आठ मुखी रुद्राक्ष का महत्व – Aath Mukhi Rudraksha Ka Mahatva

आठ मुखी रुद्राक्ष का महत्व – Aath Mukhi Rudraksha Ka Mahatva

 

आठ मुखी रुद्राक्ष का महत्व –

1. 8 मुखी रुद्राक्ष धारण करने से राहु की स्थिति उत्तम होती है, जिससे व्यक्ति के कल्पनाशील शक्ति मजबूत होती है तथा व्यक्ति श्रेष्ठतम चीजों में संलिप्त रहता हैl व्यक्ति उच्च कोटि का साहित्यकार, उच्च कोटि का दार्शनिक ,अद्भुत गुणों वाला वैज्ञानिक या रहस्यमई विद्याओं का स्वामी के रूप में जाना जाता है lप्रशासनिक विभाग में सफलता के लिए भी 8 मुखी रुद्राक्ष उत्तम माना जाता है, ऐसे लोग जो राजनीति संबंधित चीजों में अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं lउन्हें यह मनका अवश्य धारण करना चाहिए, जिससे उन्हें वाक् सिद्धि की प्राप्ति होती है, तथा वाकपटुता जैसे कौशल का निर्माण होता हैl उनकी वाणी में उनके आचरण में उत्तम बदलाव एवं आकर्षण युक्त बदलाव देखने को मिलते हैं, यह राजयोग प्रदान करने वाला होता है।

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2. 8 मुखी रुद्राक्ष ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी की कृपा देने वाला होता है lमाता के आशीर्वाद से ऐसेगूढ़ रहस्य ,ऐसे गूढ़ विद्याओं को भी व्यक्ति आसानी से प्राप्त कर लेता है, जिसको प्राप्त करने के लिए आम मानव की मानवीय प्रवृत्ति या इतनी उत्कृष्ट नहीं होती जितनी होनी चाहिए lपूरे समाज से ,पूरे भीड़ से हटकर अलग तरह के कार्यों को संपन्न करने की क्षमता व्याप्त होती है, तथा असंभव दिखने का वाले कार्यों को भी यह संभव बना देते हैंl इनमें विलक्षण प्रतिभा देखने को मिलती है lजो इन है बाकी लोगों से भिन्नता प्रदान करती है ,विशिष्टता प्रदान करती हैl

3. अष्ट मुखी रुद्राक्ष भगवान बाबा भैरव की शक्तियों को भी निरूपित करता है lइसे धारण करने से शनिदेव के द्वारा दिए जा रहे किसी भी दुष्प्रभाव को यह पूरी तरह से विफल करने की क्षमता रखता हैl व्यक्ति विशेष के आचरण से अधार्मिक गुण समाप्त होने लगते है lउपयोगकर्ता बहुत ही इमानदारी पूर्वक अपने कार्यों का निर्वहन करता है, तथा न्यायप्रियता जैसे गुण उसके व्यक्तित्व को चार चांद प्रदान करते हैंl समाज में मान -सम्मान भी उसे खूब प्राप्त होता हैl उसकी काया में अद्भुत आकर्षण देखने को मिलता है।

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4. 8 मुखी रुद्राक्ष केतु के द्वारा दिए जा रहे दुष्प्रभाव जैसे- गंदी आदतें, धोखा, फरेब ,अत्याचार एवं कुकृत्य जैसे आचरण विपरीत एवं प्रतिकूल गतिविधियां जो सामाजिक दृष्टिकोण के अंतर्गत निम्न स्तर की होती हैl उन सभी चीजों से व्यक्ति विशेष को सुरक्षा प्रदान करता है, यह उनके कार्यों में होने वाले व्यवधान को पूरी तरह से दूर कर देता है, जिससे उपयोगकर्ताओं के जीवन में कई उत्तम गतिविधियां घटित होती है, जो उसके लिए बहुत ही लाभप्रद होती हैl

5. उपचारात्मक गुणों से परिपूर्ण 8 मुखी रुद्राक्ष कई प्रकार की बीमारियों को पूरी तरह से नष्ट करने की क्षमता रखता हैl यह अद्वितीय औषधि के रूप में कई बीमारियों पर बहुत ही उत्तम लाभ प्रदान करता है, जैसे -मस्तिष्क संबंधित रोग ,फेफड़े संबंधित रोग, पेट ,पैर में किसी प्रकार का विकार ,हड्डी, बाल, नाखून में कोई समस्या या दृष्टि संबंधित दोस, भवे ,हड्डी कान , रीड ,घुटने जोर पर त्रुटि, लिंग संबंधी कोई विकार आदिl इन सभी लोगों में यह बहुत ही लाभप्रद माना जाता है lइस में मौजूद कई ऐसे तत्व होते हैंl जिससे उपर्युक्त वर्णित बीमारियों में व्यक्ति विशेष को लाभ प्राप्त होता है, इसके साथ ही यह उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बहुत अधिक मजबूत बनाता है, तथा शरीर में व्याप्त किसी भी प्रकार की गंदगी को पूरी तरह से नष्ट कर देता है, जिससे हमारा शरीर एवं मस्तिष्क स्वस्थ होता है।

