के लिए या ऐसे भी किसी भी परिस्थिति में यदि किसी भी व्यक्ति के द्वारा धारण किया जा रहा है, तो उससे इस रत्न को चांदी में पिरो कर पहनना चाहिए इसे धारण करने का सबसे अच्छा तरीका है, कि इसकी अंगूठी या पेंडेंट या फिर इसके ब्रेसलेट भी धारण किया जा सकता है।

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