सफेद पुखराज की पहचान – Safed Pukhraj ki Pahchan

सफेद पुखराज की पहचान – Safed Pukhraj ki Pahchan

 

सफेद पुखराज की पहचान

सफेद पुखराज की पहचान कर उसके विशिष्ट गुणों का लाभ उठा सकते हैं, तथा अपने शुक्र ग्रह को मजबूत बना सकते हैं, तथा शुक्र ग्रह से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान भी इस रत्न के द्वारा पाया जा सकता है, इस रत्न की महत्ता हीरे से कम नहीं हैl बहुत से लोगों को पुखराज नाम सुनकर यह उलझन में पड़ जाते हैं, कि पुखराज रत्न तो गुरु ग्रह से संबंधित होता है, किंतु आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि केवल पीला पुखराज ही गुरु से संबंधित होता है, क्योंकि गुरु ग्रह बृहस्पति को केवल पीली चीजों से ही अर्पित किया जाता है, जबकि सफेद चीज है, जो भी होती हैं। वह सभी शुक्र ग्रह से संबंधित होती है, इसलिए सफेद पुखराज रत्न शुक्र ग्रह से संबंधित होता है, ना कि गुरु बृहस्पति ग्रह से।

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वैसे तो ब्रह्मांड में विभिन्न प्रकार के आकाशीय पिंड है, जिनका गोचर जब भी होता है, हमारे जिंदगी में उथल-पुथल मच जाती है, या हमारे जीवन में हर ओर सकारात्मक चीजें होने लगती है, या हर ओर अनुकूल चीजे होने लगती हैl हमारी जीवन की गाड़ी खुशियों के साथ चल पड़ती हैl सभी नव ग्रहों ,नक्षत्रों ,उपग्रहों का हमारे जीवन पर बहुत असर पड़ता हैl इन आकाशीय पिंडों का पूरी तरह से हमारी जिंदगी पर नियंत्रण होता है lइन सभी में से सांसारिक तथा भौतिक वस्तुओं का स्वामी विलासिता का स्वामी शुक्र ग्रह को माना जाता है, जिसका राशि रत्न सफेद पुखराज होता है, या इसे मजबूत करने के लिए बहुत से लोगों के द्वारा हीरा रत्न धारण किया जाता है, वैसे तो सभी ग्रह बहुत सम्माननीय पूजनीय होते हैं, क्योंकि सभी की अपनी एक खासियत होती है।

कभी यह में अच्छे परिणाम देते हैं, तो कभी बुरे परिणाम देते हैं, किंतु हम कुछ उपायों को अपनाकर तथा इनके रत्नों को धारण कर इनकी गति को बढ़ा सकते हैं, तथा इन्हें मजबूत कर सकते हैं, जिससे अपना नकारात्मक प्रभाव यह कम कर दें और हमें सकारात्मक प्रभाव देने लगे, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सफेद पुखराज रत्न शुक्र ग्रह से संबंधित होता है, तथा उसमें शुक्र ग्रह की गुप्त ऊर्जा ओं का समावेशन देखने को मिलता है। सफेद पुखराज शुक्र ग्रह की ओर जाओ को अवशोषित करने की उत्कृष्ट क्षमता रखता है, जो हमारे जीवन को सुगम एवं सर्वश्रेष्ठ बनाता है।

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हमारे द्वारा धारण किया जा रहा रत्न शुद्ध है, अथवा अशुद्ध है, या हमारे द्वारा धारण किया जा रहा रत्न प्राकृतिक रूप से निर्मित है, अथवा कृत्रिम रूप से निर्मित हैl यह जानना बहुत आवश्यक है, क्योंकि रत्न बहुत महंगे मिलते हैं, तथा इनकी गुणवत्ता इन्हें और भी अधिक महत्वपूर्ण बना देती हैl सारे रत्न अपने विशिष्ट गुणों के लिए अमूल्य होते हैं, ऐसे में यदि आप तो पैसे खर्च करते हैं, और आपके द्वारा यदि खरीदा गया रत्न नकली निकलता है, या कृत्रिम रूप से निर्मित निकलता है, तो आप उसके लाभों को पूरी तरह से नहीं पा सकेंगे या आप प्राकृतिक रूप से उपलब्ध रत्नों का लाभ उठाने से वंचित रह जाएंगे क्योंकि कृतिम रूप से निर्मित कोई भी रत्न बस एक कांच का टुकड़ा होता है, जिसमें विभिन्न प्रकार की अशुद्धियों की वजह से वह किसी भी रत्न का स्वरूप ले लेता है, लेकिन उसमें वह प्राकृतिक गुण मौजूद नहीं रहता है, जो की रत्नों को अलौकिक बनाता है ,अद्भुत बनाता है lअतः कुछ मापदंड होते हैं, कुछ पैमाने होते हैं, जिन्हें परख कर आप यह जान सकते हैं, कि आपके द्वारा खरीदा जा रहा रत्न असली है या नकली है, तो आइए जानते हैं, क्या क्या मापदंड हो सकते हैं, असली सफेद पुखराज की पहचान करने के लिए-