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6. 8 मुखी रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति अनुशासनप्रिय बनता हैl मेहनती, ईमानदार तथा धैर्य प्रवृत्ति एवं नैतिकता जैसे उत्तम गुणों से परिपूर्ण होता है, जो उसे जीवन के विभिन्न क्षेत्र में सफलता दिलाता हैl

7. 8 मुखी रुद्राक्ष धारण करने से राहु-केतु द्वारा निर्माण किए जा रहे कालसर्प जैसे दोष का निवारण होता है तथा पीड़ित व्यक्ति को इस मनका से अद्वितीय लाभ प्राप्त होते हैंl विभिन्न प्रकार के दोषों में काल सर्प दोष का प्रभाव बहुत ही लंबे समय तक माना जाता है, जिसके कारण व्यक्ति का जीवन पूरी तरह से त्रस्त रहता हैl उसे हर क्षेत्र में कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, कोई भी चीज उसे आसानी से प्राप्त नहीं होती हैl जीवन के विभिन्न आयामों में अधिकतर उसे असफलता का ही मुंह देखना पड़ता है, ऐसे कष्टदायक दोस से व्यक्ति विशेष को 8 मुखी रुद्राक्ष के द्वारा सुरक्षा प्रदान किया जा सकता हैl

8. 8 मुखी रुद्राक्ष धारण करने से मूलाधार चक्र सुरक्षित रहता हैl विभिन्न प्रकार के चक्रों में सबसे प्रथम चक्र मूलाधार चक्र को माना जाता है, यदि मूलाधार चक्र में किसी भी प्रकार की त्रुटि उत्पन्न होती है lतभी किसी भी व्यक्ति विशेष को एक छीक तक आती है, यदि मूलाधार चक्र पूरी तरह से सुरक्षित है तो उक्त व्यक्ति को कभी भी शारीरिक तौर पर या मानसिक तौर पर किसी भी तरह की परेशानी नहीं आती हैl यह शरीर की रोग- प्रतिरोधक क्षमता को बहुत ही मजबूत बनाता है, जिससे व्यक्ति विशेष के ऊपर बाहें आवरण या आंतरिक संरचना में किसी भी तरह की संक्रमण या रोग जो विषाणु या किसी भी परजीवी के द्वारा उत्पन्न होते हैं lउन सभी से यह सुरक्षा प्रदान करता है, यह विभिन्न प्रकार की दैहिक चीजों पर नियंत्रण करने में मदद करता है।

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9. ऐसे लोग जिनके जीवन में विफलताओं एवं बाधाओं एवं असफलताओं की सूचियां बहुत लंबी हैl उन्हें 8 मुखी रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए, इससे उन्हें प्रबल भाग्य की प्राप्ति होती है, जिससे उनके द्वारा किए गए पुरुषार्थ का फल उन्हें जल्द ही प्राप्त होने लगता हैl

10. ऐसे लोगों के लिए 8 मुखी रुद्राक्ष वरदान से कम नहीं है जो जीवन के प्रति बहुत अधिक निराश रहते हैं lउनका जीवन बिल्कुल नीरस रहता है, किसी प्रकार की खुशी नहीं रहती है, किसी प्रकार का आनंद नहीं रहता है, किसी भी प्रकार की आशा नहीं रहती हैl ऐसे लोगों के लिए 8 मुखी रुद्राक्ष सबसे उपयुक्त माना जाता है, इससे व्यक्ति में सकारात्मक बदलाव आते हैं, तथा चीजों के प्रति सकारात्मक विचार से उसके आचरण उसके व्यवहार में भी उत्तम बदलाव देखने को मिलते हैंl यह रोजमर्रा के जीवन में आने वाले किसी भी समस्या के लिए उपयुक्त बौद्धिक क्षमता का विकास करता है, जिससे व्यक्ति के समझ एवं ज्ञान बढ़ती है lदूसरों पर से किसी भी चीज के लिए निर्भरता को यह दूर करती है, तथा निर्णायक क्षमता में मजबूती आती हैl

11. यह इच्छा शक्ति को प्रबल बनाता है,तथा जीवन में स्थायित्व को प्रदान करता हैl भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने में भी है बहुत अधिक सहायक होता हैl

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