साथ मुखी रूद्राक्ष की माला – Sath Mukhi Rudraksha ki Mala

साथ मुखी रूद्राक्ष की माला – Sath Mukhi Rudraksha ki Mala

 

सात मुखी रुद्राक्ष की माला – Sath Mukhi

 Rudraksha ki Mala

जिस प्रकार सूर्य ग्रह की सवारी सात घोड़ों के द्वारा की जाती है, तथा सातों घोड़ों के द्वारा भी विभिन्न प्रकार चीजों को प्रदर्शित किया जाता है, जैसे -गति, सफलता ,ताकत ,उन्नति, हर्ष, प्रगति, प्रारब्धता उसी प्रकार सात मुखी रुद्राक्ष (sath mukhi rudraksha ki mala pahnane ke fayde) में व्याप्त साथ रेखाएं अलग-अलग रूपों को अलग-अलग गुणधर्म को निरूपित करती हैl हमारे शरीर में व्याप्त सात चक्रों को सही दिशा में केंद्रित करने के लिए एवं उन्हें नियंत्रण में रखने के लिए इसमें पर्याप्त ऊर्जा विद्मान होती है,जो हमारे जीवन की दिशा एवं दशा बदलने की क्षमता रखते हैंl इस में व्याप्त सप्त ऋषियों की ऊर्जाए किसी भी व्यक्ति को भौतिक तथा आध्यात्मिक चीजों में अपार सफलता दिलाने की क्षमता रखता हैl सात मुखी रुद्राक्ष की माला में सप्त देवताओं की शक्ति का समावेशन होता है, जिस की शक्ति अपार होती हैl

सात मुखी रुद्राक्ष की माला को धारण करने वाले उपयोगकर्ताओं को निम्नलिखित लाभ प्राप्त हो सकते हैं-

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1. सात मुखी रुद्राक्ष (saat mukhi rudraksh pahnane ke fayde) धारण करने वाले व्यक्तियों को कभी भी मानसिक तनाव जैसी स्थिति से नहीं गुजरना पड़ता है lऐसे जातक जो अत्यधिक चिंता से ग्रसित रहते हैं, या उनके स्वभाव में अकारण किसी चीज को लेकर चिंतन की प्रवृत्ति रहती है, तथा घोर चिंता के कारण अवसाद जैसी स्थिति से ग्रसित है या ऐसे लोग जिन्हें किसी ग्रह दोष के कारण अनिद्रा, चिड़चिड़ाहट, चीखना ,चिल्लाना जैसी प्रवृत्ति के शिकार है, या ऐसे लोग जिन्हें डरावने सपने आते हैं, जिसके कारण अच्छी नींद की कमी रहती हैl जिसका प्रभाव उनके दैनिक दिनचर्या को बहुत ही नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है, तो ऐसे लोगों को सात मुखी रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए। रुद्राक्ष विभिन्न प्रकार के ग्रह दोषों का निवारण करता हैl इसके साथ ही यह उक्त व्यक्ति को मानसिक शांति प्राप्त करता हैl मानसिक तौर पर व्यक्ति विशेष की स्थिति मजबूत होती है तथा आवश्यकता से अधिक चिंतन जैसी प्रवृत्ति से निजात प्राप्त होता हैl

2.सात मुखी रुद्राक्ष की माला (saat mukhi rudraksh dharan karne ke fayde) आध्यात्मिक गुणों से परिपूर्ण मानी जाती है, तथा इसमें कई ऐसे उच्च गुणवत्ता वाले स्पंदन होते हैं, जो किसी भी व्यक्ति के आंतरिक संरचना को पूरी तरह से सकारात्मक रूप से परिवर्तित करने की क्षमता रखते हैंl इसे धारण करने से हर प्रकार की नकारात्मक उर्जा से सुरक्षा प्राप्त होती है l

इसे धारण करने से सुरक्षात्मक प्रणाली एवं ऊपरी बाधाओं से भी सुरक्षा प्राप्त होती हैl इसे धारण करने से नजर दोस, तंत्र -मंत्र ,भूत- प्रेत जैसी व्याधाए व्यक्ति विशेष के ऊपर कारगर नहीं होती हैl ऐसे लोग जो आभामंडल से कमजोर है, या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत ही कमजोर होती है, जो किसी भी तरह के मौसमी बदलाव को सहन नहीं कर पाते हैं lऐसे लोगों के द्वारा यदि साथ मुखी रुद्राक्ष (saat mukhi rudraksh dharan karne ke labh) धारण किया जाए lतो उन्हें यह आंतरिक एवं बाहरी दोनों तरह की सुरक्षा प्रदान करता है lउनकी शारीरिक क्षमता काफी दुरुस्त होती है।

