सफेद पुखराज की पहचान – Safed Pukhraj Ki Pahchan

सफेद पुखराज की पहचान – Safed Pukhraj Ki Pahchan

 

सफेद पुखराज की पहचान –

सफेद पुखराज की पहचान को रत्न शास्त्र में भ्रांति भ्रांति तरीके से बताया गया हैl इसकी उपयोगिता भी बहुत सारी बताई गई हैl पूरी सृष्टि वैसे तो विभिन्न प्रकार के संसाधनों से परिपूर्ण हैl यह संसाधन हमारे बहुत काम के होते हैंl इनके बिना हमारी जिंदगी बिल्कुल अधूरी सी है, एवं इनके बिना हमारी जिंदगी रूक सी जाएगीl हम अपने जीवन की कल्पना इन संसाधनों के बगैर नहीं कर सकते हैंl पूरी तरह से हम लोग इन्हीं संसाधनों पर निर्भर होते हैं lउन सभी संसाधनों में से एक संसाधन रत्न भी है, जो प्रचुर मात्रा में पृथ्वी के विभिन्न दुर्लभ स्थानों से प्राप्त होता है, वैसे यह रत्न विभिन्न प्रकार की चट्टानों का रूपांतरित स्वरूप होते हैं, जो अनेक प्रकार के परिस्थितियों से गुजर कर एक रत्न में परिवर्तित हो जाते हैं।

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यह सारे रत्न भौतिक गुणों से परिपूर्ण होते हैं, और ज्योतिष विज्ञान में इन सभी रत्नों का संबंध किसी न किसी ग्रह से बताया गया हैl पौराणिक काल से ही सबसे उन्नत विद्या भारतवर्ष में ज्योतिष शास्त्र को माना गया है, जिसका उपयोग कर आप लोगों का भविष्य जान सकते हैं, तथा वह किन किन बीमारियों या किन किन परिस्थितियों से गुजरेंगे या उनकी आर्थिक स्थिति क्या रहेगी या वह किस पद पर विराजित होंगे, उनकी सामाजिक स्थिति क्या रहेगी, उनके घर परिवार में उनकी स्थिति कैसी रहेगीl उनके भविष्य कैसा होगा, यह सारी चीजों का स्रोत आसानी से हमारे पूर्वजों के द्वारा हमारे जन्म स्थान जन्म का समय एवं जन्म का दिन देख कर बता दिया जाता थाl आज भी लोग इसी पद्धति को अनुकरण कर हमें हमारा भविष्य बताते हैं।

इन रत्नों का उपयोग कर नकारात्मक प्रभाव को बहुत हद तक नियंत्रण करवा देते हैंl इन रत्नों में इतनी शक्ति विद्यमान होती है, कि यह आपका भविष्य बना भी सकते हैं, और बिगाड़ भी सकते हैंl यह परिणाम आपको यदि अच्छे देखते हैं, तो आपको स्वर्णिम भविष्य प्रदान करेंगे किंतु यदि नकारात्मक प्रभाव देंगे तो आपको दिन में भी तारे दिखा देंगेl रत्न तो वैसे बहुत से होते हैं जैसे पन्ना रत्न बुध ग्रह से संबंधित होता है ,नीलम रत्न शनि ग्रह से संबंधित होता है, मूंगा रत्न मंगल ग्रह से संबंधित होता हैl उसी प्रकार पुखराज रत्न गुरु बृहस्पति ग्रह से संबंधित होता है lइस रत्न में विभिन्न प्रकार की गुप्त शक्तियां गुरु बृहस्पति से संबंधित विद्यमान होती हैl गुरु बृहस्पति ग्रह पूरे ब्रह्मांड में सबसे बड़े हैंl आदरणीय हैं, इनका सम्मान हर कोई करता है।

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 इनका राशि रत्न को भी रत्नों का राजा कह कर संबोधित किया जाता है, इनका राशि रत्न पुखराज रत्न होता है, जिसका रंग पीला भी हो सकता है, तथा इसका रंग सफेद भी हो सकता है, बिल्कुल हीरे के समानl यह दोनों प्रकार के रंग हमारे मन को मस्तिष्क को तरोताजा कर देते है, इसकी एक झलक हमारी आंखों को बहुत सुकून देती है, इसलिए किसी भी रत्न का चयन हमें सोच समझ कर करना चाहिएl हमारी कुंडली के किस भाव में कौन सा ग्रह स्थित है, तथा वह अनुकूल परिस्थिति में है, या प्रतिकूल परिस्थिति में हैl इन सभी बातों को ध्यान में रखकर तथा और भी गनणओं के सटीक आकलन के पश्चात ही रत्न धारण करना चाहिए।