1. असली सफेद पुखराज रत्न को जब आप सूर्य की किरणों में रखेंगे तो उससे आपको दूधिया रोशनी उत्सर्जित होती हुई दिखाई देगी। इस रत्न की रौशनी आपको मन को शांत करने वाली होगी आंखों को ठंडक प्रदान करने वाले होती है। इसके ठीक विपरीत कृत्रिम रूप से निर्मित सफेद पुखराज रत्न में गुण मौजूद नहीं रहेगा।

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2.सफेद पुखराज रत्न को जब आप गोबर या मिट्टी से रख लेंगे या उस पर लेप लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ देंगे फिर आप उसको धुलने के बाद देखेंगे कि उसकी चमक और अधिक बढ़ गई है lउसमें और अधिक चमक आ गई है, किंतु कृत्रिम रूप से निर्मित सफेद पुखराज रत्न में ऐसा कुछ नहीं होता हैl इसके विपरीत उस की रंगत बेरंग हो जाती है, तथा वह देखने में बिल्कुल भद्दा लगने लगता हैl उसकी चमक छिन्न हो जाती है।

3. पुखराज असली सफेद पुखराज रत्न को जब आप पर रखेंगे तो यह रत्न बिल्कुल भी दड़केगा नहीं चटकेगा नहीं टूटेगा नहीं तथा इस की रंगत में और अधिक निखार आ जाएगी। यह और अधिक देखने में चमकीला और अधिक आकर्षण पूर्ण दिखने लगेगा और इससे सफेद रोशनी प्रतीत होती हुई दिखाई देगी, जबकि कृत्रिम रूप से निर्मित सफेद पुखराज रत्न को जब आप ताप पर रखेंगे तो देखेंगे, कि वह धीरे-धीरे अपना आकार बदल रहा है, तथा उसमें किसी भी चीज से जब आप उसके ऊपरी सतह को छू लेंगे तो उस पर उसके निशान मौजूद हो जाएंगे, निशान अंकित हो जाएंगे। यह इस बात का प्रमाण होता है, कि वह जो रत्न है, बिल्कुल नकली है, तथा बस बह एक कांच का टुकड़ा है और कुछ नहीं है, और उसे धारण करने से आपको किसी भी प्रकार की ना लाभ होने वाली है, और ना हानि होने वाली हैl बस वह एक दिखावटी सफेद पुखराज रत्न है।

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4. जब आप सफेद पुखराज रत्न को अपने शरीर के किसी भी हिस्से से लगा कर रखेंगे तो आप देखेंगे कि आप को ठंडक महसूस हो रही हैl उसकी शीतलता आपके रोम रोम में समा रही है, तथा आपका मन पुलकित हुए जा रहा है, जबकि कृत्रिम रूप से निर्मित सफेद पुखराज रत्न के साथ ऐसा कुछ भी गुण आपको देखने के लिए नहीं मिलता है।

5.सफेद पुखराज रत्न को जब लकड़ी के टुकड़े से घिसा जाता है, तब इसकी रंगत में और अधिक रिंग निखार देखने को मिलता हैl यह और अधिक चमकीला एवं आकर्षक हो जाता है, जबकि कृत्रिम रूप से निर्मित सफेद पुखराज रत्न को जब हम लकड़ी के टुकड़े से खींचते हैं, तो वह जल्द ही अपना चमक तथा आकर्षण खो देता है, और वह बदरंग हो जाता है, तथा उसमें विभिन्न प्रकार के निशान आदि भी बन जाते हैं।

6. कृत्रिम रूप से निर्मित सफेद पुखराज रत्न का वजन प्राकृतिक रूप से निर्मित सफेद पुखराज रत्न का वजन से बहुत कम होता हैl भले ही वह देखने में प्राकृतिक रूप से निर्मित सफेद पुखराज रत्न से बड़ा हो फिर भी उसका वजन बहुत कम होता हैl इन दोनों के वजनों में बहुत आपको अंतर देखने को मिलेगा।

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