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3. साथ मुखी रुद्राक्ष (saat mukhi rudraksh ki mala kaisi hoti hai) धारण करने से ब्रह्मांड के न्याय के प्रमुख न्यायाधीश तथा दंडाधिकारी शनिदेव की कृपा दृष्टि सदैव उपयोगकर्ता के ऊपर बनी रहती है, तथा ऐसे लोग जिनकी शनि की ढैया ,शनि की साढ़ेसाती ,शनि की दशा एवं शनि की महादशा जैसी चीजें चल रही हो तथा उक्त अवस्था के कारण परिस्थितियां बहुत ही गंभीर हो चुकी है, तो ऐसी स्थिति में भी 7 मुखी रुद्राक्ष धारण करना उनके लिए बहुत अधिक लाभप्रद सिद्ध हो सकता हैl

सात मुखी रुद्राक्ष की माला को बिना सिद्ध किए हुए धारण नहीं करना चाहिए lअन्यथा इसके फल से जातक वंचित रह जाता है ,साथ मुखी रुद्राक्ष को किसी भी शुक्ल पक्ष के सोमवार या शिवरात्रि या कोई भी पवित्र तिथि को धारण किया जा सकता हैl सात मुखी रुद्राक्ष (saat mukhi rudraksh mala ka mantra) को गंगाजल तथा पंचामृत आदि से शुद्ध करने के पश्चात गाय का शुद्ध घी का दीपक लगाएंl चंदन का लेप लगाएं तथा बेलपत्र के 21 पत्ते अर्पण करेंl उसके पश्चात llॐ हूं नमःll मंत्र का जाप जितना हो सके उतनी अधिक संख्या में करें मंत्र का जाप उपांशु होना चाहिएl मंत्र जाप की संख्या को जितना हो सके उतना अधिक करें l

इससे आपको अनेक प्रकार के लाभ प्राप्त होंगे तथा रुद्राक्ष की तीव्रता भी बढ़ेगी सात मुखी रुद्राक्ष की माला को अभिमंत्रित करने के पश्चात उसे शिवलिंग को स्पर्श कराकर कुछ देर के लिए मंदिर में ही छोड़ दें तथा मंदिर में भी भगवान भोलेनाथ का मंत्र का कम से कम 51 या 108 संख्या में जाप करेंl उसके पश्चात पंडित जी का आशीर्वाद ले तथा भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लें एवं रुद्राक्ष की माला को धारण कर ले।

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जिस भी तिथि को आप रुद्राक्ष की माला को धारण करेंl उस दिन मजदूर वर्ग को फल या भोजन का दान अवश्य करें या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या वस्त्र भी प्रदान कर सकते हैंl भूल कर भी किसी असहाय व्यक्ति का उपहास उड़ाने से बचें तथा अनावश्यक वाद विवाद जैसी स्थिति को बढ़ावा ना देंl प्रतिदिन भगवान भोलेनाथ का मंत्र का जाप अवश्य करें lयदि सुबह- शाम दोनों समय मंत्रों का जाप किया जाए तो और अधिक उत्तम लाभ को प्राप्त होंगे तथा जीवन के विभिन्न क्षेत्र में आपको सकारात्मक प्रभाव ही दिखेगाl

साथ मुखी रुद्राक्ष (saat mukhi rudraksh mala se kya hota hai) धारण करने के पश्चात कभी भी झूठ फरेब जैसी घृणास्पद विचार मन में नहीं लाने चाहिए तथा दूसरों के प्रति अपने विचारों को मलीन नहीं होना देना चाहिएl सात मुखी रुद्राक्ष को धारण करके कभी भी किसी की मृत्यु सभा में शामिल नहीं होना चाहिए या शमशान जैसे स्थल पर इसे धारण करके नहीं जाना चाहते चाहिए इसे शिशु के जन्म के समय भी धारण नहीं करना चाहिए तथा जब तक शिशु के विभिन्न संस्कारों की पूजा ना हो जाए lतब तक उस गृह में या उस कमरे में रुद्राक्ष की माला को धारण करके नहीं जाना चाहिएl अन्यथा इसकी अखंडता, इसकी पवित्रता खंडित होने का डर रहता हैl

Note :- सात मुखी रुद्राक्ष आप हमारे संस्थान नव दुर्गा ज्योतिष केंद्र के माध्यम से मंगवा सकते हैंl यह आपको पूरी तरीके से सिद्ध किया हुआ दिया जाएगाl
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