पीला पुखराज गुरु ग्रह से संबंधित चीजों में उपयोग किया जाता है, जबकि सफेद पुखराज का उपयोग शुक्र से संबंधित चीजों में किया जाता है lप्रकृति द्वारा प्रदत यह एक अनमोल रत्न हैl यह एक अनोखा रत्न है lदेखने में बिल्कुल चमकदार पारदर्शी होता है, तथा इसकी संरचना बहुत ही संगठित एवं व्यवस्थित होती है, इस रत्न का संयोजक एलुमिनियम, क्लोरीन तथा सिलिकेट होता है, इसका संबंध कोरंडम परिवार से होता है, जिस किसी भी जातक की कुंडली में शुक्र ग्रह अल्प गति से परिणाम दे रहा हो ऐसे में उसकी तीव्रता को बढ़ाने के लिए यह रत्न धारण किया जाता है, जिस प्रकार लोगों के द्वारा हीरा रत्न धारण किया जाता है, ताकि शुक्र की स्थिति को मजबूत बनाया जा सके।

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उसी प्रकार सफेद पुखराज को भी शुक्र की स्थिति को मजबूत बनाने के लिए यह रत्न बहुत पसंद किया जाता है, किंतु बहुत से लोगों के द्वारा इन दोनों में से सबसे अधिक वरीयता हीरे को दी जाती है क्योंकि हीरा एक खास वर्ग को संदर्भित करता हैl वह दिखाता है, कि आप आर्थिक रूप से कितने संपन्न है, और स्त्रियों के लिए हीरो से बनी विभिन्न प्रकार के आभूषण उनके लिए तो प्राणों से भी अधिक प्रिय होते हैं, इसलिए उनके द्वारा सफेद पुखराज तथा हीरा में सबसे अधिक वरीयता हीरा को ही प्राप्त होता है, सफेद पुखराज रत्न को धारण करने से वैवाहिक संबंध मजबूत होते हैंl दांपत्य जीवन सुखी होता है, तथा पति पत्नी के बीच संबंध प्रगाढ़ होता है।

यह रत्न जातक को वैभव ,ऐश्वर्य प्रदान करता हैl इसको धारण करने से आपके जीवन में संपन्नता बनी हुई रहती है, यह कभी भी आपको किसी भी चीज की कमी महसूस नहीं होने देता है lयह रत्न आपके कलात्मक कौशलों का विकास करता है, जैसे -रंग मंचन ,नाटक, फिल्म ,लेखक, साहित्यकार गीतकार संगीतकार आदिl इस रत्न को धारण करने से आपके जीवन में सुख ,समृद्धि एवं खुशियों की वृद्धि होती है, इस रत्न को धारण करने से विभिन्न प्रकार के भौतिक सुखों की संपन्नता आपके घर में बनी हुई रहेगी। इस रत्न को धारण करने से आप में आकर्षण शक्ति उदित होगी, जिससे लोग स्वयं ही आप की ओर आकर्षित होकर आएंगे एवं आपके विचारों को आपकी बातों को काफी महत्व देंगे।

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यह रत्न आपको समाज में एक ऊंचे पद प्रतिष्ठा पर पहुंचने में बहुत मदद करता हैl यह रत्न सुख सुविधाओं तथा विलासिता जैसी चीजों को विस्तृत स्तर पर आपको प्रदान करता है, तथा जीवन का सच्चा सुख आपको प्राप्त होता हैl यदि विवाह में किसी प्रकार से भी देरी हो रही है, तो यह रत्न उस विलंब को हटाने की कोशिश करता है, और शीघ्र ही आपको आपका मनचाहा वर या वधू से विवाह संपन्न होता है, इस रत्न को धारण करने से दिमागी उलझनों से लोगों को छुटकारा मिलता है, तथा वह केंद्रित होकर अपना काम करते हैंl उनमें मानसिक शांति की वृद्धि होती है।

यह रत्न जब अनुकूल प्रभाव देने लगता है, तब आपको यह धन-धान्य से संपन्न व्यक्ति बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ता हैl इस रत्न से आप अपने प्यार को पा सकते हैंl आपके रिश्तो में जो अपनापन मिठास खो गया थाl यह उन सब को पुनः जीवित करने में बहुत योगदान देता है, यह आपके संबंधों को बहुत मजबूत बनाता है।

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